CSS 40अध्याय IV · Employees State Insurance Corporation
धारा 40 · राज्य सरकार या निगम द्वारा चिकित्सा उपचार की व्यवस्था।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार बीमित व्यक्तियों और (जहां ऐसा लाभ उनके परिवारों को दिया जाता है) उनके परिवारों को राज्य में उचित चिकित्सा, शल्य चिकित्सा और प्रसूति उपचार प्रदान करेगी:
बशर्ते कि राज्य सरकार, निगम की स्वीकृति से, चिकित्सा चिकित्सकों के क्लीनिकों में चिकित्सा उपचार की व्यवस्था ऐसे पैमाने पर और ऐसी शर्तों और नियमों के अधीन कर सकती है, जिन पर सहमति हो।
(2) यदि किसी राज्य में बीमित व्यक्तियों को बीमारी लाभ भुगतान की दर अखिल भारतीय औसत से अधिक पाई जाती है, तो ऐसी अतिरिक्त राशि निगम और राज्य सरकार के बीच ऐसे अनुपात में साझा की जाएगी जैसा कि उनके बीच समझौते द्वारा निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि निगम किसी भी स्थिति में राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले हिस्से के पूरे या किसी भाग की वसूली को माफ कर सकता है।
(3) निगम, बीमित व्यक्तियों और (जहां ऐसा चिकित्सा लाभ परिवारों तक विस्तारित है) उनके परिवारों को प्रदान किए जाने वाले चिकित्सा उपचार की प्रकृति और पैमाने (भवन, उपकरण, दवाइयां और कर्मचारी सहित) के संबंध में और निगम तथा राज्य सरकार के बीच बीमित व्यक्तियों को बीमारी लाभ की घटना में किसी भी अतिरिक्त राशि की लागत साझा करने के लिए राज्य सरकार के साथ एक समझौता कर सकता है।
(4) निगम और किसी राज्य सरकार के बीच उपर्युक्त समझौते के अभाव में, राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले चिकित्सा उपचार की प्रकृति और सीमा तथा उसकी लागत तथा रोग लाभ की अधिकता का निगम और उस सरकार के बीच साझा किए जाने का अनुपात, केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के परामर्श से नियुक्त किए जाने वाले मध्यस्थ द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
(5) राज्य सरकार, इस संहिता के अंतर्गत निगम के अतिरिक्त, केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से, किसी भी नाम से ऐसे संगठन की स्थापना कर सकती है जो कर्मचारियों को बीमारी, मातृत्व और रोजगार संबंधी चोट की स्थिति में कुछ लाभ प्रदान करे।
इस अध्याय से संबंधित इस संहिता में राज्य सरकार के किसी भी संदर्भ में उस संगठन का संदर्भ भी शामिल होगा, जब भी राज्य सरकार द्वारा ऐसे संगठन की स्थापना की जाती है।
(6) उपधारा (5) में निर्दिष्ट संगठन की ऐसी संरचना होगी, वह ऐसे कार्यों का निर्वहन करेगा, ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगा और ऐसी गतिविधियाँ करेगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(7) निगम किसी राज्य में ऐसे अस्पताल, औषधालयाँ और अन्य चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सेवाएँ स्थापित एवं रखरखाव कर सकता है, जिन्हें वह बीमित व्यक्तियों और (जहाँ ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक विस्तारित है) उनके परिवारों के लाभ के लिए उपयुक्त समझे।
(8) निगम किसी भी स्थानीय प्राधिकरण, निजी निकाय या व्यक्ति के साथ किसी भी क्षेत्र में बीमित व्यक्तियों और (जहां ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक बढ़ाया जाता है) उनके परिवारों के लिए चिकित्सा उपचार और देखभाल प्रदान करने के संबंध में समझौता कर सकता है और इसकी लागत साझा कर सकता है।
(9) निगम किसी स्थानीय प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या निजी निकाय के साथ तृतीय पक्ष भागीदारी के माध्यम से कर्मचारी राज्य बीमा अस्पतालों को चालू करने और चलाने के लिए समझौता कर सकता है, ताकि बीमित व्यक्तियों और (जहां ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक बढ़ाया गया है) उनके परिवारों को चिकित्सा उपचार और देखभाल प्रदान की जा सके।
(10) इस अध्याय के किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के होते हुए भी, निगम राज्य सरकार से परामर्श करके, बीमित व्यक्तियों को और (जहाँ ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक विस्तारित किया जाता है) ऐसे बीमित व्यक्तियों के परिवारों को राज्य में चिकित्सा लाभ प्रदान करने का दायित्व ग्रहण कर सकता है, इस शर्त के अधीन कि राज्य सरकार ऐसे चिकित्सा लाभ की लागत को उस अनुपात में वहन करेगी जैसा कि राज्य सरकार और निगम के बीच सहमति हो।
(11) यदि निगम उपधारा (10) के अधीन अपनी शक्ति का प्रयोग करता है, तो इस अध्याय के अंतर्गत चिकित्सा लाभ से संबंधित प्रावधान, जहाँ तक संभव हो, इस प्रकार लागू होंगे मानो उसमें राज्य सरकार का संदर्भ निगम को दिया गया हो।
