MS Act 3अध्याय I · Preliminary
धारा 3 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,---
(1) "त्यागा हुआ नाविक" से तात्पर्य ऐसे नाविक से है जिसे इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या नाविकों के रोजगार समझौते के प्रावधानों के उल्लंघन में त्यागा हुआ माना जाता है, जहाँ जहाज मालिक---
(क) नाविक की स्वदेश वापसी की लागत को कवर करने में विफल रहता है; या
(ख) नाविक को आवश्यक भरण-पोषण और सहायता से वंचित कर दिया है; या
(ग) अन्यथा नाविक के साथ एकतरफा संबंध तोड़ दिए हैं, जिसमें कम से कम दो महीने की अवधि के लिए संविदात्मक वेतन का भुगतान न करना शामिल है;
(2) "त्यागा हुआ पोत" में निम्नलिखित में से कोई भी शामिल है, अर्थात्:---
(क) ऐसा पोत जिसे पोत स्वामी द्वारा पुनः प्राप्त करने की कोई आशा न होने या उसमें लौटने का कोई इरादा न होने के कारण छोड़ दिया गया हो; या
(ख) ऐसा पोत जिसका कप्तान उसके संचालन के लिए वित्तीय साधनों से वंचित हो; या
(ग) ऐसा पोत जिसका स्वामी अज्ञात हो या उचित समय के भीतर पता न लगाया जा सके, भले ही केंद्र सरकार ने पोत के ध्वज राज्य या पंजीकृत स्वामी या कप्तान के निवास देश के दूतावास को विधिवत सूचित कर दिया हो; या
(घ) ऐसा पोत जिसका स्वामी इस अधिनियम के अंतर्गत नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा, प्रदूषण निवारण या कल्याण सुनिश्चित करने के लिए पोत स्वामी के दायित्वों को पूरा करने में विफल रहता है और जिसका बीमाकर्ता, बचावकर्ता या ठेकेदार केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट उचित समय के भीतर ऐसे दायित्वों को पूरा करने में विफल रहता है; या
(ई) भारत में किसी न्यायालय या सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा प्रतिबंधित पोत, जिसके संबंध में सार्वजनिक प्राधिकरण या न्यायालय द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत जहाज मालिक के दायित्वों को पूरा करने के लिए नियुक्त व्यक्ति, नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा, प्रदूषण की रोकथाम या कल्याण सुनिश्चित करने में विफल रहता है।
स्पष्टीकरण। ---उप-खंड ( घ ) के प्रयोजनों के लिए, जहाज मालिक की ओर से विफलता में जहाज के चार्टरर, प्रबंधक या संचालक की ओर से विफलता भी शामिल होगी;
(3) किसी पोत के संबंध में "एजेंट" का अर्थ स्वामी द्वारा इस रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत व्यक्ति से है और यदि ऐसा पोत बंदरगाह में है, तो एजेंट को बंदरगाह से भी प्राधिकरण प्राप्त होगा;
(4) "एंटी-फाउलिंग सिस्टम कन्वेंशन" से तात्पर्य जहाजों पर हानिकारक एंटी-फाउलिंग सिस्टम के नियंत्रण पर अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन, 2001 से है, जिस पर 5 अक्टूबर, 2001 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(5) "लेखापरीक्षा" का अर्थ है यह निर्धारित करने के लिए एक व्यवस्थित और स्वतंत्र जांच कि क्या सुरक्षा सम्मेलन में प्रदान की गई प्रबंधन प्रणाली नियोजित व्यवस्थाओं का अनुपालन करती है और ऐसी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू की जाती हैं और उक्त सम्मेलन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त हैं;
(6) "बैलास्ट वाटर मैनेजमेंट कन्वेंशन" से तात्पर्य जहाजों के बैलास्ट वाटर और तलछट के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन, 2004 से है, जिस पर 13 फरवरी, 2004 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(7) "आधार रेखा" से तात्पर्य प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 (1976 का 80) की धारा 3 की उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट आधार रेखा से है;
(8) "योग्यता प्रमाण पत्र" या "दक्षता प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 46 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदान किए गए योग्यता प्रमाण पत्र या दक्षता प्रमाण पत्र से है;
(9) "मुख्य जहाज सर्वेक्षक" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) के उपखंड ( iii ) में निर्दिष्ट मुख्य जहाज सर्वेक्षक से है;
(10) "मुख्य सर्वेक्षक" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) के उपखंड ( ii ) में निर्दिष्ट मुख्य सर्वेक्षक से है;
(11) "नागरिक दायित्व सम्मेलन" से तात्पर्य तेल प्रदूषण क्षति के लिए नागरिक दायित्व पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 1992 से है;
(12) "तटीय जल" से तात्पर्य भारत के प्रादेशिक जल के किसी भी भाग से है, साथ ही प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 (1976 का 80) या उस समय लागू किसी अन्य कानून के अर्थ के अंतर्गत भारत के सटे समुद्री क्षेत्रों के किसी भी भाग से है;
(13) "तटों" में खाड़ियों के तट और समुद्र का कोई भाग या नदी का कोई भाग शामिल है जो सामान्य वसंत ज्वार में ज्वार-भाटे के भीतर आता है और बंदरगाह नहीं है (ज्वारीय जल);
