The Companies Act, 2013 74अध्याय V · Acceptance of Deposits by Companies
धारा 74 · इस अधिनियम के लागू होने से पहले स्वीकार की गई जमा राशि आदि का पुनर्भुगतान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले किसी कंपनी द्वारा स्वीकार की गई किसी जमा राशि के संबंध में, ऐसी जमा राशि या उसका कोई भाग या उस पर देय कोई ब्याज प्रारंभ होने तक बकाया रहता है या उसके बाद किसी भी समय देय हो जाता है, तो कंपनी
(क) ऐसी शुरुआत से या ऐसे भुगतानों की देय तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर, रजिस्ट्रार के पास कंपनी द्वारा स्वीकार किए गए सभी जमाओं और उन पर बकाया राशियों का ब्याज सहित विवरण प्रस्तुत करना, साथ ही ऐसे पुनर्भुगतान के लिए किए गए प्रबंधों का विवरण भी देना, भले ही उस समय लागू किसी अन्य कानून में या जमा स्वीकार किए जाने की शर्तों और नियमों के अधीन या किसी कानून के तहत बनाई गई किसी योजना में कुछ भी निहित हो; और
1 [(ख) ऐसे प्रारंभ होने की तिथि से या ऐसी भुगतान देय तिथि से, जो भी पहले हो, एक वर्ष के भीतर चुकाना होगा।
बशर्ते कि ऐसे किसी भी निवेदन का नवीनीकरण अध्याय V और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।]
(2) न्यायाधिकरण, कंपनी द्वारा किए गए आवेदन पर, कंपनी की वित्तीय स्थिति, जमा राशि या उसके भाग तथा उस पर देय ब्याज और ऐसे अन्य मामलों पर विचार करने के बाद, कंपनी को जमा राशि चुकाने के लिए उचित समझे जाने वाला अतिरिक्त समय दे सकता है।
(3) यदि कोई कंपनी उपधारा (1) में निर्दिष्ट समय के भीतर या न्यायाधिकरण द्वारा उपधारा (2) के अधीन अनुमत अतिरिक्त समय के भीतर जमा राशि या उसके किसी भाग या उस पर किसी ब्याज का भुगतान करने में विफल रहती है, तो कंपनी जमा राशि या उसके भाग तथा देय ब्याज के भुगतान के अतिरिक्त एक करोड़ रुपये से कम नहीं बल्कि दस करोड़ रुपये तक के जुर्माने से दंडनीय होगी और कंपनी का प्रत्येक अधिकारी जो दोषी है, सात वर्ष तक के कारावास या पच्चीस लाख रुपये से कम नहीं बल्कि दो करोड़ रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा।
(क) ऐसी शुरुआत से या ऐसे भुगतानों की देय तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर, रजिस्ट्रार के पास कंपनी द्वारा स्वीकार किए गए सभी जमाओं और उन पर बकाया राशियों का ब्याज सहित विवरण प्रस्तुत करना, साथ ही ऐसे पुनर्भुगतान के लिए किए गए प्रबंधों का विवरण भी देना, भले ही उस समय लागू किसी अन्य कानून में या जमा स्वीकार किए जाने की शर्तों और नियमों के अधीन या किसी कानून के तहत बनाई गई किसी योजना में कुछ भी निहित हो; और
1 [(ख) ऐसे प्रारंभ होने की तिथि से या ऐसी भुगतान देय तिथि से, जो भी पहले हो, एक वर्ष के भीतर चुकाना होगा।
बशर्ते कि ऐसे किसी भी निवेदन का नवीनीकरण अध्याय V और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।]
(2) न्यायाधिकरण, कंपनी द्वारा किए गए आवेदन पर, कंपनी की वित्तीय स्थिति, जमा राशि या उसके भाग तथा उस पर देय ब्याज और ऐसे अन्य मामलों पर विचार करने के बाद, कंपनी को जमा राशि चुकाने के लिए उचित समझे जाने वाला अतिरिक्त समय दे सकता है।
(3) यदि कोई कंपनी उपधारा (1) में निर्दिष्ट समय के भीतर या न्यायाधिकरण द्वारा उपधारा (2) के अधीन अनुमत अतिरिक्त समय के भीतर जमा राशि या उसके किसी भाग या उस पर किसी ब्याज का भुगतान करने में विफल रहती है, तो कंपनी जमा राशि या उसके भाग तथा देय ब्याज के भुगतान के अतिरिक्त एक करोड़ रुपये से कम नहीं बल्कि दस करोड़ रुपये तक के जुर्माने से दंडनीय होगी और कंपनी का प्रत्येक अधिकारी जो दोषी है, सात वर्ष तक के कारावास या पच्चीस लाख रुपये से कम नहीं बल्कि दो करोड़ रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 7 वर्ष
- जुर्माना
- ₹10,00,00,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
