CSS 53अध्याय V · Gratuity
धारा 53 · ग्रेच्युटी का भुगतान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी कर्मचारी को उसकी नौकरी समाप्त होने पर, कम से कम पांच वर्ष की निरंतर सेवा के बाद, ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा,---
(क) उसकी सेवानिवृत्ति पर; या
(ख) उनकी सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र पर; या
(ग) दुर्घटना या बीमारी के कारण उसकी मृत्यु या विकलांगता होने पर; या
(घ) निश्चित अवधि के रोजगार के तहत उसकी अनुबंध अवधि की समाप्ति पर; या
(ई) केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी घटना के घटित होने पर:
बशर्ते कि कार्यरत पत्रकार और अन्य समाचार पत्र कर्मचारी (सेवा की शर्तें) और विविध प्रावधान अधिनियम, 1955 (45 ऑफ 1955) की धारा 2 के खंड (एफ) में परिभाषित कार्यरत पत्रकार के मामले में, इस उपधारा में प्रयुक्त अभिव्यक्ति "पांच वर्ष" को तीन वर्ष माना जाएगा:
इसके अलावा, यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु, विकलांगता, निश्चित अवधि के रोजगार की समाप्ति, या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी घटना के घटित होने के कारण उसकी रोजगार समाप्ति होती है, तो पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करना आवश्यक नहीं होगा।
इसके अलावा, कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में, उसे देय ग्रेच्युटी उसके नामित व्यक्ति को या, यदि कोई नामित व्यक्ति नामित नहीं किया गया है, तो उसके वारिसों को दी जाएगी, और यदि ऐसा कोई नामित व्यक्ति या वारिस नाबालिग है, तो ऐसे नाबालिग का हिस्सा उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित सक्षम प्राधिकारी के पास जमा किया जाएगा, जो ऐसे नाबालिग के लाभ के लिए उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित बैंक या अन्य वित्तीय संस्था में उस राशि का निवेश तब तक करेगा जब तक कि नाबालिग बालिग नहीं हो जाता।
(2) सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष या छह माह से अधिक के उसके भाग के लिए, नियोक्ता कर्मचारी को पंद्रह दिनों के वेतन की दर से या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित दिनों की संख्या के अनुसार, संबंधित कर्मचारी द्वारा अंतिम बार प्राप्त वेतन की दर के आधार पर ग्रेच्युटी का भुगतान करेगा:
बशर्ते कि यदि कोई कर्मचारी अंशकालिक आधार पर काम करता है, तो उसकी दैनिक मजदूरी की गणना उसकी नौकरी समाप्त होने से ठीक पहले के तीन महीनों की अवधि के लिए प्राप्त कुल मजदूरी के औसत के आधार पर की जाएगी, और इस उद्देश्य के लिए, किसी भी अतिरिक्त कार्य के लिए भुगतान की गई मजदूरी को ध्यान में नहीं रखा जाएगा।
इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी किसी मौसमी प्रतिष्ठान में कार्यरत है और पूरे वर्ष के लिए कार्यरत नहीं है, तो नियोक्ता प्रत्येक मौसम के लिए सात दिनों के वेतन की दर से ग्रेच्युटी का भुगतान करेगा।
इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी निश्चित अवधि के लिए कार्यरत है या कोई कर्मचारी मृत है, तो नियोक्ता आनुपातिक आधार पर ग्रेच्युटी का भुगतान करेगा।
(3) किसी कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की राशि केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित राशि से अधिक नहीं होगी।
(4) किसी कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की गणना के प्रयोजन से, जो अपनी अक्षमता के बाद कम वेतन पर नियोजित है, उसकी अक्षमता से पूर्व की अवधि के लिए उसका वेतन उस अवधि के दौरान उसके द्वारा प्राप्त वेतन माना जाएगा, और उसकी अक्षमता के बाद की अवधि के लिए उसका वेतन इस प्रकार कम किया गया वेतन माना जाएगा।