(14) "कंपनी" से तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 के खंड ( 20 ) में परिभाषित कंपनी से है;
(15) "सम्मेलन" से तात्पर्य एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से है जिसमें भारत एक पक्षकार है;
(16) "महानिदेशक" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त समुद्री प्रशासन के महानिदेशक से है;
(17) किसी पोत के संबंध में "उपकरण" में नौकाएँ, उपकरण, मशीनरी, बॉयलर, माल ढुलाई उपकरण, पंप और कोई भी फिटिंग, लंगर, प्रणोदक, वस्त्र, फर्नीचर, हर प्रकार के जीवन रक्षक उपकरण, स्पार, मस्तूल, रिगिंग और पाल, कोहरे के संकेत, रोशनी, संकट के संकेत और आकृतियाँ, दवाएँ और चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सामग्री और उपकरण, चार्ट, रेडियो प्रतिष्ठान, आग को रोकने, पता लगाने या बुझाने के उपकरण, बाल्टियाँ, कम्पास, कुल्हाड़ियाँ, लालटेन, लोडिंग और अनलोडिंग गियर और सभी प्रकार के उपकरण और अन्य सभी भंडार और अतिरिक्त सामान या वस्तुएँ जो पोत के संचालन, प्रणोदन, सुरक्षा, प्रदूषण निवारण और सुरक्षा से संबंधित हों या उसके लिए आवश्यक हों;
(18) "मछुआरा" से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है जो किसी भी क्षमता में कार्यरत हो या समुद्र में किसी मछली पकड़ने वाले पोत पर कोई कार्य कर रहा हो, चाहे उसे किसी भी माध्यम से भुगतान किया जाता हो, लेकिन इसमें पायलट या केंद्र सरकार या राज्य सरकार की सेवा में मछली पकड़ने वाले पोत पर कार्यरत व्यक्ति या कोई भी ऐसा व्यक्ति शामिल नहीं है जो केवल तट पर होने पर ऐसे पोत पर काम करता हो;
(19) "मछली पकड़ने वाला पोत" से तात्पर्य ऐसे पोत से है जिसका उपयोग समुद्रों में मछली पकड़ने के उद्देश्य से किया जाता है या किया जाना है;
(20) "सकल टन भार" से तात्पर्य धारा 20 की उपधारा ( 5 ) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सकल टन भार से है;
(21) किसी पोत के संबंध में "उच्च न्यायालय" से तात्पर्य उस उच्च न्यायालय से है जिसके अधिकार क्षेत्र की सीमा के भीतर,---
(क) पोत का पंजीकरण बंदरगाह स्थित है; या
(ख) पोत फिलहाल के लिए है; या
(ग) वाद का कारण, पूर्णतः या आंशिकतः, उत्पन्न होता है;
(22) "भारतीय राजदूत" से तात्पर्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त राजदूत, उच्चायुक्त, उप राजदूत, उप उच्चायुक्त, महावाणिज्यदूत, वाणिज्यदूत, उप वाणिज्यदूत, वाणिज्य दूत या प्रो वाणिज्यदूत से है तथा इसमें केंद्र सरकार द्वारा भारतीय राजदूत के कार्यों को करने के लिए अधिकृत कोई भी व्यक्ति शामिल है;
(23) "भारतीय तटरक्षक बल" से तात्पर्य तटरक्षक बल अधिनियम, 1978 (30 ऑफ 1978) के तहत गठित तटरक्षक बल से है;
(24) "भारतीय पोत" से तात्पर्य ऐसे पोत से है जो धारा 15 के अंतर्गत पंजीकृत है;
(25) "समुद्री दावों के लिए दायित्व की सीमा पर सम्मेलन" से तात्पर्य 19 नवंबर, 1976 को लंदन में हस्ताक्षरित समुद्री दावों के लिए दायित्व की सीमा पर सम्मेलन से है;
(26) "समुद्री श्रम सम्मेलन" से तात्पर्य 23 फरवरी, 2006 को जिनेवा में हस्ताक्षरित समुद्री श्रम सम्मेलन से है;
(27) "एमएआरपीओएल कन्वेंशन" से तात्पर्य जहाजों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन, 1973 से है जिसमें इसका 1978 का प्रोटोकॉल भी शामिल है;
(28) "मास्टर" में कोई भी व्यक्ति (पायलट या हार्बर मास्टर को छोड़कर) शामिल है जो किसी पोत की कमान या प्रभार रखता है;
(29) "बंधक" का अर्थ है किसी पंजीकृत पोत में हित का हस्तांतरण या उसमें हिस्सेदारी, ऋण के रूप में दिए गए या दिए जाने वाले धन, या अन्य मूल्यवान प्रतिफल के भुगतान को सुरक्षित करने के उद्देश्य से, और सुरक्षा बनाने वाला साधन, मौजूदा या भविष्य का ऋण, या किसी ऐसे समझौते का निष्पादन जिससे मौद्रिक दायित्व उत्पन्न हो सकता है;
(30) "नौकायन सलाहकार" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) के उपखंड ( i ) में निर्दिष्ट नौकायन सलाहकार से है;
(31) "अधिसूचना" से तात्पर्य आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" या "अधिसूचित किया गया" शब्द का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(32) किसी पोत के संबंध में "मालिक" से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जिसके पास पोत या पोत में कोई हिस्सा है;
(33) "यात्री" से तात्पर्य किसी पोत पर ले जाए जा रहे किसी भी व्यक्ति से है, सिवाय---
(क) कोई व्यक्ति जो पोत पर पोत के व्यवसाय के लिए किसी भी क्षमता में कार्यरत या संलग्न हो;
(ख) जहाज पर सवार कोई व्यक्ति, या तो जहाज दुर्घटनाग्रस्त, संकटग्रस्त या अन्य व्यक्तियों को ले जाने के लिए मास्टर पर लगाए गए दायित्वों के अनुसरण में, या किसी ऐसी परिस्थिति के कारण जिसे न तो मास्टर और न ही चार्टरर (यदि कोई हो) रोक या पूर्व निर्धारित कर सकता था; और
(ग) एक वर्ष से कम आयु का बच्चा;
(34) "यात्री पोत" से तात्पर्य बारह से अधिक यात्रियों को ले जाने वाले पोत से है;
(35) "प्रदूषण क्षति" से तात्पर्य है,---
