MS Act 144अध्याय VIII · Survey, Audit and Certification
धारा 144 · सर्वेक्षण, लेखापरीक्षा और प्रमाणीकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार द्वारा अन्यथा छूट दिए जाने तक, प्रत्येक भारतीय पोत, कंपनी या बंदरगाह का सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा या प्रमाणन धारा 147 में निर्दिष्ट सम्मेलनों और पोतों, कंपनी या बंदरगाह के विभिन्न वर्गों के लिए निर्धारित आवश्यकताओं के अनुपालन के सत्यापन हेतु किया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--- इस भाग में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, "कंपनी" का वही अर्थ होगा जो धारा 115 के खंड ( क ) में दिया गया है।
(2) यदि कोई सर्वेक्षक या महानिदेशक द्वारा इस संबंध में अधिकृत कोई व्यक्ति इस बात से संतुष्ट हो कि किसी पोत, कंपनी या बंदरगाह का सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा इस अधिनियम के अंतर्गत आवश्यकताओं के अनुसार की गई है, तो वह ऐसे पोत, कंपनी या बंदरगाह को प्रमाण पत्र या दस्तावेज प्रदान कर सकता है।
(3) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, यदि इस भाग के अंतर्गत किसी पोत, कंपनी या बंदरगाह का कोई सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा पूर्ण हो जाती है, तो ऐसे पोत, कंपनी या बंदरगाह का स्वामी, एजेंट या कप्तान केंद्रीय सरकार की पूर्व अनुमति के बिना सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा में शामिल संरचना, उपकरण, फिटिंग, व्यवस्था, सामग्री, प्रणाली या स्कैंटलिंग में कोई परिवर्तन नहीं करेगा या नहीं करवाएगा।
(4) यदि उपधारा ( 2 ) के अधीन प्रमाण पत्र या दस्तावेज जारी किए जाने के बाद केंद्र सरकार या उसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति को यह विश्वास करने का कारण हो कि संरचना, उपकरण, फिटिंग, व्यवस्था, सामग्री, प्रणाली या स्कैंटलिंग में परिवर्तन किए गए हैं, या उन्हें कोई क्षति हुई है या वे किसी अन्य प्रकार से अपर्याप्त पाए गए हैं, तो केंद्र सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति पोत, कंपनी या बंदरगाह का पुन: सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा उस सीमा तक कराने की मांग कर सकता है, जितना वह उचित समझे, या वह सुनवाई का अवसर देने के बाद, निर्धारित तरीके से प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों को संशोधित, निरस्त, निलंबित, रद्द या वापस ले सकता है।
(5) कोई भी पोत समुद्र में तब तक नहीं जाएगा जब तक कि पोत के स्वामी या कप्तान के पास इस धारा के तहत आवश्यक सभी प्रमाण पत्र या दस्तावेज जहाज पर मौजूद न हों।
स्पष्टीकरण .--- इस भाग में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, "कंपनी" का वही अर्थ होगा जो धारा 115 के खंड ( क ) में दिया गया है।
(2) यदि कोई सर्वेक्षक या महानिदेशक द्वारा इस संबंध में अधिकृत कोई व्यक्ति इस बात से संतुष्ट हो कि किसी पोत, कंपनी या बंदरगाह का सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा इस अधिनियम के अंतर्गत आवश्यकताओं के अनुसार की गई है, तो वह ऐसे पोत, कंपनी या बंदरगाह को प्रमाण पत्र या दस्तावेज प्रदान कर सकता है।
(3) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, यदि इस भाग के अंतर्गत किसी पोत, कंपनी या बंदरगाह का कोई सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा पूर्ण हो जाती है, तो ऐसे पोत, कंपनी या बंदरगाह का स्वामी, एजेंट या कप्तान केंद्रीय सरकार की पूर्व अनुमति के बिना सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा में शामिल संरचना, उपकरण, फिटिंग, व्यवस्था, सामग्री, प्रणाली या स्कैंटलिंग में कोई परिवर्तन नहीं करेगा या नहीं करवाएगा।
(4) यदि उपधारा ( 2 ) के अधीन प्रमाण पत्र या दस्तावेज जारी किए जाने के बाद केंद्र सरकार या उसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति को यह विश्वास करने का कारण हो कि संरचना, उपकरण, फिटिंग, व्यवस्था, सामग्री, प्रणाली या स्कैंटलिंग में परिवर्तन किए गए हैं, या उन्हें कोई क्षति हुई है या वे किसी अन्य प्रकार से अपर्याप्त पाए गए हैं, तो केंद्र सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति पोत, कंपनी या बंदरगाह का पुन: सर्वेक्षण या लेखापरीक्षा उस सीमा तक कराने की मांग कर सकता है, जितना वह उचित समझे, या वह सुनवाई का अवसर देने के बाद, निर्धारित तरीके से प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों को संशोधित, निरस्त, निलंबित, रद्द या वापस ले सकता है।
(5) कोई भी पोत समुद्र में तब तक नहीं जाएगा जब तक कि पोत के स्वामी या कप्तान के पास इस धारा के तहत आवश्यक सभी प्रमाण पत्र या दस्तावेज जहाज पर मौजूद न हों।
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