MS Act 62अध्याय V · Seafarers
धारा 62 · नाविकों की भर्ती और नियुक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) नाविक को केवल निम्नलिखित द्वारा ही नियुक्त किया जाएगा, ---
(क) इस भाग के अंतर्गत प्रदत्त लाइसेंस प्राप्त भर्ती एवं नियुक्ति सेवा एजेंसी; या
(ख) भारतीय पोत के मामले में स्वामी, उनके स्वामित्व वाले पोत के लिए।
(2) कोई भी व्यक्ति,---
(क) भारतीय पोत के स्वामी के अलावा, उसके स्वामित्व वाले पोत के संबंध में, भर्ती और नियुक्ति सेवा का व्यवसाय तब तक नहीं करेगा, जब तक कि उसके पास इस भाग के तहत जारी किया गया वैध लाइसेंस न हो;
(ख) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी नाविक को किसी पोत में तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि नाविक के पास इस भाग के अंतर्गत जारी किया गया सतत निर्वहन प्रमाण पत्र और नाविक पहचान पत्र न हो, सिवाय इसके कि अन्यथा छूट दी गई हो;
(ग) किसी नाविक या नाविक के रूप में प्रशिक्षण या रोजगार चाहने वाले व्यक्ति या उसकी ओर से किसी व्यक्ति से नाविक भर्ती या नियुक्ति या नाविक या नाविक के रूप में प्रशिक्षण या रोजगार चाहने वाले व्यक्ति को जहाज पर प्रशिक्षण या रोजगार प्रदान करने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई पारिश्रमिक या शुल्क या अन्य प्रभार की मांग या प्राप्ति नहीं करेगा: बशर्ते कि नाविक द्वारा चिकित्सा प्रमाण पत्र, निरंतर सेवामुक्ति प्रमाण पत्र या पहचान पत्र और पासपोर्ट या अन्य समान व्यक्तिगत यात्रा दस्तावेजों को प्राप्त करने की लागत नाविक या उसकी ओर से किसी व्यक्ति द्वारा वहन की जा सकती है, लेकिन इसमें वीजा की लागत शामिल नहीं होगी, जो जहाज के मालिक द्वारा वहन की जाएगी;
(घ) किसी भी पोत पर नाविकों की भर्ती और नियुक्ति के संबंध में उनके बीच भेदभाव नहीं करेगा,---
(i) नाविकों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी विशेष संघ में उनकी सदस्यता या सदस्यता न होने के आधार पर;
(ii) उस प्रशिक्षण संस्थान के आधार पर जहाँ से उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया हो या उनके सतत सेवामुक्ति प्रमाण पत्र जारी करने के स्थान के आधार पर।
(3) केंद्र सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, यदि संतुष्ट हो कि राष्ट्रीय हित में या नाविक के हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो लिखित आदेश द्वारा, आदेश में निर्दिष्ट भारतीय पोत के अलावा किसी अन्य पोत के स्वामी या जहाज मालिक या उसके एजेंट को किसी भी व्यक्ति को ऐसे पोत पर नाविक के रूप में सेवा करने के लिए नियुक्त करने से प्रतिबंधित कर सकता है।
(4) उपधारा ( 1 ) के उल्लंघन में लगे नाविक की सेवाओं को भाग IV के तहत प्रमाणन के प्रयोजनों के लिए मान्यता नहीं दी जाएगी।
(5) महानिदेशक किसी नाविक का सतत सेवामुक्ति प्रमाण पत्र, योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र निलंबित या वापस ले सकता है, यदि वह नाविक उपधारा ( 1 ) और उपधारा ( 2 ) के खंड ( क ) का उल्लंघन करते हुए, अपने ज्ञान के साथ, नाविक के रूप में रोजगार प्राप्त करता है या प्राप्त करता है।
बशर्ते कि किसी भी प्रमाण पत्र को निलंबित करने या वापस लेने का कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि नाविक को सुनवाई का उचित अवसर न दिया गया हो।
(6) इस भाग के अंतर्गत प्रदत्त लाइसेंस प्राप्त प्रत्येक भर्ती एवं नियुक्ति सेवा एजेंसी, ---
(क) यह सुनिश्चित करना कि जहाज मालिक के पास परित्यक्त नाविकों को स्वदेश वापस भेजने की वित्तीय क्षमता हो;
(ख) यह सुनिश्चित करना कि जहाज मालिक परित्यक्त नाविकों को उनके भरण-पोषण और आवश्यक चिकित्सा सहायता सहित प्रत्यावर्तन से पहले वापस उनके देश भेज दे;
(ग) मृत्यु की स्थिति में, मृतक नाविक के पार्थिव अवशेषों का परिवहन करना;
(घ) यह सुनिश्चित करना कि जिस पोत पर नाविक को तैनात किया गया है, उस पर श्रम की स्थितियाँ नाविक के रोजगार समझौते के अनुरूप हों;
(ई) यह सुनिश्चित करना कि पोत पर हुई किसी भी घटना, जिसके कारण चोट, लापता होना या मृत्यु हुई हो, की सूचना प्राप्त होने के चौबीस घंटे के भीतर ऐसे प्राधिकारी को, ऐसे प्रपत्र और तरीके से दी जाए जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(f) यह सुनिश्चित करना कि भर्ती एवं नियुक्ति सेवा एजेंसी के माध्यम से भर्ती या नियुक्त किए गए नाविकों से संबंधित रिपोर्टें, जिनमें भर्ती एवं नियुक्ति की शर्तों और नियमों में कोई भी परिवर्तन शामिल है, ऐसे प्राधिकरण को, ऐसे प्रारूप में और ऐसे तरीके से, ऐसे समय के भीतर प्रस्तुत की जाएं जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(जी) ऐसी अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करना जो निर्धारित की जा सकें।