(क) पोत से माल, तेल या किसी अन्य सामग्री के रिसाव, उत्सर्जन या निर्वहन के परिणामस्वरूप पोत के बाहर होने वाली हानि या क्षति, चाहे ऐसा रिसाव, उत्सर्जन या निर्वहन कहीं भी हो; या
(ख) पर्यावरण को हुए नुकसान की लागत या निवारक उपायों की लागत और निवारक उपायों के कारण होने वाली अतिरिक्त हानि या क्षति;
(36) "प्रदूषण निवारण सम्मेलन" से तात्पर्य जहाजों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम से संबंधित किसी भी सम्मेलन से है, जिसमें भारत एक पक्ष है, जिसमें एमएआरपीओएल सम्मेलन, एंटी-फाउलिंग सिस्टम सम्मेलन और गिट्टी जल प्रबंधन सम्मेलन शामिल हैं;
(37) "बंदरगाह" में बंदरगाह सुविधा, शिपयार्ड, जहाज तोड़ने के यार्ड, जहाज मरम्मत इकाई, अपतटीय सुविधाएं और टर्मिनल शामिल होंगे;
(38) "बंदरगाह प्राधिकरण",---
(क) किसी प्रमुख बंदरगाह के संबंध में, इसका तात्पर्य प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2021 (1 ऑफ 2021) की धारा 3 के तहत गठित प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण बोर्ड से है;
(ख) किसी अन्य बंदरगाह के संबंध में, इसका तात्पर्य किसी अन्य लागू कानून के तहत बंदरगाहों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह से है;
(ग) किसी टर्मिनल या स्थान के संबंध में जो बंदरगाह का हिस्सा नहीं है, उसका अर्थ उस व्यक्ति से है जिसके पर्यवेक्षण में टर्मिनल या स्थान संचालित होता है;
(39) "बंदरगाह सुविधा" से तात्पर्य किसी भी स्थान या क्षेत्र से है जिसमें लंगरगाह या प्रतीक्षारत बर्थ या समुद्र की ओर से पहुँच शामिल है जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ऐसे नामित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया गया है, जहाँ जहाजों या किसी जहाज और बंदरगाह के बीच संपर्क होता है;
(40) "पंजीकरण बंदरगाह" से तात्पर्य धारा 15 की उपधारा ( 3 ) के अधीन अधिसूचित बंदरगाह या स्थान से है तथा किसी पोत, नौकायन पोत, मछली पकड़ने वाले पोत या किसी अन्य पोत के संबंध में, इसका तात्पर्य उस बंदरगाह से है जिस पर ऐसा पोत पंजीकृत है;
(41) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(42) "प्रधान अधिकारी" से तात्पर्य धारा 11 की उपधारा ( 2 ) के अधीन नियुक्त प्रधान अधिकारी से है;
(43) "कार्यवाही" में इस अधिनियम के अंतर्गत कोई मुकदमा, अपील या आवेदन शामिल है;
(44) "उचित अधिकारी" से तात्पर्य उस अधिकारी से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा बंदरगाह या स्थान पर तथा उन मामलों के संबंध में उचित अधिकारी के रूप में नामित किया गया है जिनका उल्लेख इस अधिनियम में किया गया है;
(45) "उचित वापसी बंदरगाह" से तात्पर्य ऐसे बंदरगाह से है जिस पर नाविक और उसके नियोक्ता द्वारा समझौते में या अन्यथा सहमति व्यक्त की गई हो, या समझौते के अभाव में, वह बंदरगाह जहां नाविक को नियोजित किया गया था या वह पोत में शामिल हुआ था;
(46) नाविक के संबंध में "संपत्ति" में व्यक्तिगत सामान शामिल है;
(47) बंदरगाह, टर्मिनल, शिपयार्ड, जहाज मरम्मत सुविधा या जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के संबंध में "स्वागत सुविधाएँ" का अर्थ बंदरगाह टर्मिनल, शिपयार्ड, जहाज मरम्मत सुविधा या जहाज पुनर्चक्रण सुविधा का उपयोग करने वाले जहाजों को किसी भी पदार्थ को उतारने या जमा करने में सक्षम बनाने की सुविधाएँ हैं;
(48) "रजिस्ट्रार" से तात्पर्य धारा 18 में निर्दिष्ट भारतीय पोत के रजिस्ट्रार से है;
(49) "पंजीकृत स्वामी" से तात्पर्य उस व्यक्ति या व्यक्तियों से है जो पोत के स्वामी के रूप में पंजीकृत हैं;
(50) "सुरक्षा सम्मेलन" से तात्पर्य समुद्र में जीवन की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन से है, जिस पर 1 नवंबर, 1974 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे और इसमें इसके प्रोटोकॉल शामिल होंगे;
(51) "पाल पोत" से तात्पर्य किसी आदिम या पारंपरिक रूप से निर्मित लकड़ी के पोत से है जो प्राथमिक रूप से संचालित नहीं होता है, जिसमें केवल पाल के सहारे नेविगेशन के लिए पर्याप्त पाल क्षेत्र होता है, चाहे उसमें यांत्रिक प्रणोदन के साधन लगे हों या नहीं, लेकिन इसमें मनोरंजन नौका शामिल नहीं है;
(52) "बचाव" से तात्पर्य नौगम्य जलक्षेत्रों में या किसी अन्य जलक्षेत्र में खतरे में पड़े किसी पोत या किसी अन्य संपत्ति की सहायता के लिए किए गए किसी भी कार्य या गतिविधि से है;
(53) "बचाव समझौता" से तात्पर्य अंतर्राष्ट्रीय बचाव समझौता, 1989 से है, जिस पर 28 अप्रैल, 1989 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(54) "बचावकर्ता" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति से है जो बचाव अभियान के प्रत्यक्ष संबंध में सेवाएं प्रदान करता है;
(55) किसी पोत के संबंध में "समुद्री यात्रा" से तात्पर्य ऐसे पोत से है जो ऐसे जलक्षेत्रों से परे जा रहा हो या जाने का इरादा रखता हो जिन्हें केंद्र सरकार या राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा अंतर्देशीय जलक्षेत्र घोषित कर सकती है;
