CSS 2(33)अध्याय I · Preliminary
धारा 2(33) · धारा- 2.(33)
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
"कुटुम्ब" से, यथास्थिति, किसी कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार के निम्नलिखित सभी या उनमें से कोई नातेदार अभिप्रेत हैं, अर्थात्:-
(क) पति या पत्नी;
(ख) अवयस्क धर्मज या दत्तक बालक, जो, यथास्थिति, किसी कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार का आश्रित हो;
(ग) कोई बालक, जो, यथास्थिति, किसी कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार के उपार्जनों पर पूर्णतः आश्रित हो और जो-
(i) शिक्षा प्राप्त कर रहा हो, तब तक जब तक वह इक्कीस वर्ष की आयु प्राप्त न कर ले; और
(ii) कोई अविवाहिता पुत्री;
(घ) ऐसी संतान, जो शारीरिक या मानसिक अप्रसामान्यता या क्षति के कारण शिथिलांग है और, यथास्थिति, किसी कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार के उपार्जनों पर पूर्णतः आश्रित है, तब तक जब तक अंग शैथिल्य बना रहता है;
(ङ) आश्रित माता-पिता (जिसके अंतर्गत किसी महिला कर्मचारी के सास-श्वसुर भी हैं) जिनकी सभी स्रोतों से आय ऐसी आय से अधिक नहीं है जो केंद्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए;
(च) यदि, यथास्थिति, कोई कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार अविवाहित है और उसके माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो बीमाकृत व्यक्ति के उपार्जनों पर पूर्ण रूप से आश्रित अवयस्क भाई या बहिन ;
(क) पति या पत्नी;
(ख) अवयस्क धर्मज या दत्तक बालक, जो, यथास्थिति, किसी कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार का आश्रित हो;
(ग) कोई बालक, जो, यथास्थिति, किसी कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार के उपार्जनों पर पूर्णतः आश्रित हो और जो-
(i) शिक्षा प्राप्त कर रहा हो, तब तक जब तक वह इक्कीस वर्ष की आयु प्राप्त न कर ले; और
(ii) कोई अविवाहिता पुत्री;
(घ) ऐसी संतान, जो शारीरिक या मानसिक अप्रसामान्यता या क्षति के कारण शिथिलांग है और, यथास्थिति, किसी कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार के उपार्जनों पर पूर्णतः आश्रित है, तब तक जब तक अंग शैथिल्य बना रहता है;
(ङ) आश्रित माता-पिता (जिसके अंतर्गत किसी महिला कर्मचारी के सास-श्वसुर भी हैं) जिनकी सभी स्रोतों से आय ऐसी आय से अधिक नहीं है जो केंद्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए;
(च) यदि, यथास्थिति, कोई कर्मचारी या किसी असंगठित कर्मकार अविवाहित है और उसके माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो बीमाकृत व्यक्ति के उपार्जनों पर पूर्ण रूप से आश्रित अवयस्क भाई या बहिन ;
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