CSS 43अध्याय IV · Employees State Insurance Corporation
धारा 43 · कारखानों आदि के स्वामी या अधिभोगी की अत्यधिक बीमारी लाभ के लिए देयता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ निगम को यह प्रतीत होता है कि बीमित व्यक्तियों में बीमारी की घटनाएँ निम्नलिखित कारणों से अत्यधिक हैं—
(क) किसी कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान में अस्वच्छ कार्य परिस्थितियाँ या कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान के स्वामी या अधिभोगी द्वारा किसी भी अधिनियम के तहत उस पर लागू स्वास्थ्य नियमों का पालन न करना, या
(ख) बीमित व्यक्तियों द्वारा अधिभोगित किसी भी मकान या आवास की अस्वच्छ परिस्थितियाँ और ऐसी अस्वच्छ परिस्थितियाँ मकान या आवास के स्वामी द्वारा किसी भी स्वास्थ्य नियमों का पालन न करने के कारण उत्पन्न हुई हों, जो उस समय लागू किसी भी अधिनियम के तहत उन पर अनिवार्य हों।
तब, निगम कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान के स्वामी या अधिभोगी को, या मकानों या आवासों के स्वामी को, जैसा भी मामला हो, निगम द्वारा बीमारी लाभ के रूप में किए गए अतिरिक्त व्यय की राशि के भुगतान के लिए दावा भेज सकता है; और यदि दावे का निपटारा आपसी सहमति से नहीं होता है, तो निगम अपने दावे के समर्थन में एक बयान के साथ मामले को उपयुक्त सरकार को भेज सकता है।
(2) यदि उपयुक्त सरकार की राय हो कि जांच के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनता है, तो वह उपधारा (1) के तहत संदर्भित मामले की जांच करने के लिए एक सक्षम व्यक्ति या व्यक्तियों को नियुक्त कर सकती है।
(3) यदि उपधारा (2) के तहत जांच करने पर जांच करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों को यह संतोषजनक रूप से सिद्ध हो जाता है कि बीमित व्यक्तियों में बीमारी की घटनाओं में वृद्धि कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान के स्वामी या अधिभोगी या मकान या आवास के स्वामी की चूक या लापरवाही के कारण है, तो उक्त व्यक्ति या व्यक्ति बीमारी लाभ के रूप में किए गए अतिरिक्त व्यय की राशि और उस व्यक्ति या व्यक्तियों का निर्धारण करेंगे जिनके द्वारा ऐसी राशि का पूरा या कोई भाग निगम को भुगतान किया जाएगा।
(4) उपधारा (3) के तहत किया गया निर्धारण इस प्रकार लागू किया जा सकता है मानो वह किसी दीवानी न्यायालय द्वारा किसी मुकदमे में पारित धन भुगतान का आदेश हो।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, मकानों या आवासों के “मालिक” में मालिक का कोई भी एजेंट और कोई भी व्यक्ति शामिल होगा जो मालिक के पट्टेदार के रूप में मकानों या आवासों का किराया वसूलने का हकदार है।
(क) किसी कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान में अस्वच्छ कार्य परिस्थितियाँ या कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान के स्वामी या अधिभोगी द्वारा किसी भी अधिनियम के तहत उस पर लागू स्वास्थ्य नियमों का पालन न करना, या
(ख) बीमित व्यक्तियों द्वारा अधिभोगित किसी भी मकान या आवास की अस्वच्छ परिस्थितियाँ और ऐसी अस्वच्छ परिस्थितियाँ मकान या आवास के स्वामी द्वारा किसी भी स्वास्थ्य नियमों का पालन न करने के कारण उत्पन्न हुई हों, जो उस समय लागू किसी भी अधिनियम के तहत उन पर अनिवार्य हों।
तब, निगम कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान के स्वामी या अधिभोगी को, या मकानों या आवासों के स्वामी को, जैसा भी मामला हो, निगम द्वारा बीमारी लाभ के रूप में किए गए अतिरिक्त व्यय की राशि के भुगतान के लिए दावा भेज सकता है; और यदि दावे का निपटारा आपसी सहमति से नहीं होता है, तो निगम अपने दावे के समर्थन में एक बयान के साथ मामले को उपयुक्त सरकार को भेज सकता है।
(2) यदि उपयुक्त सरकार की राय हो कि जांच के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनता है, तो वह उपधारा (1) के तहत संदर्भित मामले की जांच करने के लिए एक सक्षम व्यक्ति या व्यक्तियों को नियुक्त कर सकती है।
(3) यदि उपधारा (2) के तहत जांच करने पर जांच करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों को यह संतोषजनक रूप से सिद्ध हो जाता है कि बीमित व्यक्तियों में बीमारी की घटनाओं में वृद्धि कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान के स्वामी या अधिभोगी या मकान या आवास के स्वामी की चूक या लापरवाही के कारण है, तो उक्त व्यक्ति या व्यक्ति बीमारी लाभ के रूप में किए गए अतिरिक्त व्यय की राशि और उस व्यक्ति या व्यक्तियों का निर्धारण करेंगे जिनके द्वारा ऐसी राशि का पूरा या कोई भाग निगम को भुगतान किया जाएगा।
(4) उपधारा (3) के तहत किया गया निर्धारण इस प्रकार लागू किया जा सकता है मानो वह किसी दीवानी न्यायालय द्वारा किसी मुकदमे में पारित धन भुगतान का आदेश हो।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, मकानों या आवासों के “मालिक” में मालिक का कोई भी एजेंट और कोई भी व्यक्ति शामिल होगा जो मालिक के पट्टेदार के रूप में मकानों या आवासों का किराया वसूलने का हकदार है।
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