(56) "समुद्री यात्री" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति से है जो किसी समुद्री पोत पर किसी भी क्षमता में कार्यरत या संलग्न है या काम करता है, लेकिन इसमें निम्नलिखित शामिल नहीं हैं, ---
(i) कोई व्यक्ति जो किसी युद्धपोत या सैन्य या गैर-वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले किसी सरकारी पोत में किसी भी क्षमता में कार्यरत हो या काम करता हो; या
(ii) कोई अन्य व्यक्ति जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है;
(57) “समुद्री यात्री कल्याण अधिकारी” से तात्पर्य धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अधीन नियुक्त समुद्री यात्री कल्याण अधिकारी से है;
(58) समुद्री सुरक्षा के संबंध में "सुरक्षा" में बंदरगाह सुविधा या जहाजों या समुद्री नौवहन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित किसी व्यक्ति या वस्तु की सुरक्षा के लिए किए गए उपाय शामिल हैं,---
(i) आतंकवाद, तोड़फोड़, अवैध यात्रियों, अवैध प्रवासियों, शरण चाहने वालों, समुद्री डकैती, सशस्त्र डकैती, ज़ब्ती या चोरी के विरुद्ध; और
(ii) समुद्री परिवहन क्षेत्र में सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी अन्य शत्रुतापूर्ण कृत्य या प्रभाव के विरुद्ध,
जहाजों के मालिकों या संचालकों या प्रभारी व्यक्तियों या बंदरगाह सुविधाओं, अपतटीय प्रतिष्ठानों और अन्य समुद्री संगठनों या प्रतिष्ठानों के प्रबंधन के प्रभारी व्यक्तियों द्वारा नियोजित, या केंद्र सरकार द्वारा संचालित;
(59) "जहाज" से तात्पर्य किसी भी जलयान से है, जिसका उपयोग जल में, जल के ऊपर या जल के नीचे नौवहन में किया जाता है या किया जा सकता है; लेकिन इसमें मछली पकड़ने वाला पोत या नौकायन पोत शामिल नहीं है;
(60) "जहाज स्वामी" से तात्पर्य पोत के स्वामी से है, जिसमें पंजीकृत स्वामी और बेयरबोट चार्टरर शामिल हैं;
(61) "शिपिंग मास्टर" से तात्पर्य धारा 12 के अधीन नियुक्त शिपिंग मास्टर से है;
(62) "शिपिंग कार्यालय" से तात्पर्य धारा 12 के अधीन स्थापित शिपिंग कार्यालय से है;
(63) "विशेष व्यापार यात्री" से तात्पर्य विशेष व्यापार यात्री पोत में मौसम डेक या ऊपरी डेक या डेक के बीच के स्थानों में ले जाए जाने वाले यात्री से है, जिसमें आठ से अधिक यात्री बैठ सकते हैं;
(64) "राज्य" से तात्पर्य भारत सहित किसी भी देश से है;
(65) "समुद्री यात्रियों के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणन और निगरानी के मानक सम्मेलन" का अर्थ है समुद्री यात्रियों के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणन और निगरानी के मानकों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 1978, जिस पर 7 जुलाई, 1978 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(66) "सर्वेयर" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) या धारा 9 के अधीन नियुक्त व्यक्ति से है;
(67) "टिंडल" का अर्थ है नौकायन पोत का कमान या प्रभारी व्यक्ति;
(68) "ट्रिब्यूनल" से तात्पर्य धारा 89 की उपधारा ( 1 ) के अधीन गठित ट्रिब्यूनल से है;
(69) "समुद्री यात्रा के लिए अनुपयुक्त पोत" से तात्पर्य ऐसे पोत से है, जिसकी सामग्री, निर्माण और डिज़ाइन, नाविकों की संख्या, विवरण और योग्यता, जिसमें अधिकारी भी शामिल हैं, माल और गिट्टी का वजन, विवरण और भंडारण, उसके पतवार और उपकरण, बॉयलर और मशीनरी की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह प्रस्तावित यात्रा या सेवा के लिए हर तरह से उपयुक्त हो;
(70) "जहाज" में समुद्री वातावरण में उपयोग किए जाने वाले या उपयोग किए जाने में सक्षम प्रत्येक प्रकार के जलयान शामिल हैं, जैसे कि जहाज, नाव, नौकायन पोत, मछली पकड़ने वाला पोत, पनडुब्बी, अर्ध-पनडुब्बी, हाइड्रोफ़ॉइल, गैर-विस्थापन शिल्प, उभयचर शिल्प, विंग-इन-ग्राउंड शिल्प, मनोरंजन शिल्प, बजरा, लाइटर, मोबाइल ऑफशोर ड्रिलिंग यूनिट, मोबाइल ऑफशोर यूनिट, या किसी अन्य प्रकार के, चाहे वे यांत्रिक प्रणोदन के साधनों से सुसज्जित हों या नहीं;
(71) "यात्रा" का अर्थ है पोत के प्रस्थान बंदरगाह या स्थान तथा उसके अंतिम आगमन बंदरगाह या स्थान के बीच का मार्ग, जिसमें बंदरगाह के भीतर की गतिविधियाँ भी शामिल हैं;
(72) "मजदूरी" में पारिश्रमिक शामिल हैं;
(73) समुद्री दुर्घटना के परिणामस्वरूप "मलबे" में निम्नलिखित शामिल हैं, अर्थात्:---
(क) डूबा हुआ या फंसा हुआ पोत; या
(ख) डूबे हुए या फंसे हुए जहाज का कोई भी भाग, जिसमें ऐसी कोई वस्तु, माल या कार्गो शामिल है जो ऐसे जहाज पर है या रहा है;
(ग) समुद्र में फंसे, डूबे या बहते हुए जहाज से खोई हुई कोई वस्तु, माल या कार्गो; या
(घ) कोई ऐसा पोत जो संकट में हो या डूबने वाला हो या जिसके डूबने या फंसने की उचित रूप से उम्मीद की जा सकती हो, जहाँ पोत या खतरे में पड़ी किसी संपत्ति की सहायता के लिए महानिदेशक की संतुष्टि के अनुसार प्रभावी उपाय पहले से ही नहीं किए जा रहे हों।
