The Companies Act, 2013 35अध्याय III · Part I.--Public offer
धारा 35 · विवरणिका में गलत बयानों के लिए नागरिक दायित्व।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी व्यक्ति ने किसी भ्रामक विवरण, या विवरणिका में किसी भ्रामक विषय के समावेशन या अपवर्जन के आधार पर किसी कंपनी की प्रतिभूतियों की सदस्यता ली है और परिणामस्वरूप उसे कोई हानि या क्षति हुई है, तो कंपनी और प्रत्येक व्यक्ति जो--
(क) प्रॉस्पेक्टस जारी होने के समय कंपनी का निदेशक हो;
(ख) ने स्वयं को कंपनी के निदेशक के रूप में प्रॉस्पेक्टस में नामित किए जाने के लिए अधिकृत किया है और उसका नाम कंपनी के निदेशक के रूप में दर्ज है, या उसने तत्काल या कुछ समय अंतराल के बाद ऐसा निदेशक बनने के लिए सहमति दी है;
(ग) कंपनी का प्रमोटर है;
(घ) ने प्रॉस्पेक्टस जारी करने को अधिकृत किया है; और
(ई) धारा 26 की उपधारा (5) में निर्दिष्ट विशेषज्ञ है,
धारा 36 के तहत किसी व्यक्ति को दी जाने वाली किसी भी सजा पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, वह ऐसे नुकसान या क्षति का सामना करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) कोई भी व्यक्ति उपधारा (1) के अधीन उत्तरदायी नहीं होगा, यदि वह सिद्ध कर दे कि--
(क) कि कंपनी के निदेशक बनने के लिए सहमति देने के बाद, उन्होंने प्रॉस्पेक्टस जारी होने से पहले अपनी सहमति वापस ले ली, और यह कि प्रॉस्पेक्टस उनकी अनुमति या सहमति के बिना जारी किया गया था; या
(ख) कि प्रॉस्पेक्टस उनकी जानकारी या सहमति के बिना जारी किया गया था, और इसके जारी होने के बारे में पता चलने पर, उन्होंने तुरंत एक उचित सार्वजनिक सूचना दी कि यह उनकी जानकारी या सहमति के बिना जारी किया गया था।
1 [(ग) कि, विशेषज्ञ द्वारा कथित रूप से दिए गए प्रत्येक भ्रामक कथन के संबंध में, या विशेषज्ञ की रिपोर्ट या मूल्यांकन की प्रतिलिपि या उद्धरण में निहित कथन के संबंध में, वह कथन का सही और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व था, या रिपोर्ट या मूल्यांकन की सही प्रतिलिपि थी, या रिपोर्ट या मूल्यांकन का सही और निष्पक्ष उद्धरण था; और उसके पास यह मानने का उचित आधार था और प्रॉस्पेक्टस जारी होने तक वह मानता रहा कि कथन देने वाला व्यक्ति इसे देने के लिए सक्षम था और उक्त व्यक्ति ने प्रॉस्पेक्टस जारी करने के लिए धारा 26 की उपधारा (5) द्वारा आवश्यक सहमति दी थी और रजिस्ट्रार के पास प्रॉस्पेक्टस की प्रति दाखिल करने से पहले या प्रतिवादी के ज्ञान में, उसके तहत आवंटन से पहले उस सहमति को वापस नहीं लिया था।]
(3) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, यदि यह सिद्ध हो जाए कि किसी कंपनी या किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिभूतियों के आवेदकों को धोखा देने के इरादे से या किसी कपटपूर्ण उद्देश्य से प्रॉस्पेक्टस जारी किया गया है, तो उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक व्यक्ति, बिना किसी दायित्व सीमा के, उन सभी या किसी भी हानि या क्षति के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा जो किसी ऐसे व्यक्ति को हुई हो जिसने ऐसे प्रॉस्पेक्टस के आधार पर प्रतिभूतियों की सदस्यता ली हो।
(क) प्रॉस्पेक्टस जारी होने के समय कंपनी का निदेशक हो;
(ख) ने स्वयं को कंपनी के निदेशक के रूप में प्रॉस्पेक्टस में नामित किए जाने के लिए अधिकृत किया है और उसका नाम कंपनी के निदेशक के रूप में दर्ज है, या उसने तत्काल या कुछ समय अंतराल के बाद ऐसा निदेशक बनने के लिए सहमति दी है;
(ग) कंपनी का प्रमोटर है;
(घ) ने प्रॉस्पेक्टस जारी करने को अधिकृत किया है; और
(ई) धारा 26 की उपधारा (5) में निर्दिष्ट विशेषज्ञ है,
धारा 36 के तहत किसी व्यक्ति को दी जाने वाली किसी भी सजा पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, वह ऐसे नुकसान या क्षति का सामना करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) कोई भी व्यक्ति उपधारा (1) के अधीन उत्तरदायी नहीं होगा, यदि वह सिद्ध कर दे कि--
(क) कि कंपनी के निदेशक बनने के लिए सहमति देने के बाद, उन्होंने प्रॉस्पेक्टस जारी होने से पहले अपनी सहमति वापस ले ली, और यह कि प्रॉस्पेक्टस उनकी अनुमति या सहमति के बिना जारी किया गया था; या
(ख) कि प्रॉस्पेक्टस उनकी जानकारी या सहमति के बिना जारी किया गया था, और इसके जारी होने के बारे में पता चलने पर, उन्होंने तुरंत एक उचित सार्वजनिक सूचना दी कि यह उनकी जानकारी या सहमति के बिना जारी किया गया था।
1 [(ग) कि, विशेषज्ञ द्वारा कथित रूप से दिए गए प्रत्येक भ्रामक कथन के संबंध में, या विशेषज्ञ की रिपोर्ट या मूल्यांकन की प्रतिलिपि या उद्धरण में निहित कथन के संबंध में, वह कथन का सही और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व था, या रिपोर्ट या मूल्यांकन की सही प्रतिलिपि थी, या रिपोर्ट या मूल्यांकन का सही और निष्पक्ष उद्धरण था; और उसके पास यह मानने का उचित आधार था और प्रॉस्पेक्टस जारी होने तक वह मानता रहा कि कथन देने वाला व्यक्ति इसे देने के लिए सक्षम था और उक्त व्यक्ति ने प्रॉस्पेक्टस जारी करने के लिए धारा 26 की उपधारा (5) द्वारा आवश्यक सहमति दी थी और रजिस्ट्रार के पास प्रॉस्पेक्टस की प्रति दाखिल करने से पहले या प्रतिवादी के ज्ञान में, उसके तहत आवंटन से पहले उस सहमति को वापस नहीं लिया था।]
(3) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, यदि यह सिद्ध हो जाए कि किसी कंपनी या किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिभूतियों के आवेदकों को धोखा देने के इरादे से या किसी कपटपूर्ण उद्देश्य से प्रॉस्पेक्टस जारी किया गया है, तो उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक व्यक्ति, बिना किसी दायित्व सीमा के, उन सभी या किसी भी हानि या क्षति के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा जो किसी ऐसे व्यक्ति को हुई हो जिसने ऐसे प्रॉस्पेक्टस के आधार पर प्रतिभूतियों की सदस्यता ली हो।
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