MS Act 26अध्याय III · Registration of Vessels
धारा 26 · जहाज या शेयर का गिरवी रखना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) भारतीय पोत का बंधक निर्धारित प्रपत्र में होगा और ऐसे विलेख के प्रस्तुतीकरण पर, भारतीय पोत के पंजीकरण बंदरगाह का रजिस्ट्रार इसे रजिस्टर बुक में इस प्रकार दर्ज करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) रजिस्ट्रार द्वारा बंधकों को उस क्रम में दर्ज किया जाएगा जिस क्रम में वे उस उद्देश्य के लिए उसके समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, और रजिस्ट्रार अपने हस्ताक्षर के ज्ञापन द्वारा प्रत्येक बंधक पर यह सूचित करेगा कि इसे उसके द्वारा दर्ज किया गया है और उस रिकॉर्ड का दिन और समय भी बताएगा।
(3) बंधक ऋण के लिए सुरक्षा के रूप में बंधक पोत या शेयर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सीमा को छोड़कर, बंधककर्ता को उसके बंधक के कारण पोत या शेयर का स्वामी नहीं माना जाएगा, और न ही बंधककर्ता को उसका स्वामी होना बंद माना जाएगा।
(4) जहां पंजीकृत बंधक का निर्वहन किया जाता है, वहां रजिस्ट्रार, निर्धारित दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण पर, रजिस्टर बुक में यह प्रविष्टि करेगा कि बंधक का निर्वहन कर दिया गया है, और उस प्रविष्टि के होने पर, यदि कोई संपत्ति बंधकधारक को हस्तांतरित हुई थी, तो वह उस व्यक्ति में निहित हो जाएगी जिसमें (यदि कोई मध्यवर्ती कार्य और परिस्थितियां हों, तो उन्हें ध्यान में रखते हुए) वह निहित होती, यदि बंधक नहीं किया गया होता।
(5) यदि एक ही पोत या हिस्से के संबंध में एक से अधिक दर्ज बंधक हैं, तो बंधक धारकों को, किसी भी स्पष्ट, निहित या रचनात्मक सूचना के बावजूद, रजिस्टर बुक में प्रत्येक बंधक के दर्ज होने की तिथि और समय के अनुसार प्राथमिकता प्राप्त होगी, न कि प्रत्येक बंधक की तिथि के अनुसार।
(2) रजिस्ट्रार द्वारा बंधकों को उस क्रम में दर्ज किया जाएगा जिस क्रम में वे उस उद्देश्य के लिए उसके समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, और रजिस्ट्रार अपने हस्ताक्षर के ज्ञापन द्वारा प्रत्येक बंधक पर यह सूचित करेगा कि इसे उसके द्वारा दर्ज किया गया है और उस रिकॉर्ड का दिन और समय भी बताएगा।
(3) बंधक ऋण के लिए सुरक्षा के रूप में बंधक पोत या शेयर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सीमा को छोड़कर, बंधककर्ता को उसके बंधक के कारण पोत या शेयर का स्वामी नहीं माना जाएगा, और न ही बंधककर्ता को उसका स्वामी होना बंद माना जाएगा।
(4) जहां पंजीकृत बंधक का निर्वहन किया जाता है, वहां रजिस्ट्रार, निर्धारित दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण पर, रजिस्टर बुक में यह प्रविष्टि करेगा कि बंधक का निर्वहन कर दिया गया है, और उस प्रविष्टि के होने पर, यदि कोई संपत्ति बंधकधारक को हस्तांतरित हुई थी, तो वह उस व्यक्ति में निहित हो जाएगी जिसमें (यदि कोई मध्यवर्ती कार्य और परिस्थितियां हों, तो उन्हें ध्यान में रखते हुए) वह निहित होती, यदि बंधक नहीं किया गया होता।
(5) यदि एक ही पोत या हिस्से के संबंध में एक से अधिक दर्ज बंधक हैं, तो बंधक धारकों को, किसी भी स्पष्ट, निहित या रचनात्मक सूचना के बावजूद, रजिस्टर बुक में प्रत्येक बंधक के दर्ज होने की तिथि और समय के अनुसार प्राथमिकता प्राप्त होगी, न कि प्रत्येक बंधक की तिथि के अनुसार।
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