(5) इस धारा में कोई बात किसी कर्मचारी के नियोक्ता के साथ किसी पुरस्कार या समझौते या अनुबंध के तहत ग्रेच्युटी की बेहतर शर्तें प्राप्त करने के अधिकार को प्रभावित नहीं करेगी।
(6) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी,---
(क) किसी कर्मचारी की ग्रेच्युटी, जिसकी सेवाएँ नियोक्ता की संपत्ति को किसी प्रकार की क्षति, हानि या विनाश पहुँचाने वाले किसी कार्य, जानबूझकर की गई चूक या लापरवाही के कारण समाप्त कर दी गई हैं, उस क्षति या हानि की सीमा तक जब्त कर ली जाएगी;
(ख) किसी कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी पूर्णतः या आंशिक रूप से जब्त की जा सकती है---
(i) यदि ऐसे कर्मचारी की सेवाएँ उसके दंगा या अव्यवस्थित आचरण या उसके द्वारा किए गए किसी अन्य हिंसक कृत्य के कारण समाप्त कर दी गई हों, या
(ii) यदि ऐसे कर्मचारी की सेवाएँ किसी ऐसे कार्य के लिए समाप्त कर दी गई हैं जो नैतिक पतन से संबंधित अपराध है, बशर्ते कि ऐसा अपराध उसके द्वारा उसके रोजगार के दौरान किया गया हो।
स्पष्टीकरण 1.--- इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, कर्मचारी में ऐसा कोई व्यक्ति शामिल नहीं है जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार के अधीन कोई पद धारण करता हो और किसी अन्य अधिनियम या किसी नियम द्वारा शासित हो जो ग्रेच्युटी के भुगतान का प्रावधान करता हो।
स्पष्टीकरण 2.---इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अक्षमता का अर्थ ऐसी अक्षमता है जो किसी कर्मचारी को उस कार्य के लिए अक्षम कर देती है जिसे वह दुर्घटना या बीमारी से पहले करने में सक्षम था, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी अक्षमता हुई है।
स्पष्टीकरण 3.--- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि मासिक वेतनभोगी कर्मचारी के मामले में, पंद्रह दिनों का वेतन उसके द्वारा अंतिम बार प्राप्त किए गए मासिक वेतन को छब्बीस से विभाजित करके और भागफल को पंद्रह से गुणा करके गणना की जाएगी।
(क) उसकी सेवानिवृत्ति पर; या
(ख) उनकी सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र पर; या
(ग) दुर्घटना या बीमारी के कारण उसकी मृत्यु या विकलांगता होने पर; या
(घ) निश्चित अवधि के रोजगार के तहत उसकी अनुबंध अवधि की समाप्ति पर; या
(ई) केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी घटना के घटित होने पर:
बशर्ते कि कार्यरत पत्रकार और अन्य समाचार पत्र कर्मचारी (सेवा की शर्तें) और विविध प्रावधान अधिनियम, 1955 (45 ऑफ 1955) की धारा 2 के खंड (एफ) में परिभाषित कार्यरत पत्रकार के मामले में, इस उपधारा में प्रयुक्त अभिव्यक्ति "पांच वर्ष" को तीन वर्ष माना जाएगा:
इसके अलावा, यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु, विकलांगता, निश्चित अवधि के रोजगार की समाप्ति, या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी घटना के घटित होने के कारण उसकी रोजगार समाप्ति होती है, तो पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करना आवश्यक नहीं होगा।
इसके अलावा, कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में, उसे देय ग्रेच्युटी उसके नामित व्यक्ति को या, यदि कोई नामित व्यक्ति नामित नहीं किया गया है, तो उसके वारिसों को दी जाएगी, और यदि ऐसा कोई नामित व्यक्ति या वारिस नाबालिग है, तो ऐसे नाबालिग का हिस्सा उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित सक्षम प्राधिकारी के पास जमा किया जाएगा, जो ऐसे नाबालिग के लाभ के लिए उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित बैंक या अन्य वित्तीय संस्था में उस राशि का निवेश तब तक करेगा जब तक कि नाबालिग बालिग नहीं हो जाता।
