CSS 155अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 155 · नियम बनाने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, और पूर्व प्रकाशन की शर्त के अधीन रहते हुए, इस संहिता के प्रावधानों को प्रभावी करने के उद्देश्य से ऐसे नियम बना सकती है जो इस संहिता के साथ असंगत न हों।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:—
(क) वह तरीका और शर्तें जिनके अधीन केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वारा उपधारा (5) के तहत किसी प्रतिष्ठान पर अध्याय III के प्रावधानों को लागू नहीं किया जाएगा, और वह तरीका और शर्तें जिनके अधीन निगम के महानिदेशक द्वारा धारा 1 की उपधारा (7) के तहत किसी प्रतिष्ठान पर अध्याय IV के प्रावधानों को लागू नहीं किया जाएगा;
(ख) खंड (9) के अधीन कैरियर केंद्र और कैरियर सेवाओं की स्थापना और रखरखाव का तरीका, खंड (33) के उपखंड (ई) के अधीन आश्रित माता-पिता (महिला कर्मचारी के ससुर और सास सहित) की आय, और अन्य प्राधिकारी जिन्हें उपखंड (सी) के अधीन अधिभोगी माना जाएगा, और वे मामले जो सीधे जहाज की स्थिति से संबंधित हैं, जिसके लिए जहाज के स्वामी को धारा 2 के खंड (52) के उक्त उपखंड (सी) के परंतुक के अधीन अधिभोगी माना जाएगा;
(ग) अध्याय III या अध्याय IV के अंतर्गत आने वाले और धारा 3 के अंतर्गत जिनके व्यावसायिक कार्य बंद होने की प्रक्रिया में हैं, ऐसे प्रतिष्ठान के पंजीकरण का समय और तरीका, पंजीकरण रद्द करने के लिए आवेदन करने का तरीका, वे शर्तें जिनके अधीन पंजीकरण रद्द किया जाएगा और रद्द करने की प्रक्रिया और उससे संबंधित अन्य मामले;
(घ) उपधारा (1) के अधीन केंद्रीय बोर्ड में निहित निधियों के प्रशासन का तरीका, उपधारा (3) के अधीन कार्यकारी समिति द्वारा केंद्रीय बोर्ड को उसके कार्यों के निष्पादन में सहायता करने का तरीका, उपधारा (6) के अधीन केंद्रीय बोर्ड और कार्यकारी समिति के सदस्यों के कार्यकाल सहित नियम और शर्तें, और धारा 4 की उपधारा (7) के अधीन अन्य कार्य और ऐसे कार्यों के निष्पादन का तरीका;
(ई) निगम के प्रशासन का तरीका और उपधारा (1) के खंड (घ) के अधीन राज्यों के प्रतिनिधित्व का तरीका, उपधारा (3) के अधीन स्थायी समिति के गठन का तरीका, निगम के कार्यों के प्रशासन का तरीका, उपधारा (4) के खंड (क) के अधीन स्थायी समिति द्वारा शक्तियों का प्रयोग और कार्यों का निष्पादन, उपधारा (5) के खंड (ख) के अधीन चिकित्सा लाभ समिति के कर्तव्य और शक्तियां और वे नियम एवं शर्तें, जिनमें कार्यकाल भी शामिल है, जिनके अधीन निगम और स्थायी समिति का कोई सदस्य धारा 5 की उपधारा (7) के अधीन अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा;
(f) उपधारा (1) के अधीन राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड द्वारा शक्तियों के प्रयोग और कार्यों के निष्पादन का तरीका, सदस्यों के नामांकन का तरीका, उनका कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें, उनके कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और उपधारा (4) के अधीन रिक्तियों को भरने का तरीका और धारा 6 की उपधारा (6) के अधीन व्यवसाय के संचालन से संबंधित समय, स्थान और प्रक्रिया के नियम;
