The Companies Act, 2013 378Nअध्याय XXIA · Incorporation of Producer Companies and Other Matters
धारा 378N · अंतरराज्यीय सहकारी समितियों के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के संबंध में प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [378एन. अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के संबंध में प्रावधान.-- (1) धारा 378-ओ में किसी बात के होते हुए भी, उत्पादक कंपनी के निगमन से पहले अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के सभी निदेशक रूपांतरण की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए और इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पद पर बने रहेंगे।
(2) अंतर-राज्यीय सहकारी समिति का प्रत्येक अधिकारी या अन्य कर्मचारी (बोर्ड के निदेशक, अध्यक्ष या प्रबंध निदेशक को छोड़कर) जो रूपांतरण की तिथि से ठीक पहले उसके रोजगार में कार्यरत था, यदि ऐसा अधिकारी या अन्य कर्मचारी उस अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के संबंध में कार्यरत है जो इस अधिनियम के आधार पर उत्पादक कंपनी में निहित हो गई है, तो रूपांतरण की तिथि से उत्पादक कंपनी का अधिकारी या, जैसा भी मामला हो, अन्य कर्मचारी बन जाएगा और उसी कार्यकाल, उसी पारिश्रमिक, उसी शर्तों और दायित्वों और अवकाश, अवकाश यात्रा रियायत, कल्याण योजना, चिकित्सा लाभ योजना, बीमा, भविष्य निधि, अन्य निधियों, सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ग्रेच्युटी और अन्य लाभों के संबंध में उसी अधिकारों और विशेषाधिकारों के साथ उसमें अपना पद या सेवा धारण करेगा जैसा कि वह पूर्ववर्ती अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के अधीन धारण करता यदि उसका उपक्रम उत्पादक कंपनी में निहित नहीं होता और उत्पादक कंपनी के अधिकारी या, जैसा भी मामला हो, अन्य कर्मचारी के रूप में ऐसा करना जारी रखेगा।
(3) जहां अंतर-राज्यीय सहकारी समिति का कोई अधिकारी या अन्य कर्मचारी उप-धारा (2) के तहत उत्पादक कंपनी के रोजगार या सेवा में न रहने का विकल्प चुनता है, तो ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी को त्यागपत्र दिया हुआ माना जाएगा।
(4) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी की सेवाओं का उत्पादक कंपनी को हस्तांतरण ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी को इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी मुआवजे का हकदार नहीं बनाएगा और ऐसा कोई दावा किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
(5) अंतर-राज्यीय सहकारी समिति की सेवा से परिवर्तन की तिथि से पहले सेवानिवृत्त हुए अधिकारी और अन्य कर्मचारी, जो किसी भी लाभ, अधिकार या विशेषाधिकार के हकदार हैं, उत्पादक कंपनी से वही लाभ, अधिकार या विशेषाधिकार प्राप्त करने के हकदार होंगे।
(6) अंतर-राज्यीय सहकारी समिति की भविष्य निधि या ग्रेच्युटी निधि के ट्रस्ट और अधिकारियों या कर्मचारियों के कल्याण के लिए बनाए गए अन्य निकाय उत्पादक कंपनी में वही कार्य करते रहेंगे जो अंतर-राज्यीय सहकारी समिति में पहले से किए जा रहे थे और भविष्य निधि या ग्रेच्युटी निधि को दी गई कोई भी कर छूट उत्पादक कंपनी पर लागू होती रहेगी।
(7) इस अधिनियम में या किसी अन्य कानून में, जो उस समय लागू हो, या अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के विनियमों में किसी भी बात के होते हुए भी, बोर्ड का कोई भी निदेशक, अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या कोई अन्य व्यक्ति जो अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के संपूर्ण या उसके व्यवसाय एवं मामलों के पर्याप्त भाग का प्रबंधन करने का हकदार हो, अंतर-राज्यीय सहकारी समिति या उत्पादक कंपनी के विरुद्ध अपने पद की हानि या अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के साथ किए गए किसी भी प्रबंधन अनुबंध की समयपूर्व समाप्ति के लिए किसी भी प्रकार के मुआवजे का हकदार नहीं होगा।
