MS Act 48अध्याय IV · Maritime Education and Training
धारा 48 · प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए परीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार नाविकों के प्रशिक्षण, प्रमाणन और निगरानी मानकों पर सम्मेलन के अनुसार योग्यता रखने वाले व्यक्तियों को इस भाग के अंतर्गत योग्यता या प्रवीणता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों की योग्यता का आकलन और परीक्षण करने के उद्देश्य से परीक्षक के रूप में नियुक्त करेगी।
(2) समुद्री सलाहकार मास्टर और डेक विभाग के कर्मियों के लिए मुख्य परीक्षक होगा और मुख्य सर्वेक्षक इंजन विभाग के कर्मियों के लिए मुख्य परीक्षक होगा:
बशर्ते कि नौकायन सलाहकार और मुख्य सर्वेक्षक की अनुपस्थिति में, केंद्र सरकार किसी भी सर्वेक्षक को मुख्य परीक्षक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत कर सकती है।
(3) योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र के लिए परीक्षा आयोजित करने का तरीका, शुल्क तथा उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त परीक्षकों को भुगतान, ऐसा होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
(4) धारा 46 की उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट जारीकर्ता प्राधिकारी, परीक्षकों द्वारा विधिवत रूप से परीक्षा उत्तीर्ण करने और उस श्रेणी के प्रमाण पत्र के लिए वांछित योग्यता स्तर प्राप्त करने की सूचना दिए गए प्रत्येक आवेदक को योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र प्रदान करेगा, जिसमें उसके संयम, अनुभव, क्षमता और पोत पर सामान्य अच्छे आचरण के संतोषजनक प्रमाण हों।
(5) यदि जारी करने वाला प्राधिकारी परीक्षक की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है, तो वह आवेदक की पुन: परीक्षा की मांग कर सकता है जिसमें आवेदक के प्रमाण पत्रों और चरित्र की जांच शामिल है।
(6) यदि प्रमाण पत्र जारी करने वाले प्राधिकारी को यह प्रतीत होता है कि किसी व्यक्ति ने योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र गलत या त्रुटिपूर्ण जानकारी के आधार पर प्राप्त किया है, या वह अनुशासनहीनता या दुराचार, अक्षमता, या किसी चूक या अपराध या सुरक्षा, संरक्षा या प्रदूषण की रोकथाम से समझौता करने का दोषी है जिससे जीवन, संपत्ति या पर्यावरण को खतरा हो सकता है, तो वह उचित जांच के बाद, आदेश द्वारा, ऐसे प्रमाण पत्र को वापस ले सकता है, निलंबित कर सकता है या रद्द कर सकता है:
इस उपधारा के अंतर्गत कोई भी आदेश प्रमाण पत्र धारक को सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना पारित नहीं किया जाएगा।
(7) जिस व्यक्ति का प्रमाण पत्र उपधारा ( 6 ) के अधीन जारीकर्ता प्राधिकारी द्वारा वापस लिया गया हो, निलंबित किया गया हो या रद्द किया गया हो, वह ऐसे आदेश के विरुद्ध, ऐसी प्रक्रिया के अनुसार, जैसा कि केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा अपीलीय प्राधिकारी के रूप में निर्दिष्ट कर सकती है, ऐसे अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
(8) जब भी इस भाग के अंतर्गत जारी प्रमाण पत्र रखने वाला कोई व्यक्ति जारीकर्ता प्राधिकारी को यह सिद्ध कर दे कि उसने ऐसा प्रमाण पत्र खो दिया है या उसे इससे वंचित कर दिया गया है, तो जारीकर्ता प्राधिकारी, निर्धारित शुल्क के भुगतान पर, प्रमाण पत्र की एक प्रति प्रदान करेगा और ऐसी प्रति मूल प्रमाण पत्र के सभी प्रभाव रखेगी।
(2) समुद्री सलाहकार मास्टर और डेक विभाग के कर्मियों के लिए मुख्य परीक्षक होगा और मुख्य सर्वेक्षक इंजन विभाग के कर्मियों के लिए मुख्य परीक्षक होगा:
बशर्ते कि नौकायन सलाहकार और मुख्य सर्वेक्षक की अनुपस्थिति में, केंद्र सरकार किसी भी सर्वेक्षक को मुख्य परीक्षक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत कर सकती है।
(3) योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र के लिए परीक्षा आयोजित करने का तरीका, शुल्क तथा उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त परीक्षकों को भुगतान, ऐसा होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
(4) धारा 46 की उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट जारीकर्ता प्राधिकारी, परीक्षकों द्वारा विधिवत रूप से परीक्षा उत्तीर्ण करने और उस श्रेणी के प्रमाण पत्र के लिए वांछित योग्यता स्तर प्राप्त करने की सूचना दिए गए प्रत्येक आवेदक को योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र प्रदान करेगा, जिसमें उसके संयम, अनुभव, क्षमता और पोत पर सामान्य अच्छे आचरण के संतोषजनक प्रमाण हों।
(5) यदि जारी करने वाला प्राधिकारी परीक्षक की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है, तो वह आवेदक की पुन: परीक्षा की मांग कर सकता है जिसमें आवेदक के प्रमाण पत्रों और चरित्र की जांच शामिल है।
(6) यदि प्रमाण पत्र जारी करने वाले प्राधिकारी को यह प्रतीत होता है कि किसी व्यक्ति ने योग्यता प्रमाण पत्र या प्रवीणता प्रमाण पत्र गलत या त्रुटिपूर्ण जानकारी के आधार पर प्राप्त किया है, या वह अनुशासनहीनता या दुराचार, अक्षमता, या किसी चूक या अपराध या सुरक्षा, संरक्षा या प्रदूषण की रोकथाम से समझौता करने का दोषी है जिससे जीवन, संपत्ति या पर्यावरण को खतरा हो सकता है, तो वह उचित जांच के बाद, आदेश द्वारा, ऐसे प्रमाण पत्र को वापस ले सकता है, निलंबित कर सकता है या रद्द कर सकता है:
इस उपधारा के अंतर्गत कोई भी आदेश प्रमाण पत्र धारक को सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना पारित नहीं किया जाएगा।
(7) जिस व्यक्ति का प्रमाण पत्र उपधारा ( 6 ) के अधीन जारीकर्ता प्राधिकारी द्वारा वापस लिया गया हो, निलंबित किया गया हो या रद्द किया गया हो, वह ऐसे आदेश के विरुद्ध, ऐसी प्रक्रिया के अनुसार, जैसा कि केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा अपीलीय प्राधिकारी के रूप में निर्दिष्ट कर सकती है, ऐसे अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
(8) जब भी इस भाग के अंतर्गत जारी प्रमाण पत्र रखने वाला कोई व्यक्ति जारीकर्ता प्राधिकारी को यह सिद्ध कर दे कि उसने ऐसा प्रमाण पत्र खो दिया है या उसे इससे वंचित कर दिया गया है, तो जारीकर्ता प्राधिकारी, निर्धारित शुल्क के भुगतान पर, प्रमाण पत्र की एक प्रति प्रदान करेगा और ऐसी प्रति मूल प्रमाण पत्र के सभी प्रभाव रखेगी।
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