(जी) धारा 7 की उपधारा (6) के खंड (जे) के अधीन अन्य कल्याणकारी उपाय और सुविधाएं;
(h) वे अंतराल जिन पर सामाजिक सुरक्षा संगठन या उसकी कोई समिति बैठक करेगी तथा उपधारा (1) के अधीन बैठकों में कार्य संचालन के संबंध में प्रक्रिया तथा धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन ऐसे सामाजिक सुरक्षा संगठन या समिति के सदस्यों का शुल्क एवं भत्ते;
(i) निगम या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड या राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड या उपधारा (1) के अधीन किसी भी समिति के पुनर्गठन का तरीका और धारा 11 की उपधारा (2) के अधीन इस संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के प्रशासन के उद्देश्य से वैकल्पिक व्यवस्था;
(j) धारा 21 की उपधारा (1) के अधीन प्रतिष्ठान के संबंध में भविष्य निधि खाते के रखरखाव का तरीका;
(k) धारा 23 की उपधारा (2) के अधीन अपील दाखिल करने का प्रपत्र, तरीका, समय सीमा और शुल्क;
(एल) उपधारा (3) के अधीन महानिदेशक या वित्तीय आयुक्त का वेतन और भत्ते, उपधारा (4) के अधीन उनकी शक्तियां और कर्तव्य और धारा 24 की उपधारा (7) के परंतुक के अधीन अधिकतम मासिक वेतन सीमा;
(m) कर्मचारी राज्य बीमा निधि या किसी अन्य धन का निवेश करने का तरीका जो निगम द्वारा धारा 25 की उपधारा (4) के तहत रखा गया है;
(n) धारा 26 के खंड (k) के अधीन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए सीमाएँ;
(ओ) उपधारा (1) के अधीन किसी चल या अचल संपत्ति को प्राप्त करने, धारण करने, बेचने या अन्यथा हस्तांतरित करने की शर्तें, उपधारा (2) के अधीन निगम द्वारा धन निवेश करने की शर्तें और धारा 27 की उपधारा (3) के अधीन ऋण जुटाने और ऐसे ऋणों के निर्वहन के लिए उपाय करने की शर्तें;
(पी) धारा 28 की उपधारा (1) के अधीन कर्मचारियों के बीमा का तरीका;
(q) धारा 29 की उपधारा (2) के अधीन अंशदान की दर;
(आर) प्रशासनिक व्ययों का प्रकार और आय का वह प्रतिशत जो व्ययों पर खर्च किया जा सकता है तथा धारा 30 के अंतर्गत ऐसे व्ययों की सीमाएँ;
(एस) उपधारा (1) के खंड (एफ) के परंतुक के अधीन भुगतान की राशि की सीमा तथा धारा 32 की उपधारा (3) के अधीन लाभों का दावा करने की योग्यताएं, शर्तें, दर और अवधि;
(टी) वे सीमाएँ जिनके भीतर निगम धारा 33 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा कोष से व्यय कर सकता है;
(u) वह तरीका और समय जिसके भीतर बीमित व्यक्ति या निगम धारा 37 की उपधारा (7) के खंड (क) के तहत अपील दाखिल कर सकता है;
(v) धारा 38 की उपधारा (1) के अधीन आश्रितों के लाभ तथा उपधारा (2) के अधीन अन्य आश्रितों को भुगतान की दरें, अवधियाँ और शर्तें;
(w) धारा 39 की उपधारा (3) के तहत चिकित्सा लाभ का दावा करने के लिए बीमित व्यक्ति और उसके परिवार की योग्यता और वे शर्तें जिनके अधीन ऐसा लाभ दिया जा सकता है और उसका पैमाना और अवधि, तथा उसके तीसरे परंतुक के तहत अंशदान और अन्य शर्तों का भुगतान;
(x) धारा 40 की उपधारा (6) के अधीन बीमारी, मातृत्व और रोजगार चोट के मामले में कर्मचारियों को कुछ लाभ प्रदान करने के लिए संगठन की संरचना, कार्य, शक्तियां और गतिविधियां;
