MS Act 282अध्याय XIV · Penalties and Procedures
धारा 282 · दंड लगाने का अधिकार और उसकी प्रक्रिया।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 281 की उपधारा ( 2 ) के अधीन दंड लगाने का प्राधिकारी प्रधान अधिकारी होगा।
(2) उपधारा ( 1 ) के तहत दंड लगाने वाले प्रधान अधिकारी के आदेश से पीड़ित कोई भी व्यक्ति ऐसे आदेश की प्राप्ति की तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर महानिदेशक के समक्ष ऐसे प्रपत्र और तरीके से अपील कर सकता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) महानिदेशक अपील प्राप्त होने की तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर ऐसी अपील का निपटारा करेगा।
(4) इस धारा के अंतर्गत ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि पक्षकारों को सुनवाई का उचित अवसर न दिया गया हो।
(5) इस अधिनियम के प्रावधानों का कोई भी उल्लंघन जिसके लिए दंड का प्रावधान किया गया है, इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा नामित अधिकारी द्वारा प्रथम उल्लंघन के लिए समझौता किया जा सकता है।
(6) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, यदि प्रधान अधिकारी या महानिदेशक द्वारा इस भाग के अधीन लगाया गया कोई जुर्माना जमा नहीं किया जाता है, तो वह राशि भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।
(2) उपधारा ( 1 ) के तहत दंड लगाने वाले प्रधान अधिकारी के आदेश से पीड़ित कोई भी व्यक्ति ऐसे आदेश की प्राप्ति की तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर महानिदेशक के समक्ष ऐसे प्रपत्र और तरीके से अपील कर सकता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) महानिदेशक अपील प्राप्त होने की तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर ऐसी अपील का निपटारा करेगा।
(4) इस धारा के अंतर्गत ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि पक्षकारों को सुनवाई का उचित अवसर न दिया गया हो।
(5) इस अधिनियम के प्रावधानों का कोई भी उल्लंघन जिसके लिए दंड का प्रावधान किया गया है, इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा नामित अधिकारी द्वारा प्रथम उल्लंघन के लिए समझौता किया जा सकता है।
(6) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, यदि प्रधान अधिकारी या महानिदेशक द्वारा इस भाग के अधीन लगाया गया कोई जुर्माना जमा नहीं किया जाता है, तो वह राशि भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
