धारा 497 · कुछ मामलों में मुकदमे की सुनवाई लंबित रहने के दौरान संपत्ति की हिरासत और निपटान के लिए आदेश।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जब किसी जांच, पूछताछ या मुकदमे के दौरान किसी आपराधिक न्यायालय या संज्ञान लेने या मामले को सुनवाई के लिए भेजने के लिए अधिकृत मजिस्ट्रेट के समक्ष कोई संपत्ति प्रस्तुत की जाती है, तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट जांच, पूछताछ या मुकदमे के निष्कर्ष तक ऐसी संपत्ति की उचित अभिरक्षा के लिए ऐसा आदेश दे सकता है जैसा वह उचित समझे, और यदि संपत्ति शीघ्र और स्वाभाविक रूप से क्षय होने वाली है, या यदि ऐसा करना अन्यथा उचित हो, तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट, आवश्यक समझे जाने वाले साक्ष्य दर्ज करने के बाद, उसे बेचने या अन्यथा निपटाने का आदेश दे सकता है।
स्पष्टीकरण। ---इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए, "संपत्ति" में निम्नलिखित शामिल हैं---
(क) किसी भी प्रकार की संपत्ति या दस्तावेज जो न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है या जो न्यायालय की हिरासत में है;
(ख) कोई भी संपत्ति जिसके संबंध में कोई अपराध किया गया प्रतीत होता है या जिसका उपयोग किसी अपराध को करने के लिए किया गया प्रतीत होता है।
(2) न्यायालय या मजिस्ट्रेट, उपधारा (1) में निर्दिष्ट संपत्ति को अपने समक्ष प्रस्तुत किए जाने के चौदह दिनों के भीतर, ऐसी संपत्ति का विवरण तैयार करेगा, जिसमें राज्य सरकार द्वारा नियमों के माध्यम से निर्धारित प्रारूप और तरीके से उसका वर्णन होगा।
(3) न्यायालय या मजिस्ट्रेट उपधारा (1) में निर्दिष्ट संपत्ति का फोटो और यदि आवश्यक हो तो मोबाइल फोन या किसी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर वीडियो बनवाएगा।
(4) उपधारा (2) के तहत तैयार किया गया बयान और उपधारा (3) के तहत ली गई तस्वीर या वीडियोग्राफी को संहिता के तहत किसी भी जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
(5) न्यायालय या मजिस्ट्रेट, उपधारा (2) के तहत बयान तैयार किए जाने और उपधारा (3) के तहत फोटो या वीडियोग्राफी लिए जाने के तीस दिनों के भीतर, संपत्ति के निपटान, विनाश, ज़ब्ती या सुपुर्दगी का आदेश देगा, जैसा कि इसके बाद निर्दिष्ट किया गया है।
स्पष्टीकरण। ---इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए, "संपत्ति" में निम्नलिखित शामिल हैं---
(क) किसी भी प्रकार की संपत्ति या दस्तावेज जो न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है या जो न्यायालय की हिरासत में है;
(ख) कोई भी संपत्ति जिसके संबंध में कोई अपराध किया गया प्रतीत होता है या जिसका उपयोग किसी अपराध को करने के लिए किया गया प्रतीत होता है।
(2) न्यायालय या मजिस्ट्रेट, उपधारा (1) में निर्दिष्ट संपत्ति को अपने समक्ष प्रस्तुत किए जाने के चौदह दिनों के भीतर, ऐसी संपत्ति का विवरण तैयार करेगा, जिसमें राज्य सरकार द्वारा नियमों के माध्यम से निर्धारित प्रारूप और तरीके से उसका वर्णन होगा।
(3) न्यायालय या मजिस्ट्रेट उपधारा (1) में निर्दिष्ट संपत्ति का फोटो और यदि आवश्यक हो तो मोबाइल फोन या किसी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर वीडियो बनवाएगा।
(4) उपधारा (2) के तहत तैयार किया गया बयान और उपधारा (3) के तहत ली गई तस्वीर या वीडियोग्राफी को संहिता के तहत किसी भी जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
(5) न्यायालय या मजिस्ट्रेट, उपधारा (2) के तहत बयान तैयार किए जाने और उपधारा (3) के तहत फोटो या वीडियोग्राफी लिए जाने के तीस दिनों के भीतर, संपत्ति के निपटान, विनाश, ज़ब्ती या सुपुर्दगी का आदेश देगा, जैसा कि इसके बाद निर्दिष्ट किया गया है।
पुराने कानून में
BNSS 497CRPC 451
451. Order for custody and disposal of property pending trial in certain cases.
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