(y) बीमा के लिए विस्तारित अवधि, संतुष्टि का तरीका और धारा 42 की उपधारा (1) के तहत कर्मचारी को देय लाभ के पूंजीकृत मूल्य की गणना का तरीका;
(z) वे नियम एवं शर्तें जिनके अधीन धारा 44 के अंतर्गत योजना का संचालन किया जा सकता है;
(ज़) धारा 57 की उपधारा (1) के तहत केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व वाले या उसके नियंत्रण में स्थित नियोक्ता या प्रतिष्ठान के अलावा, प्रत्येक नियोक्ता द्वारा बीमा प्राप्त करने का तरीका और उपधारा (2) के तहत छूट की शर्तें और अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि की स्थापना का तरीका और उपधारा (3) के तहत नियोक्ता द्वारा प्रतिष्ठान को पंजीकृत कराने की समय सीमा;
(ज़ेडबी) धारा 62 की उपधारा (1) के तहत नोटिस का प्रपत्र तथा उपधारा (5) के तहत गर्भावस्था का प्रमाण और प्रसव का प्रमाण;
(जेडसी) धारा 65 की उपधारा (1) के तहत गर्भपात या चिकित्सकीय समाप्ति का प्रमाण, उपधारा (2) के तहत ट्यूबेक्टॉमी ऑपरेशन का प्रमाण और उपधारा (3) के तहत बीमारी का प्रमाण;
(ज़ेडडी) धारा 66 के तहत विराम की अवधि;
(ze) धारा 67 की उपधारा (1) के अंतर्गत क्रेच सुविधा के लिए कर्मचारियों की संख्या और दूरी;
(जेडएफ) धारा 68 की उपधारा (1) के द्वितीय परंतुक के तहत घोर दुराचार;
(जेडजी) धारा 77 की उपधारा (3) के खंड (ए) के तहत नियोक्ता द्वारा भुगतान की जाने वाली ब्याज दर;
(झ) धारा 92 की उपधारा (1) के तहत नोटिस देने का तरीका तथा उपधारा (3) के तहत धन भेजने का तरीका;
(zi) धारा 93 की उपधारा (3) के तहत दावे या निपटान के लिए आवेदन हेतु प्रपत्र, विधि एवं शुल्क;
(ज़ेडजे) उपधारा (2) के अधीन उपकर की वसूली का तरीका और समय, उपधारा (3) के अधीन इस प्रकार एकत्रित उपकर को जमा करने का तरीका, और धारा 100 की उपधारा (4) के अधीन अग्रिम उपकर की एकसमान दर या दरें;
(जेडके) धारा 101 के तहत उपकर के विलंबित भुगतान के मामले में ब्याज की दर;
(जेडएल) धारा 103 की उपधारा (1) के अधीन उपकर के स्व-मूल्यांकन का तरीका;
(जेडएम) धारा 104 के तहत जांच करने और जुर्माना लगाने का अधिकार;
(जेडएन) धारा 105 की उपधारा (1) के तहत अपील प्रस्तुत करने की समय सीमा, अपीलीय प्राधिकारी, अपील का प्रपत्र और तरीका;
(जो) धारा 106 के तहत लाभार्थी के रूप में पंजीकरण का तरीका;
(जेडपी) धारा 107 की उपधारा (2) के अधीन लाभार्थी के लाभ;
(ज़क) उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन पंजीकरण के लिए पात्र आयु तथा खंड (ख) के अधीन सूचना का प्रपत्र एवं तरीका तथा धारा 113 की उपधारा (2) के अधीन पंजीकरण के लिए आवेदन का प्रपत्र, दस्तावेज एवं स्व-पंजीकरण का तरीका;
(zr) धारा 114 की उपधारा (7) के खंड (i) में निर्दिष्ट मामलों का निष्पादन करना;
(जेडएस) धारा 138 की उपधारा (1) के तहत अपराधों के समझौते का तरीका;
(zt) धारा 141 की उपधारा (4) के अधीन सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना और प्रशासन का तरीका;
(ज़ु) उपधारा (1) के तहत छूट प्रदान करने से पहले पूरी की जाने वाली पात्रता शर्तें और छूट के बाद पालन की जाने वाली शर्तें; और धारा 143 की उपधारा (3) के तहत छूट की विस्तार अवधि; और
