CSS 32अध्याय IV · Employees State Insurance Corporation
धारा 32 · फ़ायदे।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस संहिता के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, बीमित व्यक्ति, उनके आश्रित या इसके बाद उल्लिखित व्यक्ति, जैसा भी मामला हो, निम्नलिखित लाभों के हकदार होंगे, अर्थात्:—
(क) किसी बीमित व्यक्ति को उसकी बीमारी की स्थिति में आवधिक भुगतान, जिसे विधिवत नियुक्त चिकित्सा व्यवसायी या निगम द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट योग्यता और अनुभव रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो (जिसे इसके बाद बीमारी लाभ कहा जाएगा);
(ख) प्रसव या गर्भपात या गर्भावस्था, प्रसव, समय से पहले बच्चे के जन्म या गर्भपात से उत्पन्न बीमारी की स्थिति में किसी महिला बीमित व्यक्ति को आवधिक भुगतान, ऐसी महिला को विनियमों द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा ऐसे भुगतान के लिए पात्र प्रमाणित किया जाता है (जिसे इसके बाद मातृत्व लाभ कहा जाएगा);
(ग) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए किसी कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहते हुए लगी रोजगार संबंधी चोट के परिणामस्वरूप विकलांगता से पीड़ित बीमित व्यक्ति को आवधिक भुगतान, और विनियमों द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा ऐसे भुगतानों के लिए पात्र प्रमाणित किया गया हो (जिसे आगे विकलांगता लाभ कहा जाएगा);
(घ) किसी बीमित व्यक्ति के ऐसे आश्रितों को आवधिक भुगतान, जिनकी मृत्यु इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए कर्मचारी के रूप में कार्य करते समय लगी रोजगार संबंधी चोट के परिणामस्वरूप होती है, जो इस अध्याय के अंतर्गत पात्र हैं (इसके बाद आश्रितों का लाभ कहा जाएगा);
(ई) बीमित व्यक्तियों के लिए चिकित्सा उपचार और उनकी देखभाल (जिसे इसके बाद चिकित्सा लाभ कहा जाएगा); और
(f) किसी बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार के सबसे बड़े जीवित सदस्य को मृतक बीमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर हुए व्यय के लिए भुगतान, या यदि बीमित व्यक्ति का परिवार नहीं था या उसकी मृत्यु के समय वह अपने परिवार के साथ नहीं रह रहा था, तो मृतक बीमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर वास्तव में व्यय करने वाले व्यक्ति को भुगतान (जिसे अंतिम संस्कार व्यय के रूप में जाना जाएगा)।
इस खंड के अंतर्गत भुगतान की राशि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित राशि से अधिक नहीं होगी और ऐसे भुगतान के लिए दावा बीमित व्यक्ति की मृत्यु के तीन महीने के भीतर या निगम या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी या प्राधिकरण द्वारा अनुमत विस्तारित अवधि के भीतर किया जाएगा।
(2) निगम, विनियमों में निर्धारित शर्तों के अधीन रहते हुए, बीमित व्यक्ति के परिवार को चिकित्सा लाभ प्रदान कर सकता है।
(3) किसी व्यक्ति की बीमारी भत्ता, मातृत्व भत्ता, विकलांगता भत्ता और आश्रितों का भत्ता प्राप्त करने की योग्यता और वे शर्तें जिनके अधीन ऐसा भत्ता दिया जा सकता है तथा उसकी दर और अवधि ऐसी होगी जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(4) इस संहिता और इस अध्याय से संबंधित इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, निगम इस अध्याय के अंतर्गत देय लाभों के संचय और भुगतान से संबंधित या उससे जुड़े किसी भी मामले के लिए नियम बना सकता है।
(क) किसी बीमित व्यक्ति को उसकी बीमारी की स्थिति में आवधिक भुगतान, जिसे विधिवत नियुक्त चिकित्सा व्यवसायी या निगम द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट योग्यता और अनुभव रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो (जिसे इसके बाद बीमारी लाभ कहा जाएगा);
(ख) प्रसव या गर्भपात या गर्भावस्था, प्रसव, समय से पहले बच्चे के जन्म या गर्भपात से उत्पन्न बीमारी की स्थिति में किसी महिला बीमित व्यक्ति को आवधिक भुगतान, ऐसी महिला को विनियमों द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा ऐसे भुगतान के लिए पात्र प्रमाणित किया जाता है (जिसे इसके बाद मातृत्व लाभ कहा जाएगा);
(ग) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए किसी कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहते हुए लगी रोजगार संबंधी चोट के परिणामस्वरूप विकलांगता से पीड़ित बीमित व्यक्ति को आवधिक भुगतान, और विनियमों द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा ऐसे भुगतानों के लिए पात्र प्रमाणित किया गया हो (जिसे आगे विकलांगता लाभ कहा जाएगा);
(घ) किसी बीमित व्यक्ति के ऐसे आश्रितों को आवधिक भुगतान, जिनकी मृत्यु इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए कर्मचारी के रूप में कार्य करते समय लगी रोजगार संबंधी चोट के परिणामस्वरूप होती है, जो इस अध्याय के अंतर्गत पात्र हैं (इसके बाद आश्रितों का लाभ कहा जाएगा);
(ई) बीमित व्यक्तियों के लिए चिकित्सा उपचार और उनकी देखभाल (जिसे इसके बाद चिकित्सा लाभ कहा जाएगा); और
(f) किसी बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार के सबसे बड़े जीवित सदस्य को मृतक बीमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर हुए व्यय के लिए भुगतान, या यदि बीमित व्यक्ति का परिवार नहीं था या उसकी मृत्यु के समय वह अपने परिवार के साथ नहीं रह रहा था, तो मृतक बीमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर वास्तव में व्यय करने वाले व्यक्ति को भुगतान (जिसे अंतिम संस्कार व्यय के रूप में जाना जाएगा)।
इस खंड के अंतर्गत भुगतान की राशि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित राशि से अधिक नहीं होगी और ऐसे भुगतान के लिए दावा बीमित व्यक्ति की मृत्यु के तीन महीने के भीतर या निगम या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी या प्राधिकरण द्वारा अनुमत विस्तारित अवधि के भीतर किया जाएगा।
(2) निगम, विनियमों में निर्धारित शर्तों के अधीन रहते हुए, बीमित व्यक्ति के परिवार को चिकित्सा लाभ प्रदान कर सकता है।
(3) किसी व्यक्ति की बीमारी भत्ता, मातृत्व भत्ता, विकलांगता भत्ता और आश्रितों का भत्ता प्राप्त करने की योग्यता और वे शर्तें जिनके अधीन ऐसा भत्ता दिया जा सकता है तथा उसकी दर और अवधि ऐसी होगी जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(4) इस संहिता और इस अध्याय से संबंधित इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, निगम इस अध्याय के अंतर्गत देय लाभों के संचय और भुगतान से संबंधित या उससे जुड़े किसी भी मामले के लिए नियम बना सकता है।
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