(1) "त्यागा हुआ नाविक" से तात्पर्य ऐसे नाविक से है जिसे इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या नाविकों के रोजगार समझौते के प्रावधानों के उल्लंघन में त्यागा हुआ माना जाता है, जहाँ जहाज मालिक---
(क) नाविक की स्वदेश वापसी की लागत को कवर करने में विफल रहता है; या
(ख) नाविक को आवश्यक भरण-पोषण और सहायता से वंचित कर दिया है; या
(ग) अन्यथा नाविक के साथ एकतरफा संबंध तोड़ दिए हैं, जिसमें कम से कम दो महीने की अवधि के लिए संविदात्मक वेतन का भुगतान न करना शामिल है;
(2) "त्यागा हुआ पोत" में निम्नलिखित में से कोई भी शामिल है, अर्थात्:---
(क) ऐसा पोत जिसे पोत स्वामी द्वारा पुनः प्राप्त करने की कोई आशा न होने या उसमें लौटने का कोई इरादा न होने के कारण छोड़ दिया गया हो; या
(ख) ऐसा पोत जिसका कप्तान उसके संचालन के लिए वित्तीय साधनों से वंचित हो; या
(ग) ऐसा पोत जिसका स्वामी अज्ञात हो या उचित समय के भीतर पता न लगाया जा सके, भले ही केंद्र सरकार ने पोत के ध्वज राज्य या पंजीकृत स्वामी या कप्तान के निवास देश के दूतावास को विधिवत सूचित कर दिया हो; या
(घ) ऐसा पोत जिसका स्वामी इस अधिनियम के अंतर्गत नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा, प्रदूषण निवारण या कल्याण सुनिश्चित करने के लिए पोत स्वामी के दायित्वों को पूरा करने में विफल रहता है और जिसका बीमाकर्ता, बचावकर्ता या ठेकेदार केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट उचित समय के भीतर ऐसे दायित्वों को पूरा करने में विफल रहता है; या
(ई) भारत में किसी न्यायालय या सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा प्रतिबंधित पोत, जिसके संबंध में सार्वजनिक प्राधिकरण या न्यायालय द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत जहाज मालिक के दायित्वों को पूरा करने के लिए नियुक्त व्यक्ति, नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा, प्रदूषण की रोकथाम या कल्याण सुनिश्चित करने में विफल रहता है।
स्पष्टीकरण। ---उप-खंड ( घ ) के प्रयोजनों के लिए, जहाज मालिक की ओर से विफलता में जहाज के चार्टरर, प्रबंधक या संचालक की ओर से विफलता भी शामिल होगी;
(3) किसी पोत के संबंध में "एजेंट" का अर्थ स्वामी द्वारा इस रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत व्यक्ति से है और यदि ऐसा पोत बंदरगाह में है, तो एजेंट को बंदरगाह से भी प्राधिकरण प्राप्त होगा;
(4) "एंटी-फाउलिंग सिस्टम कन्वेंशन" से तात्पर्य जहाजों पर हानिकारक एंटी-फाउलिंग सिस्टम के नियंत्रण पर अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन, 2001 से है, जिस पर 5 अक्टूबर, 2001 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(5) "लेखापरीक्षा" का अर्थ है यह निर्धारित करने के लिए एक व्यवस्थित और स्वतंत्र जांच कि क्या सुरक्षा सम्मेलन में प्रदान की गई प्रबंधन प्रणाली नियोजित व्यवस्थाओं का अनुपालन करती है और ऐसी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू की जाती हैं और उक्त सम्मेलन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त हैं;
(6) "बैलास्ट वाटर मैनेजमेंट कन्वेंशन" से तात्पर्य जहाजों के बैलास्ट वाटर और तलछट के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन, 2004 से है, जिस पर 13 फरवरी, 2004 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(7) "आधार रेखा" से तात्पर्य प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 (1976 का 80) की धारा 3 की उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट आधार रेखा से है;
(8) "योग्यता प्रमाण पत्र" या "दक्षता प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 46 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदान किए गए योग्यता प्रमाण पत्र या दक्षता प्रमाण पत्र से है;
(9) "मुख्य जहाज सर्वेक्षक" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) के उपखंड ( iii ) में निर्दिष्ट मुख्य जहाज सर्वेक्षक से है;
(10) "मुख्य सर्वेक्षक" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) के उपखंड ( ii ) में निर्दिष्ट मुख्य सर्वेक्षक से है;
(11) "नागरिक दायित्व सम्मेलन" से तात्पर्य तेल प्रदूषण क्षति के लिए नागरिक दायित्व पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 1992 से है;
(12) "तटीय जल" से तात्पर्य भारत के प्रादेशिक जल के किसी भी भाग से है, साथ ही प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 (1976 का 80) या उस समय लागू किसी अन्य कानून के अर्थ के अंतर्गत भारत के सटे समुद्री क्षेत्रों के किसी भी भाग से है;
(13) "तटों" में खाड़ियों के तट और समुद्र का कोई भाग या नदी का कोई भाग शामिल है जो सामान्य वसंत ज्वार में ज्वार-भाटे के भीतर आता है और बंदरगाह नहीं है (ज्वारीय जल);
(14) "कंपनी" से तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 के खंड ( 20 ) में परिभाषित कंपनी से है;