(zv) कोई अन्य मामला जिसे केंद्र सरकार द्वारा इस संहिता के प्रावधानों के तहत निर्धारित किया जाना आवश्यक है, या किया जा सकता है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:—
(क) वह तरीका और शर्तें जिनके अधीन केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वारा उपधारा (5) के तहत किसी प्रतिष्ठान पर अध्याय III के प्रावधानों को लागू नहीं किया जाएगा, और वह तरीका और शर्तें जिनके अधीन निगम के महानिदेशक द्वारा धारा 1 की उपधारा (7) के तहत किसी प्रतिष्ठान पर अध्याय IV के प्रावधानों को लागू नहीं किया जाएगा;
(ख) खंड (9) के अधीन कैरियर केंद्र और कैरियर सेवाओं की स्थापना और रखरखाव का तरीका, खंड (33) के उपखंड (ई) के अधीन आश्रित माता-पिता (महिला कर्मचारी के ससुर और सास सहित) की आय, और अन्य प्राधिकारी जिन्हें उपखंड (सी) के अधीन अधिभोगी माना जाएगा, और वे मामले जो सीधे जहाज की स्थिति से संबंधित हैं, जिसके लिए जहाज के स्वामी को धारा 2 के खंड (52) के उक्त उपखंड (सी) के परंतुक के अधीन अधिभोगी माना जाएगा;
(ग) अध्याय III या अध्याय IV के अंतर्गत आने वाले और धारा 3 के अंतर्गत जिनके व्यावसायिक कार्य बंद होने की प्रक्रिया में हैं, ऐसे प्रतिष्ठान के पंजीकरण का समय और तरीका, पंजीकरण रद्द करने के लिए आवेदन करने का तरीका, वे शर्तें जिनके अधीन पंजीकरण रद्द किया जाएगा और रद्द करने की प्रक्रिया और उससे संबंधित अन्य मामले;
(घ) उपधारा (1) के अधीन केंद्रीय बोर्ड में निहित निधियों के प्रशासन का तरीका, उपधारा (3) के अधीन कार्यकारी समिति द्वारा केंद्रीय बोर्ड को उसके कार्यों के निष्पादन में सहायता करने का तरीका, उपधारा (6) के अधीन केंद्रीय बोर्ड और कार्यकारी समिति के सदस्यों के कार्यकाल सहित नियम और शर्तें, और धारा 4 की उपधारा (7) के अधीन अन्य कार्य और ऐसे कार्यों के निष्पादन का तरीका;
(ई) निगम के प्रशासन का तरीका और उपधारा (1) के खंड (घ) के अधीन राज्यों के प्रतिनिधित्व का तरीका, उपधारा (3) के अधीन स्थायी समिति के गठन का तरीका, निगम के कार्यों के प्रशासन का तरीका, उपधारा (4) के खंड (क) के अधीन स्थायी समिति द्वारा शक्तियों का प्रयोग और कार्यों का निष्पादन, उपधारा (5) के खंड (ख) के अधीन चिकित्सा लाभ समिति के कर्तव्य और शक्तियां और वे नियम एवं शर्तें, जिनमें कार्यकाल भी शामिल है, जिनके अधीन निगम और स्थायी समिति का कोई सदस्य धारा 5 की उपधारा (7) के अधीन अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा;
(f) उपधारा (1) के अधीन राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड द्वारा शक्तियों के प्रयोग और कार्यों के निष्पादन का तरीका, सदस्यों के नामांकन का तरीका, उनका कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें, उनके कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और उपधारा (4) के अधीन रिक्तियों को भरने का तरीका और धारा 6 की उपधारा (6) के अधीन व्यवसाय के संचालन से संबंधित समय, स्थान और प्रक्रिया के नियम;
(जी) धारा 7 की उपधारा (6) के खंड (जे) के अधीन अन्य कल्याणकारी उपाय और सुविधाएं;
