CSS 157अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 157 · निगम को नियम बनाने की शक्ति प्राप्त है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) निगम अधिसूचना द्वारा, और पूर्व प्रकाशन की शर्त के अधीन रहते हुए, निगम के कार्यों के प्रशासन के लिए और अध्याय IV के प्रावधानों और उस अध्याय से संबंधित इस संहिता के प्रावधानों को प्रभावी करने के लिए, इस संहिता और उसके अधीन बनाए गए नियमों और योजनाओं के साथ असंगत न होने वाले विनियम बना सकता है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से ऐसे विनियमों में निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान किया जा सकता है, अर्थात्:—
(क) धारा 5 की उपधारा (ख) के अधीन निगम के निर्णय हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले मामले और विषय तथा धारा 5 की उपधारा (6) के अधीन समितियों की संरचना;
(ख) वे क्षेत्र जिनके संबंध में निगम क्षेत्रीय बोर्डों और स्थानीय समितियों की नियुक्ति कर सकता है तथा वे तरीके जिनसे ऐसे बोर्ड और समितियाँ धारा 12 की उपधारा (2) के अधीन कार्यों का निष्पादन करेंगी और शक्तियों का प्रयोग करेंगी;
(ग) उपधारा (4) के अधीन महानिदेशक और वित्तीय आयुक्त के ऐसे अन्य कार्य, उपधारा (8) के खंड (क) के अधीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती विधि, वेतन और भत्ते, अनुशासन और सेवा की अन्य शर्तें, और धारा 24 की उपधारा (9) के दूसरे परंतुक के अधीन अगले उच्च श्रेणी में पदोन्नति के लिए न्यूनतम अर्हता सेवा;
(घ) वह इकाई जिसके संबंध में उपधारा (3) के अधीन सभी अंशदान देय होंगे, और वे दिन जिन पर धारा 29 की उपधारा (4) के अधीन अंशदान देय होंगे;
(ई) उपधारा (7) के अधीन ठेकेदार द्वारा या उसके माध्यम से कर्मचारियों के रजिस्टर का रखरखाव, और धारा 31 की उपधारा (9) के अधीन अंशदान के भुगतान और संग्रह से संबंधित या उससे आनुषंगिक कोई भी मामला;
(f) धारा 32 के खंड (क) के अधीन बीमारी प्रमाणित करने के लिए अन्य व्यक्ति की योग्यता और अनुभव, धारा (ख) के अधीन किसी महिला की पात्रता प्रमाणित करने का अधिकार, धारा (1) के खंड (ग) के अधीन भुगतान के लिए पात्रता प्रमाणित करने का अधिकार, धारा (2) के अधीन चिकित्सा लाभों के विस्तार की शर्तें और धारा 32 की उपधारा (4) के अधीन लाभों के संचय और भुगतान से संबंधित या उससे आनुषंगिक कोई भी मामला;
(जी) वह निरंतर अवधि जिसमें कर्मचारी धारा 36 की उपधारा (1) के अंतर्गत व्यावसायिक रोग से ग्रसित हो जाता है;
(h) धारा 37 की उपधारा (1) के अधीन चिकित्सा बोर्ड का गठन तथा उपधारा (5) के अधीन चिकित्सा अपील न्यायाधिकरण का गठन;
(i) प्रथम परंतुक के अधीन किसी व्यक्ति को दी जाने वाली चिकित्सा लाभ की अवधि और प्रकृति, द्वितीय परंतुक के अधीन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना की शर्तें, द्वितीय परंतुक के अधीन चिकित्सा लाभ प्राप्त करने की पात्रता के लिए अंशदान का भुगतान और अन्य शर्तें, तथा उपधारा (3) के चौथे परंतुक के अधीन रोजगार चोट के दौरान बीमित व्यक्ति को चिकित्सा लाभ प्रदान करने की शर्तें, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के छात्रों द्वारा निगम की सेवा करने की अवधि और उपधारा (4) के खंड (ख) के अधीन बांड प्रस्तुत करने का तरीका तथा धारा 39 की उपधारा (6) के अधीन बीमित व्यक्तियों के स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों के आकलन के लिए व्यावसायिक और महामारी विज्ञान सर्वेक्षण और अध्ययन करने का तरीका;