(15) "सम्मेलन" से तात्पर्य एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से है जिसमें भारत एक पक्षकार है;
(16) "महानिदेशक" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त समुद्री प्रशासन के महानिदेशक से है;
(17) किसी पोत के संबंध में "उपकरण" में नौकाएँ, उपकरण, मशीनरी, बॉयलर, माल ढुलाई उपकरण, पंप और कोई भी फिटिंग, लंगर, प्रणोदक, वस्त्र, फर्नीचर, हर प्रकार के जीवन रक्षक उपकरण, स्पार, मस्तूल, रिगिंग और पाल, कोहरे के संकेत, रोशनी, संकट के संकेत और आकृतियाँ, दवाएँ और चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सामग्री और उपकरण, चार्ट, रेडियो प्रतिष्ठान, आग को रोकने, पता लगाने या बुझाने के उपकरण, बाल्टियाँ, कम्पास, कुल्हाड़ियाँ, लालटेन, लोडिंग और अनलोडिंग गियर और सभी प्रकार के उपकरण और अन्य सभी भंडार और अतिरिक्त सामान या वस्तुएँ जो पोत के संचालन, प्रणोदन, सुरक्षा, प्रदूषण निवारण और सुरक्षा से संबंधित हों या उसके लिए आवश्यक हों;
(18) "मछुआरा" से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है जो किसी भी क्षमता में कार्यरत हो या समुद्र में किसी मछली पकड़ने वाले पोत पर कोई कार्य कर रहा हो, चाहे उसे किसी भी माध्यम से भुगतान किया जाता हो, लेकिन इसमें पायलट या केंद्र सरकार या राज्य सरकार की सेवा में मछली पकड़ने वाले पोत पर कार्यरत व्यक्ति या कोई भी ऐसा व्यक्ति शामिल नहीं है जो केवल तट पर होने पर ऐसे पोत पर काम करता हो;
(19) "मछली पकड़ने वाला पोत" से तात्पर्य ऐसे पोत से है जिसका उपयोग समुद्रों में मछली पकड़ने के उद्देश्य से किया जाता है या किया जाना है;
(20) "सकल टन भार" से तात्पर्य धारा 20 की उपधारा ( 5 ) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सकल टन भार से है;
(21) किसी पोत के संबंध में "उच्च न्यायालय" से तात्पर्य उस उच्च न्यायालय से है जिसके अधिकार क्षेत्र की सीमा के भीतर,---
(क) पोत का पंजीकरण बंदरगाह स्थित है; या
(ख) पोत फिलहाल के लिए है; या
(ग) वाद का कारण, पूर्णतः या आंशिकतः, उत्पन्न होता है;
(22) "भारतीय राजदूत" से तात्पर्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त राजदूत, उच्चायुक्त, उप राजदूत, उप उच्चायुक्त, महावाणिज्यदूत, वाणिज्यदूत, उप वाणिज्यदूत, वाणिज्य दूत या प्रो वाणिज्यदूत से है तथा इसमें केंद्र सरकार द्वारा भारतीय राजदूत के कार्यों को करने के लिए अधिकृत कोई भी व्यक्ति शामिल है;
(23) "भारतीय तटरक्षक बल" से तात्पर्य तटरक्षक बल अधिनियम, 1978 (30 ऑफ 1978) के तहत गठित तटरक्षक बल से है;
(24) "भारतीय पोत" से तात्पर्य ऐसे पोत से है जो धारा 15 के अंतर्गत पंजीकृत है;
(25) "समुद्री दावों के लिए दायित्व की सीमा पर सम्मेलन" से तात्पर्य 19 नवंबर, 1976 को लंदन में हस्ताक्षरित समुद्री दावों के लिए दायित्व की सीमा पर सम्मेलन से है;
(26) "समुद्री श्रम सम्मेलन" से तात्पर्य 23 फरवरी, 2006 को जिनेवा में हस्ताक्षरित समुद्री श्रम सम्मेलन से है;
(27) "एमएआरपीओएल कन्वेंशन" से तात्पर्य जहाजों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन, 1973 से है जिसमें इसका 1978 का प्रोटोकॉल भी शामिल है;
(28) "मास्टर" में कोई भी व्यक्ति (पायलट या हार्बर मास्टर को छोड़कर) शामिल है जो किसी पोत की कमान या प्रभार रखता है;
(29) "बंधक" का अर्थ है किसी पंजीकृत पोत में हित का हस्तांतरण या उसमें हिस्सेदारी, ऋण के रूप में दिए गए या दिए जाने वाले धन, या अन्य मूल्यवान प्रतिफल के भुगतान को सुरक्षित करने के उद्देश्य से, और सुरक्षा बनाने वाला साधन, मौजूदा या भविष्य का ऋण, या किसी ऐसे समझौते का निष्पादन जिससे मौद्रिक दायित्व उत्पन्न हो सकता है;
(30) "नौकायन सलाहकार" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) के उपखंड ( i ) में निर्दिष्ट नौकायन सलाहकार से है;
(31) "अधिसूचना" से तात्पर्य आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" या "अधिसूचित किया गया" शब्द का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(32) किसी पोत के संबंध में "मालिक" से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जिसके पास पोत या पोत में कोई हिस्सा है;
(33) "यात्री" से तात्पर्य किसी पोत पर ले जाए जा रहे किसी भी व्यक्ति से है, सिवाय---
(क) कोई व्यक्ति जो पोत पर पोत के व्यवसाय के लिए किसी भी क्षमता में कार्यरत या संलग्न हो;
(ख) जहाज पर सवार कोई व्यक्ति, या तो जहाज दुर्घटनाग्रस्त, संकटग्रस्त या अन्य व्यक्तियों को ले जाने के लिए मास्टर पर लगाए गए दायित्वों के अनुसरण में, या किसी ऐसी परिस्थिति के कारण जिसे न तो मास्टर और न ही चार्टरर (यदि कोई हो) रोक या पूर्व निर्धारित कर सकता था; और
(ग) एक वर्ष से कम आयु का बच्चा;
(34) "यात्री पोत" से तात्पर्य बारह से अधिक यात्रियों को ले जाने वाले पोत से है;
(35) "प्रदूषण क्षति" से तात्पर्य है,---