(h) वे अंतराल जिन पर सामाजिक सुरक्षा संगठन या उसकी कोई समिति बैठक करेगी तथा उपधारा (1) के अधीन बैठकों में कार्य संचालन के संबंध में प्रक्रिया तथा धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन ऐसे सामाजिक सुरक्षा संगठन या समिति के सदस्यों का शुल्क एवं भत्ते;
(i) निगम या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड या राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड या उपधारा (1) के अधीन किसी भी समिति के पुनर्गठन का तरीका और धारा 11 की उपधारा (2) के अधीन इस संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के प्रशासन के उद्देश्य से वैकल्पिक व्यवस्था;
(j) धारा 21 की उपधारा (1) के अधीन प्रतिष्ठान के संबंध में भविष्य निधि खाते के रखरखाव का तरीका;
(k) धारा 23 की उपधारा (2) के अधीन अपील दाखिल करने का प्रपत्र, तरीका, समय सीमा और शुल्क;
(एल) उपधारा (3) के अधीन महानिदेशक या वित्तीय आयुक्त का वेतन और भत्ते, उपधारा (4) के अधीन उनकी शक्तियां और कर्तव्य और धारा 24 की उपधारा (7) के परंतुक के अधीन अधिकतम मासिक वेतन सीमा;
(m) कर्मचारी राज्य बीमा निधि या किसी अन्य धन का निवेश करने का तरीका जो निगम द्वारा धारा 25 की उपधारा (4) के तहत रखा गया है;
(n) धारा 26 के खंड (k) के अधीन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए सीमाएँ;
(ओ) उपधारा (1) के अधीन किसी चल या अचल संपत्ति को प्राप्त करने, धारण करने, बेचने या अन्यथा हस्तांतरित करने की शर्तें, उपधारा (2) के अधीन निगम द्वारा धन निवेश करने की शर्तें और धारा 27 की उपधारा (3) के अधीन ऋण जुटाने और ऐसे ऋणों के निर्वहन के लिए उपाय करने की शर्तें;
(पी) धारा 28 की उपधारा (1) के अधीन कर्मचारियों के बीमा का तरीका;
(q) धारा 29 की उपधारा (2) के अधीन अंशदान की दर;
(आर) प्रशासनिक व्ययों का प्रकार और आय का वह प्रतिशत जो व्ययों पर खर्च किया जा सकता है तथा धारा 30 के अंतर्गत ऐसे व्ययों की सीमाएँ;
(एस) उपधारा (1) के खंड (एफ) के परंतुक के अधीन भुगतान की राशि की सीमा तथा धारा 32 की उपधारा (3) के अधीन लाभों का दावा करने की योग्यताएं, शर्तें, दर और अवधि;
(टी) वे सीमाएँ जिनके भीतर निगम धारा 33 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा कोष से व्यय कर सकता है;
(u) वह तरीका और समय जिसके भीतर बीमित व्यक्ति या निगम धारा 37 की उपधारा (7) के खंड (क) के तहत अपील दाखिल कर सकता है;
(v) धारा 38 की उपधारा (1) के अधीन आश्रितों के लाभ तथा उपधारा (2) के अधीन अन्य आश्रितों को भुगतान की दरें, अवधियाँ और शर्तें;
(w) धारा 39 की उपधारा (3) के तहत चिकित्सा लाभ का दावा करने के लिए बीमित व्यक्ति और उसके परिवार की योग्यता और वे शर्तें जिनके अधीन ऐसा लाभ दिया जा सकता है और उसका पैमाना और अवधि, तथा उसके तीसरे परंतुक के तहत अंशदान और अन्य शर्तों का भुगतान;
(x) धारा 40 की उपधारा (6) के अधीन बीमारी, मातृत्व और रोजगार चोट के मामले में कर्मचारियों को कुछ लाभ प्रदान करने के लिए संगठन की संरचना, कार्य, शक्तियां और गतिविधियां;
(y) बीमा के लिए विस्तारित अवधि, संतुष्टि का तरीका और धारा 42 की उपधारा (1) के तहत कर्मचारी को देय लाभ के पूंजीकृत मूल्य की गणना का तरीका;