(2) सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष या छह माह से अधिक के उसके भाग के लिए, नियोक्ता कर्मचारी को पंद्रह दिनों के वेतन की दर से या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित दिनों की संख्या के अनुसार, संबंधित कर्मचारी द्वारा अंतिम बार प्राप्त वेतन की दर के आधार पर ग्रेच्युटी का भुगतान करेगा:
बशर्ते कि यदि कोई कर्मचारी अंशकालिक आधार पर काम करता है, तो उसकी दैनिक मजदूरी की गणना उसकी नौकरी समाप्त होने से ठीक पहले के तीन महीनों की अवधि के लिए प्राप्त कुल मजदूरी के औसत के आधार पर की जाएगी, और इस उद्देश्य के लिए, किसी भी अतिरिक्त कार्य के लिए भुगतान की गई मजदूरी को ध्यान में नहीं रखा जाएगा।
इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी किसी मौसमी प्रतिष्ठान में कार्यरत है और पूरे वर्ष के लिए कार्यरत नहीं है, तो नियोक्ता प्रत्येक मौसम के लिए सात दिनों के वेतन की दर से ग्रेच्युटी का भुगतान करेगा।
इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी निश्चित अवधि के लिए कार्यरत है या कोई कर्मचारी मृत है, तो नियोक्ता आनुपातिक आधार पर ग्रेच्युटी का भुगतान करेगा।
(3) किसी कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की राशि केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित राशि से अधिक नहीं होगी।
(4) किसी कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की गणना के प्रयोजन से, जो अपनी अक्षमता के बाद कम वेतन पर नियोजित है, उसकी अक्षमता से पूर्व की अवधि के लिए उसका वेतन उस अवधि के दौरान उसके द्वारा प्राप्त वेतन माना जाएगा, और उसकी अक्षमता के बाद की अवधि के लिए उसका वेतन इस प्रकार कम किया गया वेतन माना जाएगा।
(5) इस धारा में कोई बात किसी कर्मचारी के नियोक्ता के साथ किसी पुरस्कार या समझौते या अनुबंध के तहत ग्रेच्युटी की बेहतर शर्तें प्राप्त करने के अधिकार को प्रभावित नहीं करेगी।
(6) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी,---
(क) किसी कर्मचारी की ग्रेच्युटी, जिसकी सेवाएँ नियोक्ता की संपत्ति को किसी प्रकार की क्षति, हानि या विनाश पहुँचाने वाले किसी कार्य, जानबूझकर की गई चूक या लापरवाही के कारण समाप्त कर दी गई हैं, उस क्षति या हानि की सीमा तक जब्त कर ली जाएगी;
(ख) किसी कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी पूर्णतः या आंशिक रूप से जब्त की जा सकती है---
(i) यदि ऐसे कर्मचारी की सेवाएँ उसके दंगा या अव्यवस्थित आचरण या उसके द्वारा किए गए किसी अन्य हिंसक कृत्य के कारण समाप्त कर दी गई हों, या
(ii) यदि ऐसे कर्मचारी की सेवाएँ किसी ऐसे कार्य के लिए समाप्त कर दी गई हैं जो नैतिक पतन से संबंधित अपराध है, बशर्ते कि ऐसा अपराध उसके द्वारा उसके रोजगार के दौरान किया गया हो।
स्पष्टीकरण 1.--- इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, कर्मचारी में ऐसा कोई व्यक्ति शामिल नहीं है जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार के अधीन कोई पद धारण करता हो और किसी अन्य अधिनियम या किसी नियम द्वारा शासित हो जो ग्रेच्युटी के भुगतान का प्रावधान करता हो।
स्पष्टीकरण 2.---इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अक्षमता का अर्थ ऐसी अक्षमता है जो किसी कर्मचारी को उस कार्य के लिए अक्षम कर देती है जिसे वह दुर्घटना या बीमारी से पहले करने में सक्षम था, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी अक्षमता हुई है।
स्पष्टीकरण 3.--- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि मासिक वेतनभोगी कर्मचारी के मामले में, पंद्रह दिनों का वेतन उसके द्वारा अंतिम बार प्राप्त किए गए मासिक वेतन को छब्बीस से विभाजित करके और भागफल को पंद्रह से गुणा करके गणना की जाएगी।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