(क) पोत से माल, तेल या किसी अन्य सामग्री के रिसाव, उत्सर्जन या निर्वहन के परिणामस्वरूप पोत के बाहर होने वाली हानि या क्षति, चाहे ऐसा रिसाव, उत्सर्जन या निर्वहन कहीं भी हो; या
(ख) पर्यावरण को हुए नुकसान की लागत या निवारक उपायों की लागत और निवारक उपायों के कारण होने वाली अतिरिक्त हानि या क्षति;
(36) "प्रदूषण निवारण सम्मेलन" से तात्पर्य जहाजों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम से संबंधित किसी भी सम्मेलन से है, जिसमें भारत एक पक्ष है, जिसमें एमएआरपीओएल सम्मेलन, एंटी-फाउलिंग सिस्टम सम्मेलन और गिट्टी जल प्रबंधन सम्मेलन शामिल हैं;
(37) "बंदरगाह" में बंदरगाह सुविधा, शिपयार्ड, जहाज तोड़ने के यार्ड, जहाज मरम्मत इकाई, अपतटीय सुविधाएं और टर्मिनल शामिल होंगे;
(38) "बंदरगाह प्राधिकरण",---
(क) किसी प्रमुख बंदरगाह के संबंध में, इसका तात्पर्य प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2021 (1 ऑफ 2021) की धारा 3 के तहत गठित प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण बोर्ड से है;
(ख) किसी अन्य बंदरगाह के संबंध में, इसका तात्पर्य किसी अन्य लागू कानून के तहत बंदरगाहों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह से है;
(ग) किसी टर्मिनल या स्थान के संबंध में जो बंदरगाह का हिस्सा नहीं है, उसका अर्थ उस व्यक्ति से है जिसके पर्यवेक्षण में टर्मिनल या स्थान संचालित होता है;
(39) "बंदरगाह सुविधा" से तात्पर्य किसी भी स्थान या क्षेत्र से है जिसमें लंगरगाह या प्रतीक्षारत बर्थ या समुद्र की ओर से पहुँच शामिल है जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ऐसे नामित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया गया है, जहाँ जहाजों या किसी जहाज और बंदरगाह के बीच संपर्क होता है;
(40) "पंजीकरण बंदरगाह" से तात्पर्य धारा 15 की उपधारा ( 3 ) के अधीन अधिसूचित बंदरगाह या स्थान से है तथा किसी पोत, नौकायन पोत, मछली पकड़ने वाले पोत या किसी अन्य पोत के संबंध में, इसका तात्पर्य उस बंदरगाह से है जिस पर ऐसा पोत पंजीकृत है;
(41) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(42) "प्रधान अधिकारी" से तात्पर्य धारा 11 की उपधारा ( 2 ) के अधीन नियुक्त प्रधान अधिकारी से है;
(43) "कार्यवाही" में इस अधिनियम के अंतर्गत कोई मुकदमा, अपील या आवेदन शामिल है;
(44) "उचित अधिकारी" से तात्पर्य उस अधिकारी से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा बंदरगाह या स्थान पर तथा उन मामलों के संबंध में उचित अधिकारी के रूप में नामित किया गया है जिनका उल्लेख इस अधिनियम में किया गया है;
(45) "उचित वापसी बंदरगाह" से तात्पर्य ऐसे बंदरगाह से है जिस पर नाविक और उसके नियोक्ता द्वारा समझौते में या अन्यथा सहमति व्यक्त की गई हो, या समझौते के अभाव में, वह बंदरगाह जहां नाविक को नियोजित किया गया था या वह पोत में शामिल हुआ था;
(46) नाविक के संबंध में "संपत्ति" में व्यक्तिगत सामान शामिल है;
(47) बंदरगाह, टर्मिनल, शिपयार्ड, जहाज मरम्मत सुविधा या जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के संबंध में "स्वागत सुविधाएँ" का अर्थ बंदरगाह टर्मिनल, शिपयार्ड, जहाज मरम्मत सुविधा या जहाज पुनर्चक्रण सुविधा का उपयोग करने वाले जहाजों को किसी भी पदार्थ को उतारने या जमा करने में सक्षम बनाने की सुविधाएँ हैं;
(48) "रजिस्ट्रार" से तात्पर्य धारा 18 में निर्दिष्ट भारतीय पोत के रजिस्ट्रार से है;
(49) "पंजीकृत स्वामी" से तात्पर्य उस व्यक्ति या व्यक्तियों से है जो पोत के स्वामी के रूप में पंजीकृत हैं;
(50) "सुरक्षा सम्मेलन" से तात्पर्य समुद्र में जीवन की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन से है, जिस पर 1 नवंबर, 1974 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे और इसमें इसके प्रोटोकॉल शामिल होंगे;
(51) "पाल पोत" से तात्पर्य किसी आदिम या पारंपरिक रूप से निर्मित लकड़ी के पोत से है जो प्राथमिक रूप से संचालित नहीं होता है, जिसमें केवल पाल के सहारे नेविगेशन के लिए पर्याप्त पाल क्षेत्र होता है, चाहे उसमें यांत्रिक प्रणोदन के साधन लगे हों या नहीं, लेकिन इसमें मनोरंजन नौका शामिल नहीं है;
(52) "बचाव" से तात्पर्य नौगम्य जलक्षेत्रों में या किसी अन्य जलक्षेत्र में खतरे में पड़े किसी पोत या किसी अन्य संपत्ति की सहायता के लिए किए गए किसी भी कार्य या गतिविधि से है;
(53) "बचाव समझौता" से तात्पर्य अंतर्राष्ट्रीय बचाव समझौता, 1989 से है, जिस पर 28 अप्रैल, 1989 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(54) "बचावकर्ता" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति से है जो बचाव अभियान के प्रत्यक्ष संबंध में सेवाएं प्रदान करता है;
(55) किसी पोत के संबंध में "समुद्री यात्रा" से तात्पर्य ऐसे पोत से है जो ऐसे जलक्षेत्रों से परे जा रहा हो या जाने का इरादा रखता हो जिन्हें केंद्र सरकार या राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा अंतर्देशीय जलक्षेत्र घोषित कर सकती है;
