The Companies Act, 2013 225अध्याय XIV · Inspection, Inquiry and Investigation
धारा 225 · जांच का खर्च
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त निरीक्षक द्वारा की गई जांच के व्यय, धारा 214 के अंतर्गत निरीक्षण के व्यय को छोड़कर, प्रथम दृष्ट्या केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे, परन्तु निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा नीचे उल्लिखित सीमा तक प्रतिपूर्ति की जाएगी, अर्थात्:--
(क) धारा 224 के तहत अभियोग में दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति को, या कार्यवाही में क्षतिपूर्ति का भुगतान करने या किसी संपत्ति को वापस करने का आदेश दिए गए व्यक्ति को, उस सीमा तक कि उसी कार्यवाही में उसे उक्त व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया जा सकता है, जैसा कि ऐसे व्यक्ति को दोषी ठहराने वाले न्यायालय द्वारा, या उसे ऐसी क्षतिपूर्ति का भुगतान करने या ऐसी संपत्ति को वापस करने का आदेश देने वाले न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट किया गया हो;
(ख) कोई भी कंपनी या निगमित निकाय जिसके नाम पर उपर्युक्त कार्यवाही की जाती है, ऐसी कार्यवाही के परिणामस्वरूप उसके द्वारा वसूल की गई किसी भी राशि या संपत्ति की राशि या मूल्य की सीमा तक;
(ग) जब तक कि जांच के परिणामस्वरूप धारा 224 के तहत अभियोग शुरू न किया जाए,--
(i) निरीक्षक की रिपोर्ट द्वारा निपटाया गया कोई भी कंपनी, निगमित निकाय, प्रबंध निदेशक या प्रबंधक; और
(ii) जांच के लिए आवेदन करने वाले आवेदक, जहां निरीक्षक की नियुक्ति धारा 213 के तहत की गई थी,
उस सीमा तक, जैसा कि केंद्र सरकार निर्देश दे सकती है।
(2) कोई भी राशि जिसके लिए कोई कंपनी या निगमित निकाय उपधारा (1) के खंड (ख) के अधीन उत्तरदायी है, उस खंड में उल्लिखित राशियों या संपत्ति पर प्रथम प्रभार होगी।
(क) धारा 224 के तहत अभियोग में दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति को, या कार्यवाही में क्षतिपूर्ति का भुगतान करने या किसी संपत्ति को वापस करने का आदेश दिए गए व्यक्ति को, उस सीमा तक कि उसी कार्यवाही में उसे उक्त व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया जा सकता है, जैसा कि ऐसे व्यक्ति को दोषी ठहराने वाले न्यायालय द्वारा, या उसे ऐसी क्षतिपूर्ति का भुगतान करने या ऐसी संपत्ति को वापस करने का आदेश देने वाले न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट किया गया हो;
(ख) कोई भी कंपनी या निगमित निकाय जिसके नाम पर उपर्युक्त कार्यवाही की जाती है, ऐसी कार्यवाही के परिणामस्वरूप उसके द्वारा वसूल की गई किसी भी राशि या संपत्ति की राशि या मूल्य की सीमा तक;
(ग) जब तक कि जांच के परिणामस्वरूप धारा 224 के तहत अभियोग शुरू न किया जाए,--
(i) निरीक्षक की रिपोर्ट द्वारा निपटाया गया कोई भी कंपनी, निगमित निकाय, प्रबंध निदेशक या प्रबंधक; और
(ii) जांच के लिए आवेदन करने वाले आवेदक, जहां निरीक्षक की नियुक्ति धारा 213 के तहत की गई थी,
उस सीमा तक, जैसा कि केंद्र सरकार निर्देश दे सकती है।
(2) कोई भी राशि जिसके लिए कोई कंपनी या निगमित निकाय उपधारा (1) के खंड (ख) के अधीन उत्तरदायी है, उस खंड में उल्लिखित राशियों या संपत्ति पर प्रथम प्रभार होगी।
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