MS Act 172अध्याय II · Limitation of Liability for Maritime Claims
धारा 172 · समुद्री दावों के लिए अनिवार्य बीमा या अन्य वित्तीय सुरक्षा, समय सीमा के अधीन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) भारतीय पोत का प्रत्येक पंजीकृत स्वामी और भारत में किसी बंदरगाह में प्रवेश करने या उससे प्रस्थान करने वाले या तटीय जल में संचालन करने वाले किसी अन्य पोत का स्वामी, ऐसे पोत के संबंध में किसी बीमाकर्ता या संगठन से अनिवार्य बीमा या ऐसी अन्य वित्तीय सुरक्षा बनाए रखेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) बीमा धारा 162 के तहत निर्दिष्ट सीमा के अधीन समुद्री दावों को कवर करेगा।
(3) प्रत्येक घटना के लिए प्रत्येक पोत के लिए बीमा राशि कम से कम धारा 165 के तहत प्रदान की गई देयता सीमा के लिए प्रासंगिक अधिकतम राशि के बराबर होगी और यात्री दावों के लिए धारा 166 के तहत देयता सीमा के लिए प्रासंगिक अधिकतम राशि के बराबर होगी।
(4) इस धारा के उल्लंघन में भारत के किसी बंदरगाह से प्रस्थान करने वाला कोई भी पोत ऐसे प्राधिकारी द्वारा निरोधित किया जा सकता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) बीमा धारा 162 के तहत निर्दिष्ट सीमा के अधीन समुद्री दावों को कवर करेगा।
(3) प्रत्येक घटना के लिए प्रत्येक पोत के लिए बीमा राशि कम से कम धारा 165 के तहत प्रदान की गई देयता सीमा के लिए प्रासंगिक अधिकतम राशि के बराबर होगी और यात्री दावों के लिए धारा 166 के तहत देयता सीमा के लिए प्रासंगिक अधिकतम राशि के बराबर होगी।
(4) इस धारा के उल्लंघन में भारत के किसी बंदरगाह से प्रस्थान करने वाला कोई भी पोत ऐसे प्राधिकारी द्वारा निरोधित किया जा सकता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
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