(56) "समुद्री यात्री" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति से है जो किसी समुद्री पोत पर किसी भी क्षमता में कार्यरत या संलग्न है या काम करता है, लेकिन इसमें निम्नलिखित शामिल नहीं हैं, ---
(i) कोई व्यक्ति जो किसी युद्धपोत या सैन्य या गैर-वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले किसी सरकारी पोत में किसी भी क्षमता में कार्यरत हो या काम करता हो; या
(ii) कोई अन्य व्यक्ति जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है;
(57) “समुद्री यात्री कल्याण अधिकारी” से तात्पर्य धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अधीन नियुक्त समुद्री यात्री कल्याण अधिकारी से है;
(58) समुद्री सुरक्षा के संबंध में "सुरक्षा" में बंदरगाह सुविधा या जहाजों या समुद्री नौवहन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित किसी व्यक्ति या वस्तु की सुरक्षा के लिए किए गए उपाय शामिल हैं,---
(i) आतंकवाद, तोड़फोड़, अवैध यात्रियों, अवैध प्रवासियों, शरण चाहने वालों, समुद्री डकैती, सशस्त्र डकैती, ज़ब्ती या चोरी के विरुद्ध; और
(ii) समुद्री परिवहन क्षेत्र में सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी अन्य शत्रुतापूर्ण कृत्य या प्रभाव के विरुद्ध,
जहाजों के मालिकों या संचालकों या प्रभारी व्यक्तियों या बंदरगाह सुविधाओं, अपतटीय प्रतिष्ठानों और अन्य समुद्री संगठनों या प्रतिष्ठानों के प्रबंधन के प्रभारी व्यक्तियों द्वारा नियोजित, या केंद्र सरकार द्वारा संचालित;
(59) "जहाज" से तात्पर्य किसी भी जलयान से है, जिसका उपयोग जल में, जल के ऊपर या जल के नीचे नौवहन में किया जाता है या किया जा सकता है; लेकिन इसमें मछली पकड़ने वाला पोत या नौकायन पोत शामिल नहीं है;
(60) "जहाज स्वामी" से तात्पर्य पोत के स्वामी से है, जिसमें पंजीकृत स्वामी और बेयरबोट चार्टरर शामिल हैं;
(61) "शिपिंग मास्टर" से तात्पर्य धारा 12 के अधीन नियुक्त शिपिंग मास्टर से है;
(62) "शिपिंग कार्यालय" से तात्पर्य धारा 12 के अधीन स्थापित शिपिंग कार्यालय से है;
(63) "विशेष व्यापार यात्री" से तात्पर्य विशेष व्यापार यात्री पोत में मौसम डेक या ऊपरी डेक या डेक के बीच के स्थानों में ले जाए जाने वाले यात्री से है, जिसमें आठ से अधिक यात्री बैठ सकते हैं;
(64) "राज्य" से तात्पर्य भारत सहित किसी भी देश से है;
(65) "समुद्री यात्रियों के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणन और निगरानी के मानक सम्मेलन" का अर्थ है समुद्री यात्रियों के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणन और निगरानी के मानकों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 1978, जिस पर 7 जुलाई, 1978 को लंदन में हस्ताक्षर किए गए थे;
(66) "सर्वेयर" से तात्पर्य धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( घ ) या धारा 9 के अधीन नियुक्त व्यक्ति से है;
(67) "टिंडल" का अर्थ है नौकायन पोत का कमान या प्रभारी व्यक्ति;
(68) "ट्रिब्यूनल" से तात्पर्य धारा 89 की उपधारा ( 1 ) के अधीन गठित ट्रिब्यूनल से है;
(69) "समुद्री यात्रा के लिए अनुपयुक्त पोत" से तात्पर्य ऐसे पोत से है, जिसकी सामग्री, निर्माण और डिज़ाइन, नाविकों की संख्या, विवरण और योग्यता, जिसमें अधिकारी भी शामिल हैं, माल और गिट्टी का वजन, विवरण और भंडारण, उसके पतवार और उपकरण, बॉयलर और मशीनरी की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह प्रस्तावित यात्रा या सेवा के लिए हर तरह से उपयुक्त हो;
(70) "जहाज" में समुद्री वातावरण में उपयोग किए जाने वाले या उपयोग किए जाने में सक्षम प्रत्येक प्रकार के जलयान शामिल हैं, जैसे कि जहाज, नाव, नौकायन पोत, मछली पकड़ने वाला पोत, पनडुब्बी, अर्ध-पनडुब्बी, हाइड्रोफ़ॉइल, गैर-विस्थापन शिल्प, उभयचर शिल्प, विंग-इन-ग्राउंड शिल्प, मनोरंजन शिल्प, बजरा, लाइटर, मोबाइल ऑफशोर ड्रिलिंग यूनिट, मोबाइल ऑफशोर यूनिट, या किसी अन्य प्रकार के, चाहे वे यांत्रिक प्रणोदन के साधनों से सुसज्जित हों या नहीं;
(71) "यात्रा" का अर्थ है पोत के प्रस्थान बंदरगाह या स्थान तथा उसके अंतिम आगमन बंदरगाह या स्थान के बीच का मार्ग, जिसमें बंदरगाह के भीतर की गतिविधियाँ भी शामिल हैं;
(72) "मजदूरी" में पारिश्रमिक शामिल हैं;
(73) समुद्री दुर्घटना के परिणामस्वरूप "मलबे" में निम्नलिखित शामिल हैं, अर्थात्:---
(क) डूबा हुआ या फंसा हुआ पोत; या
(ख) डूबे हुए या फंसे हुए जहाज का कोई भी भाग, जिसमें ऐसी कोई वस्तु, माल या कार्गो शामिल है जो ऐसे जहाज पर है या रहा है;
(ग) समुद्र में फंसे, डूबे या बहते हुए जहाज से खोई हुई कोई वस्तु, माल या कार्गो; या
(घ) कोई ऐसा पोत जो संकट में हो या डूबने वाला हो या जिसके डूबने या फंसने की उचित रूप से उम्मीद की जा सकती हो, जहाँ पोत या खतरे में पड़ी किसी संपत्ति की सहायता के लिए महानिदेशक की संतुष्टि के अनुसार प्रभावी उपाय पहले से ही नहीं किए जा रहे हों।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
