The Companies Act, 2013 449अध्याय XXIX · Miscellaneous
धारा 449 · झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने पर दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में अन्यथा प्रावधान न होने पर, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी गवाही देता है--
(क) इस अधिनियम के तहत अधिकृत शपथ या प्रतिज्ञान पर किसी भी परीक्षा के दौरान; या
(ख) इस अधिनियम के तहत किसी कंपनी के समापन के संबंध में, या अन्यथा इस अधिनियम के तहत उत्पन्न होने वाले किसी भी मामले के संबंध में, किसी हलफनामे, बयान या शपथ में,
उसे कम से कम तीन वर्ष की कारावास की सजा दी जाएगी, जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, और उस पर दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
(क) इस अधिनियम के तहत अधिकृत शपथ या प्रतिज्ञान पर किसी भी परीक्षा के दौरान; या
(ख) इस अधिनियम के तहत किसी कंपनी के समापन के संबंध में, या अन्यथा इस अधिनियम के तहत उत्पन्न होने वाले किसी भी मामले के संबंध में, किसी हलफनामे, बयान या शपथ में,
उसे कम से कम तीन वर्ष की कारावास की सजा दी जाएगी, जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, और उस पर दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 7 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- ₹10,00,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