(जे) उपधारा (3) के खंड (सी) के तहत चिकित्सा उपचार प्रदान किए जाने वाले क्षेत्र को छोड़ने की अनुमति प्रदान करने के लिए अन्य प्राधिकरण, उपधारा (6) के तहत नामांकन का प्रपत्र और धारा 41 की उपधारा (9) के तहत लाभ निर्धारित करने के लिए प्राधिकरण;
(k) धारा 44 के स्पष्टीकरण के खंड (c) के अंतर्गत चिकित्सा सुविधाओं के लिए अन्य लाभार्थियों द्वारा भुगतान किए जाने वाले उपयोगकर्ता शुल्क;
(l) वह समय जिसके भीतर निगम द्वारा नियोक्ता से दावे, वसूली या अंशदान तथा नियोक्ता द्वारा ठेकेदार से अंशदान की वसूली धारा 51 की उपधारा (1) के द्वितीय परंतुक के अधीन की जाएगी;
(m) धारा 123 के खंड (d) के द्वितीय परंतुक के अधीन दाखिल किए जाने वाले अभिलेखों और रजिस्टरों तथा प्रतिवेदनों के प्रपत्र;
(n) निगम के संयुक्त निदेशक के पद से नीचे का अपीलीय प्राधिकारी जिसके समक्ष अपील की जाएगी तथा धारा 126 के अंतर्गत निगम द्वारा नियोक्ता को ब्याज की वापसी;
(ओ) धारा 128 के तहत देय किसी अंशदान के भुगतान में चूक करने वाले नियोक्ता से हर्जाना वसूलने और वसूल करने का तरीका;
(p) वे परिस्थितियाँ और वे शर्तें जिनके अधीन किसी नियम में ढील दी जा सकती है, ऐसी ढील की सीमा और वह प्राधिकारी जिसके द्वारा ऐसी ढील दी जा सकती है; और
(q) कोई भी ऐसा मामला जिसके संबंध में इस संहिता द्वारा विनियम बनाना आवश्यक या अनुमत है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से ऐसे विनियमों में निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान किया जा सकता है, अर्थात्:—
(क) धारा 5 की उपधारा (ख) के अधीन निगम के निर्णय हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले मामले और विषय तथा धारा 5 की उपधारा (6) के अधीन समितियों की संरचना;
(ख) वे क्षेत्र जिनके संबंध में निगम क्षेत्रीय बोर्डों और स्थानीय समितियों की नियुक्ति कर सकता है तथा वे तरीके जिनसे ऐसे बोर्ड और समितियाँ धारा 12 की उपधारा (2) के अधीन कार्यों का निष्पादन करेंगी और शक्तियों का प्रयोग करेंगी;
(ग) उपधारा (4) के अधीन महानिदेशक और वित्तीय आयुक्त के ऐसे अन्य कार्य, उपधारा (8) के खंड (क) के अधीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती विधि, वेतन और भत्ते, अनुशासन और सेवा की अन्य शर्तें, और धारा 24 की उपधारा (9) के दूसरे परंतुक के अधीन अगले उच्च श्रेणी में पदोन्नति के लिए न्यूनतम अर्हता सेवा;
(घ) वह इकाई जिसके संबंध में उपधारा (3) के अधीन सभी अंशदान देय होंगे, और वे दिन जिन पर धारा 29 की उपधारा (4) के अधीन अंशदान देय होंगे;
(ई) उपधारा (7) के अधीन ठेकेदार द्वारा या उसके माध्यम से कर्मचारियों के रजिस्टर का रखरखाव, और धारा 31 की उपधारा (9) के अधीन अंशदान के भुगतान और संग्रह से संबंधित या उससे आनुषंगिक कोई भी मामला;
