MS Act 245अध्याय I · Wreck
धारा 245 · जहाज मालिकों द्वारा जहाज़ों के डूबने के दावों को लेकर।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) रिसीवर के कब्जे में किसी भी जहाज़ के मलबे का स्वामी, रिसीवर के कब्जे में मलबा आने के समय से एक वर्ष के भीतर रिसीवर को संतुष्ट करने के लिए अपना दावा स्थापित करने पर, बचाव और अन्य शुल्क का भुगतान करने पर, मलबे या उसकी आय उसे सौंपे जाने का हकदार होगा।
(2) यदि किसी भारतीय पोत के अलावा किसी अन्य पोत से संबंधित या उसके भाग के रूप में कोई वस्तुएँ, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई हों, या ऐसे पोत के माल का हिस्सा हों, जो इस अध्याय के अंतर्गत आने वाले किसी क्षेत्र में पाई जाती हों, या भारत के किसी बंदरगाह में लाई जाती हों, तो उस राज्य का राजदूत, जिसमें पोत पंजीकृत है, या माल के मामले में, उस राज्य का राजदूत, जिसके माल के स्वामी संबंधित रहे हों, स्वामी और स्वामी के कप्तान या अन्य प्रतिनिधि की अनुपस्थिति में, वस्तुओं की अभिरक्षा और निपटान के संबंध में स्वामी का प्रतिनिधि माना जाएगा।
(3) यदि जहाज़ के मलबे का मालिक बिक्री की तारीख से एक वर्ष के भीतर उपस्थित होकर बिक्री की शेष राशि का दावा नहीं करता है, तो उक्त शेष राशि केंद्र सरकार की संपत्ति बन जाएगी।
(2) यदि किसी भारतीय पोत के अलावा किसी अन्य पोत से संबंधित या उसके भाग के रूप में कोई वस्तुएँ, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई हों, या ऐसे पोत के माल का हिस्सा हों, जो इस अध्याय के अंतर्गत आने वाले किसी क्षेत्र में पाई जाती हों, या भारत के किसी बंदरगाह में लाई जाती हों, तो उस राज्य का राजदूत, जिसमें पोत पंजीकृत है, या माल के मामले में, उस राज्य का राजदूत, जिसके माल के स्वामी संबंधित रहे हों, स्वामी और स्वामी के कप्तान या अन्य प्रतिनिधि की अनुपस्थिति में, वस्तुओं की अभिरक्षा और निपटान के संबंध में स्वामी का प्रतिनिधि माना जाएगा।
(3) यदि जहाज़ के मलबे का मालिक बिक्री की तारीख से एक वर्ष के भीतर उपस्थित होकर बिक्री की शेष राशि का दावा नहीं करता है, तो उक्त शेष राशि केंद्र सरकार की संपत्ति बन जाएगी।
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