MS Act 217अध्याय V · International Oil Pollution Compensation Fund
धारा 217 · जानकारी मांगने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार, इस अध्याय के अंतर्गत निधि में प्रतिवर्ष अंशदान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों के नाम और पते तथा अंशदान तेल की वह मात्रा जिसके लिए वे उत्तरदायी हैं, निधि को प्रेषित करने के प्रयोजन से, किसी भी ऐसे व्यक्ति से नोटिस द्वारा ऐसी जानकारी, ऐसे तरीके से और ऐसे समय के भीतर प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकती है, जैसा कि उसमें निर्दिष्ट किया गया हो।
(2) धारा 214 के तहत निधि को देय किसी अंशदान की वसूली के लिए निधि द्वारा किसी व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही में, केंद्र सरकार द्वारा निधि को प्रेषित किसी सूची में निहित विवरण, जहां तक वे विवरण इस धारा के तहत प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं, उसमें वर्णित तथ्यों के साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य होंगे, और जहां तक इस प्रकार स्वीकार्य विवरण उस व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं जिसके विरुद्ध कार्यवाही की गई है, उन्हें विपरीत सिद्ध होने तक सटीक माना जाएगा।
(3) कोई भी व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत उसे दी गई या उसके द्वारा प्राप्त की गई किसी भी जानकारी का खुलासा तब तक नहीं करेगा जब तक कि खुलासा न किया जाए,---
(क) जिस व्यक्ति से सूचना प्राप्त की गई थी, उसकी सहमति से;
(ख) इस धारा के अनुपालन के संबंध में;
(ग) इस धारा से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानूनी कार्यवाही या ऐसी कार्यवाही की किसी रिपोर्ट के प्रयोजन के लिए।
(4) एक व्यक्ति जो, ---
(क) इस धारा के तहत जारी नोटिस का पालन करने से इनकार करता है या जानबूझकर उसकी उपेक्षा करता है; या
(ख) इस धारा के अंतर्गत किसी नोटिस के अनुपालन में कोई सूचना देते समय, यदि वह कोई ऐसा कथन देता है जिसके बारे में वह जानता है कि वह किसी महत्वपूर्ण तथ्य में असत्य है, या लापरवाही से कोई ऐसा कथन देता है जो किसी महत्वपूर्ण तथ्य में असत्य है,
इस अधिनियम के तहत दंड का भागी होगा।
(2) धारा 214 के तहत निधि को देय किसी अंशदान की वसूली के लिए निधि द्वारा किसी व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही में, केंद्र सरकार द्वारा निधि को प्रेषित किसी सूची में निहित विवरण, जहां तक वे विवरण इस धारा के तहत प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं, उसमें वर्णित तथ्यों के साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य होंगे, और जहां तक इस प्रकार स्वीकार्य विवरण उस व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं जिसके विरुद्ध कार्यवाही की गई है, उन्हें विपरीत सिद्ध होने तक सटीक माना जाएगा।
(3) कोई भी व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत उसे दी गई या उसके द्वारा प्राप्त की गई किसी भी जानकारी का खुलासा तब तक नहीं करेगा जब तक कि खुलासा न किया जाए,---
(क) जिस व्यक्ति से सूचना प्राप्त की गई थी, उसकी सहमति से;
(ख) इस धारा के अनुपालन के संबंध में;
(ग) इस धारा से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानूनी कार्यवाही या ऐसी कार्यवाही की किसी रिपोर्ट के प्रयोजन के लिए।
(4) एक व्यक्ति जो, ---
(क) इस धारा के तहत जारी नोटिस का पालन करने से इनकार करता है या जानबूझकर उसकी उपेक्षा करता है; या
(ख) इस धारा के अंतर्गत किसी नोटिस के अनुपालन में कोई सूचना देते समय, यदि वह कोई ऐसा कथन देता है जिसके बारे में वह जानता है कि वह किसी महत्वपूर्ण तथ्य में असत्य है, या लापरवाही से कोई ऐसा कथन देता है जो किसी महत्वपूर्ण तथ्य में असत्य है,
इस अधिनियम के तहत दंड का भागी होगा।
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