(12) इस संहिता में किसी बात के होते हुए भी, उन राज्यों में स्थित प्रतिष्ठानों के संबंध में जहां निगम द्वारा चिकित्सा लाभ प्रदान किया जाता है, केंद्र सरकार उपयुक्त सरकार होगी।
बशर्ते कि राज्य सरकार, निगम की स्वीकृति से, चिकित्सा चिकित्सकों के क्लीनिकों में चिकित्सा उपचार की व्यवस्था ऐसे पैमाने पर और ऐसी शर्तों और नियमों के अधीन कर सकती है, जिन पर सहमति हो।
(2) यदि किसी राज्य में बीमित व्यक्तियों को बीमारी लाभ भुगतान की दर अखिल भारतीय औसत से अधिक पाई जाती है, तो ऐसी अतिरिक्त राशि निगम और राज्य सरकार के बीच ऐसे अनुपात में साझा की जाएगी जैसा कि उनके बीच समझौते द्वारा निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि निगम किसी भी स्थिति में राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले हिस्से के पूरे या किसी भाग की वसूली को माफ कर सकता है।
(3) निगम, बीमित व्यक्तियों और (जहां ऐसा चिकित्सा लाभ परिवारों तक विस्तारित है) उनके परिवारों को प्रदान किए जाने वाले चिकित्सा उपचार की प्रकृति और पैमाने (भवन, उपकरण, दवाइयां और कर्मचारी सहित) के संबंध में और निगम तथा राज्य सरकार के बीच बीमित व्यक्तियों को बीमारी लाभ की घटना में किसी भी अतिरिक्त राशि की लागत साझा करने के लिए राज्य सरकार के साथ एक समझौता कर सकता है।
(4) निगम और किसी राज्य सरकार के बीच उपर्युक्त समझौते के अभाव में, राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले चिकित्सा उपचार की प्रकृति और सीमा तथा उसकी लागत तथा रोग लाभ की अधिकता का निगम और उस सरकार के बीच साझा किए जाने का अनुपात, केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के परामर्श से नियुक्त किए जाने वाले मध्यस्थ द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
(5) राज्य सरकार, इस संहिता के अंतर्गत निगम के अतिरिक्त, केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से, किसी भी नाम से ऐसे संगठन की स्थापना कर सकती है जो कर्मचारियों को बीमारी, मातृत्व और रोजगार संबंधी चोट की स्थिति में कुछ लाभ प्रदान करे।
इस अध्याय से संबंधित इस संहिता में राज्य सरकार के किसी भी संदर्भ में उस संगठन का संदर्भ भी शामिल होगा, जब भी राज्य सरकार द्वारा ऐसे संगठन की स्थापना की जाती है।
(6) उपधारा (5) में निर्दिष्ट संगठन की ऐसी संरचना होगी, वह ऐसे कार्यों का निर्वहन करेगा, ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगा और ऐसी गतिविधियाँ करेगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(7) निगम किसी राज्य में ऐसे अस्पताल, औषधालयाँ और अन्य चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सेवाएँ स्थापित एवं रखरखाव कर सकता है, जिन्हें वह बीमित व्यक्तियों और (जहाँ ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक विस्तारित है) उनके परिवारों के लाभ के लिए उपयुक्त समझे।
(8) निगम किसी भी स्थानीय प्राधिकरण, निजी निकाय या व्यक्ति के साथ किसी भी क्षेत्र में बीमित व्यक्तियों और (जहां ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक बढ़ाया जाता है) उनके परिवारों के लिए चिकित्सा उपचार और देखभाल प्रदान करने के संबंध में समझौता कर सकता है और इसकी लागत साझा कर सकता है।
(9) निगम किसी स्थानीय प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या निजी निकाय के साथ तृतीय पक्ष भागीदारी के माध्यम से कर्मचारी राज्य बीमा अस्पतालों को चालू करने और चलाने के लिए समझौता कर सकता है, ताकि बीमित व्यक्तियों और (जहां ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक बढ़ाया गया है) उनके परिवारों को चिकित्सा उपचार और देखभाल प्रदान की जा सके।
(10) इस अध्याय के किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के होते हुए भी, निगम राज्य सरकार से परामर्श करके, बीमित व्यक्तियों को और (जहाँ ऐसा चिकित्सा लाभ उनके परिवारों तक विस्तारित किया जाता है) ऐसे बीमित व्यक्तियों के परिवारों को राज्य में चिकित्सा लाभ प्रदान करने का दायित्व ग्रहण कर सकता है, इस शर्त के अधीन कि राज्य सरकार ऐसे चिकित्सा लाभ की लागत को उस अनुपात में वहन करेगी जैसा कि राज्य सरकार और निगम के बीच सहमति हो।
(11) यदि निगम उपधारा (10) के अधीन अपनी शक्ति का प्रयोग करता है, तो इस अध्याय के अंतर्गत चिकित्सा लाभ से संबंधित प्रावधान, जहाँ तक संभव हो, इस प्रकार लागू होंगे मानो उसमें राज्य सरकार का संदर्भ निगम को दिया गया हो।
(12) इस संहिता में किसी बात के होते हुए भी, उन राज्यों में स्थित प्रतिष्ठानों के संबंध में जहां निगम द्वारा चिकित्सा लाभ प्रदान किया जाता है, केंद्र सरकार उपयुक्त सरकार होगी।
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