धारा 140 · जमानतदारों को अस्वीकार करने का अधिकार।
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(1) मजिस्ट्रेट किसी भी प्रस्तावित जमानतदार को स्वीकार करने से इनकार कर सकता है, या इस अध्याय के तहत उसके द्वारा या उसके पूर्ववर्ती द्वारा पहले स्वीकार किए गए किसी भी जमानतदार को इस आधार पर अस्वीकार कर सकता है कि ऐसा जमानतदार जमानत बांड के प्रयोजनों के लिए अनुपयुक्त व्यक्ति है:
बशर्ते कि किसी भी ऐसे जमानतदार को स्वीकार करने से इनकार करने या अस्वीकार करने से पहले, वह स्वयं शपथ पर जमानतदार की योग्यता की जांच करेगा, या अपने अधीनस्थ मजिस्ट्रेट द्वारा ऐसी जांच करवाएगा और उस पर एक रिपोर्ट तैयार करवाएगा।
(2) ऐसा मजिस्ट्रेट जाँच करने से पहले ज़मानतदार और ज़मानत देने वाले व्यक्ति को उचित सूचना देगा और जाँच करते समय उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों का सार दर्ज करेगा।
(3) यदि मजिस्ट्रेट, अपने समक्ष या उपधारा (1) के अधीन नियुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और ऐसे मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट (यदि कोई हो) पर विचार करने के बाद संतुष्ट हो जाता है कि जमानतदार जमानत बांड के प्रयोजनों के लिए अनुपयुक्त व्यक्ति है, तो वह ऐसे जमानतदार को स्वीकार करने से इनकार करने या अस्वीकार करने का आदेश देगा, जैसा भी मामला हो, और ऐसा करने के कारणों को दर्ज करेगा।
बशर्ते कि किसी पूर्व में स्वीकृत जमानतदार को अस्वीकार करने का आदेश देने से पहले, मजिस्ट्रेट अपने विवेकानुसार समन या वारंट जारी करेगा और उस व्यक्ति को, जिसके लिए जमानतदार बाध्य है, अपने समक्ष उपस्थित होने या लाए जाने का आदेश देगा।
बशर्ते कि किसी भी ऐसे जमानतदार को स्वीकार करने से इनकार करने या अस्वीकार करने से पहले, वह स्वयं शपथ पर जमानतदार की योग्यता की जांच करेगा, या अपने अधीनस्थ मजिस्ट्रेट द्वारा ऐसी जांच करवाएगा और उस पर एक रिपोर्ट तैयार करवाएगा।
(2) ऐसा मजिस्ट्रेट जाँच करने से पहले ज़मानतदार और ज़मानत देने वाले व्यक्ति को उचित सूचना देगा और जाँच करते समय उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों का सार दर्ज करेगा।
(3) यदि मजिस्ट्रेट, अपने समक्ष या उपधारा (1) के अधीन नियुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और ऐसे मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट (यदि कोई हो) पर विचार करने के बाद संतुष्ट हो जाता है कि जमानतदार जमानत बांड के प्रयोजनों के लिए अनुपयुक्त व्यक्ति है, तो वह ऐसे जमानतदार को स्वीकार करने से इनकार करने या अस्वीकार करने का आदेश देगा, जैसा भी मामला हो, और ऐसा करने के कारणों को दर्ज करेगा।
बशर्ते कि किसी पूर्व में स्वीकृत जमानतदार को अस्वीकार करने का आदेश देने से पहले, मजिस्ट्रेट अपने विवेकानुसार समन या वारंट जारी करेगा और उस व्यक्ति को, जिसके लिए जमानतदार बाध्य है, अपने समक्ष उपस्थित होने या लाए जाने का आदेश देगा।
पुराने कानून में
BNSS 140CRPC 121
121.Power to reject sureties.
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