CSS 25अध्याय IV · Employees State Insurance Corporation
धारा 25 · कर्मचारी? राज्य बीमा कोष।
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(1) इस अध्याय के अंतर्गत भुगतान किए गए सभी अंशदान और उपयोगकर्ता शुल्क तथा निगम की ओर से प्राप्त अन्य सभी धन राशि एक निधि (जिसे इसके बाद कर्मचारी राज्य बीमा निधि कहा जाएगा) में जमा की जाएगी, जिसे निगम द्वारा इस संहिता के प्रयोजनों के लिए रखा और प्रशासित किया जाएगा:
बशर्ते कि धारा 44 में निर्दिष्ट अन्य लाभार्थियों से एकत्र किए गए उपयोगकर्ता शुल्क को अंशदान माना जाएगा और यह कर्मचारी राज्य बीमा निगम का हिस्सा होगा।
(2) निगम इस अध्याय के सभी या किसी भी उद्देश्य के लिए केंद्र या किसी राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, या किसी व्यक्ति या निकाय से अनुदान, दान, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधि और उपहार स्वीकार कर सकता है।
(3) इस संहिता में निहित अन्य प्रावधानों तथा इस संबंध में बनाए गए किसी नियम या विनियम के अधीन रहते हुए, उक्त निधि में प्राप्त होने वाली या देय सभी धनराशियाँ केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित बैंक या बैंकों में कर्मचारी राज्य बीमा निधि के खाते के नाम से एक खाते में जमा की जाएँगी।
(4) कर्मचारी राज्य बीमा निधि या निगम द्वारा धारित कोई अन्य धन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से जमा या निवेश किया जाएगा और उप-धारा (3) में निर्दिष्ट खाते का संचालन ऐसे अधिकारियों द्वारा किया जाएगा जिन्हें धारा 5 की उप-धारा (3) के तहत गठित समिति (जिसे इसके बाद स्थायी समिति कहा जाएगा) द्वारा निगम की स्वीकृति से अधिकृत किया जा सकता है।
बशर्ते कि धारा 44 में निर्दिष्ट अन्य लाभार्थियों से एकत्र किए गए उपयोगकर्ता शुल्क को अंशदान माना जाएगा और यह कर्मचारी राज्य बीमा निगम का हिस्सा होगा।
(2) निगम इस अध्याय के सभी या किसी भी उद्देश्य के लिए केंद्र या किसी राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, या किसी व्यक्ति या निकाय से अनुदान, दान, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधि और उपहार स्वीकार कर सकता है।
(3) इस संहिता में निहित अन्य प्रावधानों तथा इस संबंध में बनाए गए किसी नियम या विनियम के अधीन रहते हुए, उक्त निधि में प्राप्त होने वाली या देय सभी धनराशियाँ केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित बैंक या बैंकों में कर्मचारी राज्य बीमा निधि के खाते के नाम से एक खाते में जमा की जाएँगी।
(4) कर्मचारी राज्य बीमा निधि या निगम द्वारा धारित कोई अन्य धन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से जमा या निवेश किया जाएगा और उप-धारा (3) में निर्दिष्ट खाते का संचालन ऐसे अधिकारियों द्वारा किया जाएगा जिन्हें धारा 5 की उप-धारा (3) के तहत गठित समिति (जिसे इसके बाद स्थायी समिति कहा जाएगा) द्वारा निगम की स्वीकृति से अधिकृत किया जा सकता है।
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