(क) इस भाग के अंतर्गत प्रदत्त लाइसेंस प्राप्त भर्ती एवं नियुक्ति सेवा एजेंसी; या
(ख) भारतीय पोत के मामले में स्वामी, उनके स्वामित्व वाले पोत के लिए।
(2) कोई भी व्यक्ति,---
(क) भारतीय पोत के स्वामी के अलावा, उसके स्वामित्व वाले पोत के संबंध में, भर्ती और नियुक्ति सेवा का व्यवसाय तब तक नहीं करेगा, जब तक कि उसके पास इस भाग के तहत जारी किया गया वैध लाइसेंस न हो;
(ख) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी नाविक को किसी पोत में तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि नाविक के पास इस भाग के अंतर्गत जारी किया गया सतत निर्वहन प्रमाण पत्र और नाविक पहचान पत्र न हो, सिवाय इसके कि अन्यथा छूट दी गई हो;
(ग) किसी नाविक या नाविक के रूप में प्रशिक्षण या रोजगार चाहने वाले व्यक्ति या उसकी ओर से किसी व्यक्ति से नाविक भर्ती या नियुक्ति या नाविक या नाविक के रूप में प्रशिक्षण या रोजगार चाहने वाले व्यक्ति को जहाज पर प्रशिक्षण या रोजगार प्रदान करने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई पारिश्रमिक या शुल्क या अन्य प्रभार की मांग या प्राप्ति नहीं करेगा: बशर्ते कि नाविक द्वारा चिकित्सा प्रमाण पत्र, निरंतर सेवामुक्ति प्रमाण पत्र या पहचान पत्र और पासपोर्ट या अन्य समान व्यक्तिगत यात्रा दस्तावेजों को प्राप्त करने की लागत नाविक या उसकी ओर से किसी व्यक्ति द्वारा वहन की जा सकती है, लेकिन इसमें वीजा की लागत शामिल नहीं होगी, जो जहाज के मालिक द्वारा वहन की जाएगी;
(घ) किसी भी पोत पर नाविकों की भर्ती और नियुक्ति के संबंध में उनके बीच भेदभाव नहीं करेगा,---
(i) नाविकों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी विशेष संघ में उनकी सदस्यता या सदस्यता न होने के आधार पर;
(ii) उस प्रशिक्षण संस्थान के आधार पर जहाँ से उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया हो या उनके सतत सेवामुक्ति प्रमाण पत्र जारी करने के स्थान के आधार पर।
(3) केंद्र सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, यदि संतुष्ट हो कि राष्ट्रीय हित में या नाविक के हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो लिखित आदेश द्वारा, आदेश में निर्दिष्ट भारतीय पोत के अलावा किसी अन्य पोत के स्वामी या जहाज मालिक या उसके एजेंट को किसी भी व्यक्ति को ऐसे पोत पर नाविक के रूप में सेवा करने के लिए नियुक्त करने से प्रतिबंधित कर सकता है।
(4) उपधारा ( 1 ) के उल्लंघन में लगे नाविक की सेवाओं को भाग IV के तहत प्रमाणन के प्रयोजनों के लिए मान्यता नहीं दी जाएगी।
(5) महानिदेशक किसी नाविक का सतत सेवामुक्ति प्रमाण पत्र, योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र निलंबित या वापस ले सकता है, यदि वह नाविक उपधारा ( 1 ) और उपधारा ( 2 ) के खंड ( क ) का उल्लंघन करते हुए, अपने ज्ञान के साथ, नाविक के रूप में रोजगार प्राप्त करता है या प्राप्त करता है।
बशर्ते कि किसी भी प्रमाण पत्र को निलंबित करने या वापस लेने का कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि नाविक को सुनवाई का उचित अवसर न दिया गया हो।
(6) इस भाग के अंतर्गत प्रदत्त लाइसेंस प्राप्त प्रत्येक भर्ती एवं नियुक्ति सेवा एजेंसी, ---
(क) यह सुनिश्चित करना कि जहाज मालिक के पास परित्यक्त नाविकों को स्वदेश वापस भेजने की वित्तीय क्षमता हो;
(ख) यह सुनिश्चित करना कि जहाज मालिक परित्यक्त नाविकों को उनके भरण-पोषण और आवश्यक चिकित्सा सहायता सहित प्रत्यावर्तन से पहले वापस उनके देश भेज दे;
(ग) मृत्यु की स्थिति में, मृतक नाविक के पार्थिव अवशेषों का परिवहन करना;
(घ) यह सुनिश्चित करना कि जिस पोत पर नाविक को तैनात किया गया है, उस पर श्रम की स्थितियाँ नाविक के रोजगार समझौते के अनुरूप हों;
(ई) यह सुनिश्चित करना कि पोत पर हुई किसी भी घटना, जिसके कारण चोट, लापता होना या मृत्यु हुई हो, की सूचना प्राप्त होने के चौबीस घंटे के भीतर ऐसे प्राधिकारी को, ऐसे प्रपत्र और तरीके से दी जाए जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(f) यह सुनिश्चित करना कि भर्ती एवं नियुक्ति सेवा एजेंसी के माध्यम से भर्ती या नियुक्त किए गए नाविकों से संबंधित रिपोर्टें, जिनमें भर्ती एवं नियुक्ति की शर्तों और नियमों में कोई भी परिवर्तन शामिल है, ऐसे प्राधिकरण को, ऐसे प्रारूप में और ऐसे तरीके से, ऐसे समय के भीतर प्रस्तुत की जाएं जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(जी) ऐसी अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करना जो निर्धारित की जा सकें।
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