MS Act 176अध्याय III · Civil Liability for Oil Pollution Damage
धारा 176 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अध्याय में, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो,---
(क) "घटना" से तात्पर्य किसी भी घटना या एक ही मूल की घटनाओं की श्रृंखला से है, जो प्रदूषण क्षति का कारण बनती है या ऐसी क्षति होने का गंभीर और आसन्न खतरा पैदा करती है;
(ख) "तेल" से तात्पर्य किसी भी प्रकार के स्थायी हाइड्रोकार्बन खनिज तेल से है, जैसे कच्चा तेल, ईंधन तेल, भारी डीजल तेल और चिकनाई वाला तेल, चाहे वह जहाज पर माल के रूप में ले जाया गया हो या ऐसे जहाज के बंकरों में हो;
(ग) "व्यक्ति" से तात्पर्य किसी व्यक्ति या साझेदारी या किसी सार्वजनिक या निजी निकाय से है, चाहे वह निगमित हो या नहीं, जिसमें राज्य या उसके घटक उप-विभागों में से कोई भी शामिल है;
(घ) "प्रदूषण क्षति" से तात्पर्य है,---
(i) जहाज से तेल के रिसाव या रिसाव के परिणामस्वरूप जहाज के बाहर होने वाली क्षति या हानि, चाहे ऐसा रिसाव या रिसाव कहीं भी हो:
बशर्ते कि पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की राशि, ऐसे नुकसान से होने वाले लाभ की हानि के अलावा, वास्तव में किए गए या किए जाने वाले उचित पुनर्स्थापना उपायों की लागत तक सीमित होगी; और
(ii) निवारक उपायों की लागत और निवारक उपायों के कारण होने वाली अतिरिक्त हानि या क्षति;
(ई) "निवारक उपाय" से तात्पर्य किसी घटना के घटित होने के बाद प्रदूषण क्षति को रोकने या कम करने के लिए किसी व्यक्ति द्वारा उठाए गए किसी भी उचित उपाय से है;
(f) "जहाज" से तात्पर्य किसी भी प्रकार के समुद्री पोत और समुद्री नौका से है जो थोक में माल के रूप में तेल के परिवहन के लिए निर्मित या अनुकूलित हो:
बशर्ते कि तेल और अन्य माल ढोने में सक्षम जहाज को जहाज तभी माना जाएगा जब वह वास्तव में थोक में तेल माल के रूप में ढो रहा हो और ऐसे परिवहन के बाद की किसी भी यात्रा के दौरान, जब तक यह साबित न हो जाए कि उसमें थोक में तेल के ऐसे परिवहन का कोई अवशेष नहीं है;
(g) "जहाज स्वामी" से तात्पर्य है,---
(i) वह व्यक्ति जो जहाज के स्वामी के रूप में पंजीकृत है; या
(ii) पंजीकरण न होने की स्थिति में, जहाज का स्वामी व्यक्ति; या
(iii) किसी राज्य के स्वामित्व वाले जहाज के मामले में, उस राज्य में ऐसे जहाज के संचालक के रूप में पंजीकृत व्यक्ति।
(क) "घटना" से तात्पर्य किसी भी घटना या एक ही मूल की घटनाओं की श्रृंखला से है, जो प्रदूषण क्षति का कारण बनती है या ऐसी क्षति होने का गंभीर और आसन्न खतरा पैदा करती है;
(ख) "तेल" से तात्पर्य किसी भी प्रकार के स्थायी हाइड्रोकार्बन खनिज तेल से है, जैसे कच्चा तेल, ईंधन तेल, भारी डीजल तेल और चिकनाई वाला तेल, चाहे वह जहाज पर माल के रूप में ले जाया गया हो या ऐसे जहाज के बंकरों में हो;
(ग) "व्यक्ति" से तात्पर्य किसी व्यक्ति या साझेदारी या किसी सार्वजनिक या निजी निकाय से है, चाहे वह निगमित हो या नहीं, जिसमें राज्य या उसके घटक उप-विभागों में से कोई भी शामिल है;
(घ) "प्रदूषण क्षति" से तात्पर्य है,---
(i) जहाज से तेल के रिसाव या रिसाव के परिणामस्वरूप जहाज के बाहर होने वाली क्षति या हानि, चाहे ऐसा रिसाव या रिसाव कहीं भी हो:
बशर्ते कि पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की राशि, ऐसे नुकसान से होने वाले लाभ की हानि के अलावा, वास्तव में किए गए या किए जाने वाले उचित पुनर्स्थापना उपायों की लागत तक सीमित होगी; और
(ii) निवारक उपायों की लागत और निवारक उपायों के कारण होने वाली अतिरिक्त हानि या क्षति;
(ई) "निवारक उपाय" से तात्पर्य किसी घटना के घटित होने के बाद प्रदूषण क्षति को रोकने या कम करने के लिए किसी व्यक्ति द्वारा उठाए गए किसी भी उचित उपाय से है;
(f) "जहाज" से तात्पर्य किसी भी प्रकार के समुद्री पोत और समुद्री नौका से है जो थोक में माल के रूप में तेल के परिवहन के लिए निर्मित या अनुकूलित हो:
बशर्ते कि तेल और अन्य माल ढोने में सक्षम जहाज को जहाज तभी माना जाएगा जब वह वास्तव में थोक में तेल माल के रूप में ढो रहा हो और ऐसे परिवहन के बाद की किसी भी यात्रा के दौरान, जब तक यह साबित न हो जाए कि उसमें थोक में तेल के ऐसे परिवहन का कोई अवशेष नहीं है;
(g) "जहाज स्वामी" से तात्पर्य है,---
(i) वह व्यक्ति जो जहाज के स्वामी के रूप में पंजीकृत है; या
(ii) पंजीकरण न होने की स्थिति में, जहाज का स्वामी व्यक्ति; या
(iii) किसी राज्य के स्वामित्व वाले जहाज के मामले में, उस राज्य में ऐसे जहाज के संचालक के रूप में पंजीकृत व्यक्ति।
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