(z) वे नियम एवं शर्तें जिनके अधीन धारा 44 के अंतर्गत योजना का संचालन किया जा सकता है;
(ज़) धारा 57 की उपधारा (1) के तहत केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व वाले या उसके नियंत्रण में स्थित नियोक्ता या प्रतिष्ठान के अलावा, प्रत्येक नियोक्ता द्वारा बीमा प्राप्त करने का तरीका और उपधारा (2) के तहत छूट की शर्तें और अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि की स्थापना का तरीका और उपधारा (3) के तहत नियोक्ता द्वारा प्रतिष्ठान को पंजीकृत कराने की समय सीमा;
(ज़ेडबी) धारा 62 की उपधारा (1) के तहत नोटिस का प्रपत्र तथा उपधारा (5) के तहत गर्भावस्था का प्रमाण और प्रसव का प्रमाण;
(जेडसी) धारा 65 की उपधारा (1) के तहत गर्भपात या चिकित्सकीय समाप्ति का प्रमाण, उपधारा (2) के तहत ट्यूबेक्टॉमी ऑपरेशन का प्रमाण और उपधारा (3) के तहत बीमारी का प्रमाण;
(ज़ेडडी) धारा 66 के तहत विराम की अवधि;
(ze) धारा 67 की उपधारा (1) के अंतर्गत क्रेच सुविधा के लिए कर्मचारियों की संख्या और दूरी;
(जेडएफ) धारा 68 की उपधारा (1) के द्वितीय परंतुक के तहत घोर दुराचार;
(जेडजी) धारा 77 की उपधारा (3) के खंड (ए) के तहत नियोक्ता द्वारा भुगतान की जाने वाली ब्याज दर;
(झ) धारा 92 की उपधारा (1) के तहत नोटिस देने का तरीका तथा उपधारा (3) के तहत धन भेजने का तरीका;
(zi) धारा 93 की उपधारा (3) के तहत दावे या निपटान के लिए आवेदन हेतु प्रपत्र, विधि एवं शुल्क;
(ज़ेडजे) उपधारा (2) के अधीन उपकर की वसूली का तरीका और समय, उपधारा (3) के अधीन इस प्रकार एकत्रित उपकर को जमा करने का तरीका, और धारा 100 की उपधारा (4) के अधीन अग्रिम उपकर की एकसमान दर या दरें;
(जेडके) धारा 101 के तहत उपकर के विलंबित भुगतान के मामले में ब्याज की दर;
(जेडएल) धारा 103 की उपधारा (1) के अधीन उपकर के स्व-मूल्यांकन का तरीका;
(जेडएम) धारा 104 के तहत जांच करने और जुर्माना लगाने का अधिकार;
(जेडएन) धारा 105 की उपधारा (1) के तहत अपील प्रस्तुत करने की समय सीमा, अपीलीय प्राधिकारी, अपील का प्रपत्र और तरीका;
(जो) धारा 106 के तहत लाभार्थी के रूप में पंजीकरण का तरीका;
(जेडपी) धारा 107 की उपधारा (2) के अधीन लाभार्थी के लाभ;
(ज़क) उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन पंजीकरण के लिए पात्र आयु तथा खंड (ख) के अधीन सूचना का प्रपत्र एवं तरीका तथा धारा 113 की उपधारा (2) के अधीन पंजीकरण के लिए आवेदन का प्रपत्र, दस्तावेज एवं स्व-पंजीकरण का तरीका;
(zr) धारा 114 की उपधारा (7) के खंड (i) में निर्दिष्ट मामलों का निष्पादन करना;
(जेडएस) धारा 138 की उपधारा (1) के तहत अपराधों के समझौते का तरीका;
(zt) धारा 141 की उपधारा (4) के अधीन सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना और प्रशासन का तरीका;
(ज़ु) उपधारा (1) के तहत छूट प्रदान करने से पहले पूरी की जाने वाली पात्रता शर्तें और छूट के बाद पालन की जाने वाली शर्तें; और धारा 143 की उपधारा (3) के तहत छूट की विस्तार अवधि; और
(zv) कोई अन्य मामला जिसे केंद्र सरकार द्वारा इस संहिता के प्रावधानों के तहत निर्धारित किया जाना आवश्यक है, या किया जा सकता है।
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