बीएनएसएस → सीआरपीसी
1 प्रविष्टियाँ
त्रुटि, चूक या अनियमितता के कारण निर्णय या सजा को पलटा जा सकता है।
(1) इसमें पूर्वोक्त प्रावधानों के अधीन रहते हुए, सक्षम न्यायालय द्वारा पारित किसी भी निर्णय, सजा या आदेश को अपील न्यायालय, पुष्टिकरण न्यायालय या पुनरीक्षण न्यायालय द्वारा शिकायत, सम्मन, वारंट, उद्घोषणा, आदेश, निर्णय या अन्य कार्यवाही में, मुकदमे से पहले या उसके दौरान, या इस संहिता के अंतर्गत किसी भी जांच या अन्य…
पूरा पढ़ेंधारा 465. निष्कर्ष या दंडादेश किस दशा में त्रुटि, लोप या अनियमितता के कारण उलटा जा सकेगा
465. निष्कर्ष या दंडादेश किस दशा में त्रुटि, लोप या अनियमितता के कारण उलटा जा सकेगा (1) इसमें इससे पूर्व अंतर्विष्ट उपबंधों के अधीन रहते हुए, सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय द्वारा पारित कोई निष्कर्ष, दंडादेश या आदेश, परिवाद, समन, वारंट, उद्घोषणा, आदेश, निर्णय या विचारण के पूर्व या उसके दौरान की अन्य कार्यवाहियों में,…
पूरा पढ़ें- BNSS §511CRPC §465
त्रुटि, चूक या अनियमितता के कारण निर्णय या सजा को पलटा जा सकता है।
धारा 465. निष्कर्ष या दंडादेश किस दशा में त्रुटि, लोप या अनियमितता के कारण उलटा जा सकेगा
