CSS 72अध्याय VI · Meternity Benefit
धारा 72 · भुगतान करने के निर्देश देने का अधिकार निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के पास है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी महिला जो यह दावा करती है कि,---
(क) मातृत्व लाभ या कोई अन्य राशि जिसके लिए वह इस अध्याय के अंतर्गत हकदार है तथा कोई भी व्यक्ति जो यह दावा करता है कि इस अध्याय के अंतर्गत देय भुगतान अनुचित रूप से रोक दिया गया है;
(ख) उसके नियोक्ता ने इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार कार्य से उसकी अनुपस्थिति के दौरान या उसके कारण उसे सेवामुक्त कर दिया है या बर्खास्त कर दिया है।
निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता से शिकायत की जा सकती है।
(2) निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उप-धारा (1) में निर्दिष्ट शिकायत प्राप्त होने पर, जाँच कर सकता है या जाँच करवा सकता है और यदि संतुष्ट हो कि---
(क) यदि भुगतान को गलत तरीके से रोक दिया गया है, तो वह अपने लिखित आदेश के अनुसार भुगतान करने का निर्देश दे सकता है;
(ख) उसे इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार कार्य से अनुपस्थिति के दौरान या उसके कारण सेवामुक्त या बर्खास्त कर दिया गया हो।
वह मामले की परिस्थितियों के अनुसार ऐसे आदेश पारित कर सकता है जो उसे उचित और न्यायसंगत लगे।
(3) उपधारा (2) के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के आदेश से पीड़ित कोई भी व्यक्ति, ऐसे आदेश की सूचना प्राप्त होने की तिथि से तीस दिनों के भीतर, उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
(4) उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्राधिकारी का निर्णय, जहाँ उस उपधारा के अंतर्गत उसके समक्ष अपील की गई हो, या निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता का निर्णय, जहाँ ऐसी कोई अपील नहीं की गई हो, अंतिम होगा।
(क) मातृत्व लाभ या कोई अन्य राशि जिसके लिए वह इस अध्याय के अंतर्गत हकदार है तथा कोई भी व्यक्ति जो यह दावा करता है कि इस अध्याय के अंतर्गत देय भुगतान अनुचित रूप से रोक दिया गया है;
(ख) उसके नियोक्ता ने इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार कार्य से उसकी अनुपस्थिति के दौरान या उसके कारण उसे सेवामुक्त कर दिया है या बर्खास्त कर दिया है।
निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता से शिकायत की जा सकती है।
(2) निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उप-धारा (1) में निर्दिष्ट शिकायत प्राप्त होने पर, जाँच कर सकता है या जाँच करवा सकता है और यदि संतुष्ट हो कि---
(क) यदि भुगतान को गलत तरीके से रोक दिया गया है, तो वह अपने लिखित आदेश के अनुसार भुगतान करने का निर्देश दे सकता है;
(ख) उसे इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार कार्य से अनुपस्थिति के दौरान या उसके कारण सेवामुक्त या बर्खास्त कर दिया गया हो।
वह मामले की परिस्थितियों के अनुसार ऐसे आदेश पारित कर सकता है जो उसे उचित और न्यायसंगत लगे।
(3) उपधारा (2) के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के आदेश से पीड़ित कोई भी व्यक्ति, ऐसे आदेश की सूचना प्राप्त होने की तिथि से तीस दिनों के भीतर, उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
(4) उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्राधिकारी का निर्णय, जहाँ उस उपधारा के अंतर्गत उसके समक्ष अपील की गई हो, या निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता का निर्णय, जहाँ ऐसी कोई अपील नहीं की गई हो, अंतिम होगा।
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