The Companies Act, 2013 447अध्याय XXIX · Miscellaneous
धारा 447 · धोखाधड़ी के लिए दंड
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी भी ऋण के पुनर्भुगतान सहित किसी भी दायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, कोई भी व्यक्ति जो धोखाधड़ी का दोषी पाया जाता है, [ जिसमें कम से कम दस लाख रुपये या कंपनी के टर्नओवर का एक प्रतिशत, जो भी कम हो], शामिल हो, उसे कम से कम छह महीने से दस साल तक के कारावास से दंडित किया जाएगा और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा जो धोखाधड़ी में शामिल राशि से कम नहीं होगा, लेकिन धोखाधड़ी में शामिल राशि के तीन गुना तक हो सकता है:
बशर्ते कि यदि संबंधित धोखाधड़ी में जनहित शामिल है, तो कारावास की अवधि तीन वर्ष से कम नहीं होगी।
2 [इसके अलावा, यदि धोखाधड़ी में दस लाख रुपये से कम या कंपनी के कारोबार के एक प्रतिशत से कम राशि शामिल है, जो भी कम हो, और इसमें जनहित शामिल नहीं है, तो ऐसी धोखाधड़ी का दोषी व्यक्ति पांच वर्ष तक के कारावास या पचास लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।]
स्पष्टीकरण। -- इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए--
(i) किसी कंपनी या किसी निगमित निकाय के मामलों के संबंध में "धोखाधड़ी" में किसी व्यक्ति द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार से मिलीभगत से किया गया कोई भी कार्य, चूक, किसी तथ्य का छिपाव या पद का दुरुपयोग शामिल है, जिसका उद्देश्य धोखा देना, अनुचित लाभ प्राप्त करना या कंपनी या उसके शेयरधारकों या उसके लेनदारों या किसी अन्य व्यक्ति के हितों को नुकसान पहुंचाना हो, चाहे इससे कोई अनुचित लाभ या अनुचित हानि हुई हो या नहीं;
(ii) "अवैध लाभ" से तात्पर्य उस संपत्ति के अवैध साधनों से प्राप्त लाभ से है जिस पर लाभ प्राप्त करने वाला व्यक्ति कानूनी रूप से हकदार नहीं है;
(iii) "अनुचित हानि" का अर्थ है गैरकानूनी साधनों से संपत्ति की वह हानि जिस पर हानि उठाने वाला व्यक्ति कानूनी रूप से हकदार है।
बशर्ते कि यदि संबंधित धोखाधड़ी में जनहित शामिल है, तो कारावास की अवधि तीन वर्ष से कम नहीं होगी।
2 [इसके अलावा, यदि धोखाधड़ी में दस लाख रुपये से कम या कंपनी के कारोबार के एक प्रतिशत से कम राशि शामिल है, जो भी कम हो, और इसमें जनहित शामिल नहीं है, तो ऐसी धोखाधड़ी का दोषी व्यक्ति पांच वर्ष तक के कारावास या पचास लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।]
स्पष्टीकरण। -- इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए--
(i) किसी कंपनी या किसी निगमित निकाय के मामलों के संबंध में "धोखाधड़ी" में किसी व्यक्ति द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार से मिलीभगत से किया गया कोई भी कार्य, चूक, किसी तथ्य का छिपाव या पद का दुरुपयोग शामिल है, जिसका उद्देश्य धोखा देना, अनुचित लाभ प्राप्त करना या कंपनी या उसके शेयरधारकों या उसके लेनदारों या किसी अन्य व्यक्ति के हितों को नुकसान पहुंचाना हो, चाहे इससे कोई अनुचित लाभ या अनुचित हानि हुई हो या नहीं;
(ii) "अवैध लाभ" से तात्पर्य उस संपत्ति के अवैध साधनों से प्राप्त लाभ से है जिस पर लाभ प्राप्त करने वाला व्यक्ति कानूनी रूप से हकदार नहीं है;
(iii) "अनुचित हानि" का अर्थ है गैरकानूनी साधनों से संपत्ति की वह हानि जिस पर हानि उठाने वाला व्यक्ति कानूनी रूप से हकदार है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 10 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹50,00,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