(2) अंतर-राज्यीय सहकारी समिति का प्रत्येक अधिकारी या अन्य कर्मचारी (बोर्ड के निदेशक, अध्यक्ष या प्रबंध निदेशक को छोड़कर) जो रूपांतरण की तिथि से ठीक पहले उसके रोजगार में कार्यरत था, यदि ऐसा अधिकारी या अन्य कर्मचारी उस अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के संबंध में कार्यरत है जो इस अधिनियम के आधार पर उत्पादक कंपनी में निहित हो गई है, तो रूपांतरण की तिथि से उत्पादक कंपनी का अधिकारी या, जैसा भी मामला हो, अन्य कर्मचारी बन जाएगा और उसी कार्यकाल, उसी पारिश्रमिक, उसी शर्तों और दायित्वों और अवकाश, अवकाश यात्रा रियायत, कल्याण योजना, चिकित्सा लाभ योजना, बीमा, भविष्य निधि, अन्य निधियों, सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ग्रेच्युटी और अन्य लाभों के संबंध में उसी अधिकारों और विशेषाधिकारों के साथ उसमें अपना पद या सेवा धारण करेगा जैसा कि वह पूर्ववर्ती अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के अधीन धारण करता यदि उसका उपक्रम उत्पादक कंपनी में निहित नहीं होता और उत्पादक कंपनी के अधिकारी या, जैसा भी मामला हो, अन्य कर्मचारी के रूप में ऐसा करना जारी रखेगा।
(3) जहां अंतर-राज्यीय सहकारी समिति का कोई अधिकारी या अन्य कर्मचारी उप-धारा (2) के तहत उत्पादक कंपनी के रोजगार या सेवा में न रहने का विकल्प चुनता है, तो ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी को त्यागपत्र दिया हुआ माना जाएगा।
(4) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी की सेवाओं का उत्पादक कंपनी को हस्तांतरण ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी को इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी मुआवजे का हकदार नहीं बनाएगा और ऐसा कोई दावा किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
(5) अंतर-राज्यीय सहकारी समिति की सेवा से परिवर्तन की तिथि से पहले सेवानिवृत्त हुए अधिकारी और अन्य कर्मचारी, जो किसी भी लाभ, अधिकार या विशेषाधिकार के हकदार हैं, उत्पादक कंपनी से वही लाभ, अधिकार या विशेषाधिकार प्राप्त करने के हकदार होंगे।
(6) अंतर-राज्यीय सहकारी समिति की भविष्य निधि या ग्रेच्युटी निधि के ट्रस्ट और अधिकारियों या कर्मचारियों के कल्याण के लिए बनाए गए अन्य निकाय उत्पादक कंपनी में वही कार्य करते रहेंगे जो अंतर-राज्यीय सहकारी समिति में पहले से किए जा रहे थे और भविष्य निधि या ग्रेच्युटी निधि को दी गई कोई भी कर छूट उत्पादक कंपनी पर लागू होती रहेगी।
(7) इस अधिनियम में या किसी अन्य कानून में, जो उस समय लागू हो, या अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के विनियमों में किसी भी बात के होते हुए भी, बोर्ड का कोई भी निदेशक, अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या कोई अन्य व्यक्ति जो अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के संपूर्ण या उसके व्यवसाय एवं मामलों के पर्याप्त भाग का प्रबंधन करने का हकदार हो, अंतर-राज्यीय सहकारी समिति या उत्पादक कंपनी के विरुद्ध अपने पद की हानि या अंतर-राज्यीय सहकारी समिति के साथ किए गए किसी भी प्रबंधन अनुबंध की समयपूर्व समाप्ति के लिए किसी भी प्रकार के मुआवजे का हकदार नहीं होगा।
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