CSS 164अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 164 · धारा- 164
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(1) निम्नलिखित अधिनियमितियों का निरसन किया जाता है, अर्थात् :-
1. कर्मकार प्रतिकर अधिनियम, 1923; 1923 का 8
2. कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948; 1948 का 34
3. कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952; 1952 का 19
4. नियोजनालय (रिक्तियों की अनिवार्य अधिसूचना) अधिनियम, 1959; 1959 का 31
5. प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961; 1961 का 53
6. उपदान संदाय अधिनियम, 1972; 1972 का 39
7. सिनेमा कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम, 1981; 1981 का 33
8. भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996; 1996 का 28
9. असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008। 2008 का 33
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, -
(क) इस प्रकार निरसित किसी अधिनियमिति के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई, जिसके अन्तर्गत उसके अधीन बनाया गया कोई नियम, विनियम, अधिसूचना (जिसके अन्तर्गत राज्यों द्वारा जारी कोई अधिसूचना भी है), स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निर्देश या ऐसी अधिनियमितियों के उपबंधों या किसी प्रयोजन के लिए उनके अधीन बनाए गए नियमों, विनियमों, अधिसूचनाओं या स्कीमों के उपबंधों के अधीन उपबंधित या प्रदत्त कोई फायदा, इस संहिता के तत्स्थानी उपबंधों, जिसके अन्तर्गत उनके अधीन बनाया गया कोई नियम, विनियम, अधिसूचना, स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निदेश भी है, के अधीन ऐसे प्रयोजन के लिए किया गया या उपबंधित किया गया समझा जाएगा और उस सीमा तक प्रवर्तन में होगा, जहां तक वे इस संहिता के उपबंधों से असंगत नहीं है, जिसके अन्तर्गत उसके अधीन बनाए गए कोई नियम, विनियम, अधिसूचना, स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निदेश भी है, जब तब कि उन्हें इस संहिता के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन निरसित नहीं कर दिया जाता, जिसके अन्तर्गत समुचित सरकार द्वारा उसके अधीन बनाया गया कोई नियम, विनियम, अधिसूचना, स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निदेश भी है;
(ख) कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 के अधीन विरचित या बनाई गई कर्मचारी भविष्यि निधि स्कीम, 1952, कर्मचारी जमा बीमा स्कीम, 1976 तथा कर्मचारी पेंशन स्कीम, 1955, अभिकरण प्रक्रिया नियम, 1977 और कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अधीन बनाए गए या विरचित नियम, विनियम और स्कीम उस विस्तार तक प्रवृत्त होंगे जिस तक वे इस संहिता के प्रारंभ की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए इस संहिता के उपबंध असंगत न हों;
(ग) इस प्रकार निरसित किन्हीं अधिनियमितियों के अधीन दी गई कोई छूट तब तक प्रवर्तन में बनी रहेगी जब तक इसकी वैधता समाप्त नहीं हो जाती या वह इस संहिता के उपबंधों के अधीन या ऐसे प्रयोजन के लिए उसके अधीन किए गए किसी निदेश के अधीन प्रवर्तन में नहीं रह जाती है।
(3) उपधारा (2) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, साधारण खंड अधिनियम, 1897 की धारा 6 के उपबंध ऐसी अधिनियमितियों के निरसन को लागू होंगे।
1. कर्मकार प्रतिकर अधिनियम, 1923; 1923 का 8
2. कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948; 1948 का 34
3. कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952; 1952 का 19
4. नियोजनालय (रिक्तियों की अनिवार्य अधिसूचना) अधिनियम, 1959; 1959 का 31
5. प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961; 1961 का 53
6. उपदान संदाय अधिनियम, 1972; 1972 का 39
7. सिनेमा कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम, 1981; 1981 का 33
8. भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996; 1996 का 28
9. असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008। 2008 का 33
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, -
(क) इस प्रकार निरसित किसी अधिनियमिति के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई, जिसके अन्तर्गत उसके अधीन बनाया गया कोई नियम, विनियम, अधिसूचना (जिसके अन्तर्गत राज्यों द्वारा जारी कोई अधिसूचना भी है), स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निर्देश या ऐसी अधिनियमितियों के उपबंधों या किसी प्रयोजन के लिए उनके अधीन बनाए गए नियमों, विनियमों, अधिसूचनाओं या स्कीमों के उपबंधों के अधीन उपबंधित या प्रदत्त कोई फायदा, इस संहिता के तत्स्थानी उपबंधों, जिसके अन्तर्गत उनके अधीन बनाया गया कोई नियम, विनियम, अधिसूचना, स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निदेश भी है, के अधीन ऐसे प्रयोजन के लिए किया गया या उपबंधित किया गया समझा जाएगा और उस सीमा तक प्रवर्तन में होगा, जहां तक वे इस संहिता के उपबंधों से असंगत नहीं है, जिसके अन्तर्गत उसके अधीन बनाए गए कोई नियम, विनियम, अधिसूचना, स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निदेश भी है, जब तब कि उन्हें इस संहिता के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन निरसित नहीं कर दिया जाता, जिसके अन्तर्गत समुचित सरकार द्वारा उसके अधीन बनाया गया कोई नियम, विनियम, अधिसूचना, स्कीम, नियुक्ति, आदेश या निदेश भी है;
(ख) कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 के अधीन विरचित या बनाई गई कर्मचारी भविष्यि निधि स्कीम, 1952, कर्मचारी जमा बीमा स्कीम, 1976 तथा कर्मचारी पेंशन स्कीम, 1955, अभिकरण प्रक्रिया नियम, 1977 और कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अधीन बनाए गए या विरचित नियम, विनियम और स्कीम उस विस्तार तक प्रवृत्त होंगे जिस तक वे इस संहिता के प्रारंभ की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए इस संहिता के उपबंध असंगत न हों;
(ग) इस प्रकार निरसित किन्हीं अधिनियमितियों के अधीन दी गई कोई छूट तब तक प्रवर्तन में बनी रहेगी जब तक इसकी वैधता समाप्त नहीं हो जाती या वह इस संहिता के उपबंधों के अधीन या ऐसे प्रयोजन के लिए उसके अधीन किए गए किसी निदेश के अधीन प्रवर्तन में नहीं रह जाती है।
(3) उपधारा (2) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, साधारण खंड अधिनियम, 1897 की धारा 6 के उपबंध ऐसी अधिनियमितियों के निरसन को लागू होंगे।
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