(f) धारा 32 के खंड (क) के अधीन बीमारी प्रमाणित करने के लिए अन्य व्यक्ति की योग्यता और अनुभव, धारा (ख) के अधीन किसी महिला की पात्रता प्रमाणित करने का अधिकार, धारा (1) के खंड (ग) के अधीन भुगतान के लिए पात्रता प्रमाणित करने का अधिकार, धारा (2) के अधीन चिकित्सा लाभों के विस्तार की शर्तें और धारा 32 की उपधारा (4) के अधीन लाभों के संचय और भुगतान से संबंधित या उससे आनुषंगिक कोई भी मामला;
(जी) वह निरंतर अवधि जिसमें कर्मचारी धारा 36 की उपधारा (1) के अंतर्गत व्यावसायिक रोग से ग्रसित हो जाता है;
(h) धारा 37 की उपधारा (1) के अधीन चिकित्सा बोर्ड का गठन तथा उपधारा (5) के अधीन चिकित्सा अपील न्यायाधिकरण का गठन;
(i) प्रथम परंतुक के अधीन किसी व्यक्ति को दी जाने वाली चिकित्सा लाभ की अवधि और प्रकृति, द्वितीय परंतुक के अधीन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना की शर्तें, द्वितीय परंतुक के अधीन चिकित्सा लाभ प्राप्त करने की पात्रता के लिए अंशदान का भुगतान और अन्य शर्तें, तथा उपधारा (3) के चौथे परंतुक के अधीन रोजगार चोट के दौरान बीमित व्यक्ति को चिकित्सा लाभ प्रदान करने की शर्तें, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के छात्रों द्वारा निगम की सेवा करने की अवधि और उपधारा (4) के खंड (ख) के अधीन बांड प्रस्तुत करने का तरीका तथा धारा 39 की उपधारा (6) के अधीन बीमित व्यक्तियों के स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों के आकलन के लिए व्यावसायिक और महामारी विज्ञान सर्वेक्षण और अध्ययन करने का तरीका;
(जे) उपधारा (3) के खंड (सी) के तहत चिकित्सा उपचार प्रदान किए जाने वाले क्षेत्र को छोड़ने की अनुमति प्रदान करने के लिए अन्य प्राधिकरण, उपधारा (6) के तहत नामांकन का प्रपत्र और धारा 41 की उपधारा (9) के तहत लाभ निर्धारित करने के लिए प्राधिकरण;
(k) धारा 44 के स्पष्टीकरण के खंड (c) के अंतर्गत चिकित्सा सुविधाओं के लिए अन्य लाभार्थियों द्वारा भुगतान किए जाने वाले उपयोगकर्ता शुल्क;
(l) वह समय जिसके भीतर निगम द्वारा नियोक्ता से दावे, वसूली या अंशदान तथा नियोक्ता द्वारा ठेकेदार से अंशदान की वसूली धारा 51 की उपधारा (1) के द्वितीय परंतुक के अधीन की जाएगी;
(m) धारा 123 के खंड (d) के द्वितीय परंतुक के अधीन दाखिल किए जाने वाले अभिलेखों और रजिस्टरों तथा प्रतिवेदनों के प्रपत्र;
(n) निगम के संयुक्त निदेशक के पद से नीचे का अपीलीय प्राधिकारी जिसके समक्ष अपील की जाएगी तथा धारा 126 के अंतर्गत निगम द्वारा नियोक्ता को ब्याज की वापसी;
(ओ) धारा 128 के तहत देय किसी अंशदान के भुगतान में चूक करने वाले नियोक्ता से हर्जाना वसूलने और वसूल करने का तरीका;
(p) वे परिस्थितियाँ और वे शर्तें जिनके अधीन किसी नियम में ढील दी जा सकती है, ऐसी ढील की सीमा और वह प्राधिकारी जिसके द्वारा ऐसी ढील दी जा सकती है; और
(q) कोई भी ऐसा मामला जिसके संबंध में इस संहिता द्वारा विनियम बनाना आवश्यक या अनुमत है।
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