बीएनएसएस → सीआरपीसी
2 प्रविष्टियाँ
जमानतदारों को अस्वीकार करने का अधिकार।
(1) मजिस्ट्रेट किसी भी प्रस्तावित जमानतदार को स्वीकार करने से इनकार कर सकता है, या इस अध्याय के तहत उसके द्वारा या उसके पूर्ववर्ती द्वारा पहले स्वीकार किए गए किसी भी जमानतदार को इस आधार पर अस्वीकार कर सकता है कि ऐसा जमानतदार जमानत बांड के प्रयोजनों के लिए अनुपयुक्त व्यक्ति है: बशर्ते कि किसी भी ऐसे जमानतदार को स्वीकार…
पूरा पढ़ेंधारा 121. प्रतिभुओं को नामंजूर करने की शक्ति
121. प्रतिभुओं को नामंजूर करने की शक्ति (1) कोई मजिस्ट्रेट किसी प्रस्तुत प्रतिभू को स्वीकार करने से इनकार कर सकेगा, या इस अध्याय के अधीन अपने द्वारा या अपने पूर्ववर्ती द्वारा पहले स्वीकार किए गए किसी प्रतिभू को इस आधार पर नामंजूर कर सकेगा कि ऐसा प्रतिभू बंधपत्र के प्रयोजनों के लिए अनुपयुक्त व्यक्ति है: परन्तु ऐसे किसी…
पूरा पढ़ेंमजिस्ट्रेट को लिखित निर्देश आदि प्रदान करने का अधिकार है।
(1) जहाँ मजिस्ट्रेट धारा 158 के अधीन किसी व्यक्ति द्वारा स्थानीय जाँच का निर्देश देता है, वहाँ मजिस्ट्रेट— (क) ऐसे व्यक्ति को ऐसे लिखित निर्देश प्रदान करना जो उसके मार्गदर्शन के लिए आवश्यक प्रतीत हों; (ख) यह घोषित करें कि स्थानीय जांच के लिए आवश्यक व्यय का पूरा या कोई हिस्सा किसके द्वारा भुगतान किया जाएगा। (2) ऐसे…
पूरा पढ़ेंधारा 140. लिखित अनुदेश आदि देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
140. लिखित अनुदेश आदि देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति (1) जहां मजिस्ट्रेट धारा 139 के अधीन किसी व्यक्ति द्वारा स्थानीय अन्वेषण का निदेश देता है, वहां मजिस्ट्रेट— (क) ऐसे व्यक्ति को ऐसे लिखित अनुदेश दे सकेगा, जो उसके मार्गदर्शन के लिए आवश्यक प्रतीत हों; (ख) यह घोषित कर सकेगा कि स्थानीय अन्वेषण के आवश्यक व्ययों का संपूर्ण…
पूरा पढ़ें- BNSS §140CRPC §121बदलाव हुआ
जमानतदारों को अस्वीकार करने का अधिकार।
धारा 121. प्रतिभुओं को नामंजूर करने की शक्ति
- BNSS §159CRPC §140
मजिस्ट्रेट को लिखित निर्देश आदि प्रदान करने का अधिकार है।
धारा 140. लिखित अनुदेश आदि देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
