The Companies Act, 2013 203अध्याय XIII · Appointment and Remuneration of Managerial Personnel
धारा 203 · प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों की नियुक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) ऐसी कंपनियों के वर्ग या वर्गों से संबंधित प्रत्येक कंपनी में निम्नलिखित पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी होंगे,--
(i) प्रबंध निदेशक, या मुख्य कार्यकारी अधिकारी या प्रबंधक और उनकी अनुपस्थिति में, एक पूर्णकालिक निदेशक;
(ii) कंपनी सचिव; और
(iii) मुख्य वित्तीय अधिकारी :
बशर्ते कि इस अधिनियम के लागू होने की तिथि के बाद किसी व्यक्ति को कंपनी के आर्टिकल्स के अनुसार कंपनी के अध्यक्ष और साथ ही कंपनी के प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर एक ही समय में नियुक्त या पुनर्नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक कि,--
(क) ऐसी कंपनी के नियमों में अन्यथा प्रावधान हो; या
(ख) कंपनी एकाधिक व्यवसाय नहीं चलाती है:
इसके अलावा, प्रथम परंतुक में निहित कोई भी बात उन कंपनियों पर लागू नहीं होगी जो एकाधिक व्यवसायों में लगी हुई हैं और जिन्होंने केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित प्रत्येक व्यवसाय के लिए एक या एक से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को नियुक्त किया है।
(2) किसी कंपनी के प्रत्येक पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक की नियुक्ति बोर्ड के संकल्प द्वारा की जाएगी जिसमें नियुक्ति की शर्तें और नियम, पारिश्रमिक सहित, शामिल होंगे।
(3) पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक एक ही समय में एक से अधिक कंपनी में पद धारण नहीं करेगा, सिवाय उसकी सहायक कंपनी के:
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात किसी प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक को बोर्ड की अनुमति से किसी कंपनी का निदेशक बनने से वंचित नहीं करेगी:
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि पर एक ही समय में एक से अधिक कंपनियों में पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय पद धारण करने वाले व्यक्ति को, प्रारंभ होने की तिथि से छह महीने की अवधि के भीतर, एक कंपनी का चयन करना होगा, जिसमें वे प्रमुख प्रबंधकीय पद पर बने रहना चाहते हैं।
इसके अलावा, कोई कंपनी किसी व्यक्ति को अपना प्रबंध निदेशक नियुक्त या नियोजित कर सकती है, यदि वह एक से अधिक अन्य कंपनी का प्रबंध निदेशक या प्रबंधक न हो, और ऐसी नियुक्ति या नियोजित करना बोर्ड की बैठक में उपस्थित सभी निदेशकों की सहमति से पारित प्रस्ताव द्वारा किया गया हो, और उस बैठक और उसमें प्रस्तुत किए जाने वाले प्रस्ताव की विशिष्ट सूचना उस समय भारत में मौजूद सभी निदेशकों को दी गई हो।
(4) यदि किसी पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक का पद रिक्त हो जाता है, तो परिणामी रिक्ति को बोर्ड द्वारा ऐसी रिक्ति की तिथि से छह माह की अवधि के भीतर बोर्ड की बैठक में भरा जाएगा।
1 [(5) यदि कोई कंपनी इस धारा के प्रावधानों का पालन करने में कोई चूक करती है, तो ऐसी कंपनी पांच लाख रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगी और कंपनी के प्रत्येक निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक जो चूक में हैं, पचास हजार रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होंगे और यदि चूक निरंतर बनी रहती है, तो पहले दिन के बाद प्रत्येक दिन के लिए एक हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन यह जुर्माना पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होगा।]
(i) प्रबंध निदेशक, या मुख्य कार्यकारी अधिकारी या प्रबंधक और उनकी अनुपस्थिति में, एक पूर्णकालिक निदेशक;
(ii) कंपनी सचिव; और
(iii) मुख्य वित्तीय अधिकारी :
बशर्ते कि इस अधिनियम के लागू होने की तिथि के बाद किसी व्यक्ति को कंपनी के आर्टिकल्स के अनुसार कंपनी के अध्यक्ष और साथ ही कंपनी के प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर एक ही समय में नियुक्त या पुनर्नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक कि,--
(क) ऐसी कंपनी के नियमों में अन्यथा प्रावधान हो; या
(ख) कंपनी एकाधिक व्यवसाय नहीं चलाती है:
इसके अलावा, प्रथम परंतुक में निहित कोई भी बात उन कंपनियों पर लागू नहीं होगी जो एकाधिक व्यवसायों में लगी हुई हैं और जिन्होंने केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित प्रत्येक व्यवसाय के लिए एक या एक से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को नियुक्त किया है।
(2) किसी कंपनी के प्रत्येक पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक की नियुक्ति बोर्ड के संकल्प द्वारा की जाएगी जिसमें नियुक्ति की शर्तें और नियम, पारिश्रमिक सहित, शामिल होंगे।
(3) पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक एक ही समय में एक से अधिक कंपनी में पद धारण नहीं करेगा, सिवाय उसकी सहायक कंपनी के:
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात किसी प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक को बोर्ड की अनुमति से किसी कंपनी का निदेशक बनने से वंचित नहीं करेगी:
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि पर एक ही समय में एक से अधिक कंपनियों में पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय पद धारण करने वाले व्यक्ति को, प्रारंभ होने की तिथि से छह महीने की अवधि के भीतर, एक कंपनी का चयन करना होगा, जिसमें वे प्रमुख प्रबंधकीय पद पर बने रहना चाहते हैं।
इसके अलावा, कोई कंपनी किसी व्यक्ति को अपना प्रबंध निदेशक नियुक्त या नियोजित कर सकती है, यदि वह एक से अधिक अन्य कंपनी का प्रबंध निदेशक या प्रबंधक न हो, और ऐसी नियुक्ति या नियोजित करना बोर्ड की बैठक में उपस्थित सभी निदेशकों की सहमति से पारित प्रस्ताव द्वारा किया गया हो, और उस बैठक और उसमें प्रस्तुत किए जाने वाले प्रस्ताव की विशिष्ट सूचना उस समय भारत में मौजूद सभी निदेशकों को दी गई हो।
(4) यदि किसी पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक का पद रिक्त हो जाता है, तो परिणामी रिक्ति को बोर्ड द्वारा ऐसी रिक्ति की तिथि से छह माह की अवधि के भीतर बोर्ड की बैठक में भरा जाएगा।
1 [(5) यदि कोई कंपनी इस धारा के प्रावधानों का पालन करने में कोई चूक करती है, तो ऐसी कंपनी पांच लाख रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगी और कंपनी के प्रत्येक निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक जो चूक में हैं, पचास हजार रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होंगे और यदि चूक निरंतर बनी रहती है, तो पहले दिन के बाद प्रत्येक दिन के लिए एक हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन यह जुर्माना पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होगा।]
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