धारा 525 · ऐसे मामले जिनमें न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट की व्यक्तिगत रुचि हो।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
कोई भी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट, अपने न्यायालय से अपील किए जाने वाले न्यायालय की अनुमति के बिना, किसी ऐसे मामले की सुनवाई या परीक्षण के लिए सौंपने का कार्य नहीं करेगा जिसमें वह स्वयं पक्षकार हो या व्यक्तिगत रूप से हित रखता हो, और कोई भी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट अपने द्वारा पारित या दिए गए किसी भी निर्णय या आदेश के विरुद्ध अपील की सुनवाई नहीं करेगा।
स्पष्टीकरण। ---किसी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को किसी मामले में केवल इस आधार पर पक्षकार या व्यक्तिगत रूप से हितधारक नहीं माना जाएगा कि वह उसमें सार्वजनिक क्षमता से शामिल है, या केवल इस आधार पर कि उसने उस स्थान का निरीक्षण किया है जहां कथित रूप से कोई अपराध किया गया है, या किसी अन्य स्थान का निरीक्षण किया है जहां मामले से संबंधित कोई अन्य महत्वपूर्ण लेन-देन कथित रूप से हुआ है, और मामले के संबंध में कोई जांच की है।
स्पष्टीकरण। ---किसी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को किसी मामले में केवल इस आधार पर पक्षकार या व्यक्तिगत रूप से हितधारक नहीं माना जाएगा कि वह उसमें सार्वजनिक क्षमता से शामिल है, या केवल इस आधार पर कि उसने उस स्थान का निरीक्षण किया है जहां कथित रूप से कोई अपराध किया गया है, या किसी अन्य स्थान का निरीक्षण किया है जहां मामले से संबंधित कोई अन्य महत्वपूर्ण लेन-देन कथित रूप से हुआ है, और मामले के संबंध में कोई जांच की है।
पुराने कानून में
BNSS 525CRPC 479
479. Case in which Judge or Magistrate is personally interested.
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