CSS 5अध्याय II · Social Security Organisations
धारा 5 · कर्मचारी राज्य बीमा निगम का संविधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, अध्याय IV और इस संहिता के उस अध्याय से संबंधित प्रावधानों तथा उसके प्रशासन के प्रयोजनों हेतु, कर्मचारी राज्य बीमा निगम का गठन कर सकती है, जिसे निगम कहा जाएगा, और इसका गठन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:—
(क) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाने वाला एक अध्यक्ष;
(ख) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त उपाध्यक्ष;
(ग) केंद्र सरकार द्वारा अपने अधिकारियों में से अधिकतम पांच व्यक्तियों की नियुक्ति की जाएगी;
(घ) ऐसे प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यक्ति, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है;
(ई) केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक व्यक्ति नियुक्त किया जाएगा;
(f) केंद्र सरकार द्वारा नियोक्ताओं के ऐसे संगठनों के परामर्श से नियुक्त किए जाने वाले दस व्यक्ति, जो नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हों, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए मान्यता दी गई हो;
(जी) केंद्र सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के परामर्श से नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले दस व्यक्ति;
(h) चिकित्सा पेशे का प्रतिनिधित्व करने वाले दो व्यक्तियों को केंद्र सरकार द्वारा चिकित्सा चिकित्सकों के ऐसे संगठनों के परामर्श से नियुक्त किया जाएगा जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए मान्यता दी जा सकती है;
(i) संसद के तीन सदस्य जिनमें से दो लोकसभा के सदस्य और एक राज्यसभा का सदस्य होंगे, जिनका चुनाव क्रमशः लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा किया जाएगा; और (j) निगम के महानिदेशक, पदेन।
(2) निगम कर्मचारी राज्य बीमा निगम के नाम से एक निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी और उक्त नाम से मुकदमा करेगा और उस पर मुकदमा किया जाएगा।
(3) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से प्रभावी, निगम के सदस्यों में से, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से, एक स्थायी समिति का गठन कर सकती है।
(4) निगम के सामान्य पर्यवेक्षण और नियंत्रण के अधीन रहते हुए, स्थायी समिति—
(क) निगम के कार्यों का प्रशासन करेगा तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से निगम की किसी भी शक्ति का प्रयोग कर सकता है तथा निगम के किसी भी कार्य का निष्पादन कर सकता है;
(ख) निगम के विचार और निर्णय के लिए ऐसे सभी मामले और विषय प्रस्तुत करेगा जो इस संबंध में बनाए गए विनियमों में निर्दिष्ट किए गए हों; और
(सी) निगम अपने विवेक से किसी अन्य मामले या विषय को निगम के निर्णय के लिए प्रस्तुत कर सकता है।
(5) (क) केंद्र सरकार, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से, चिकित्सा लाभों के प्रशासन से संबंधित कार्यों के निष्पादन में निगम और स्थायी समिति की सहायता के लिए, उसमें निर्दिष्ट संरचना वाली चिकित्सा लाभ समिति का गठन कर सकती है।
(ख) चिकित्सा लाभ समिति ऐसे कर्तव्यों का पालन करेगी और ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगी जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(6) निगम अपने कार्यों के निर्वहन में सहायता के लिए, नियमों में निर्दिष्ट संरचना वाली एक या एक से अधिक समितियों का गठन आदेश द्वारा कर सकता है।
(7) निगम और स्थायी समिति के सदस्य जिन शर्तों और नियमों के अधीन अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, जिनमें कार्यकाल भी शामिल है, वे ऐसी हो सकती हैं जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाएं।
बशर्ते कि निगम का कोई सदस्य, अपने कार्यकाल की समाप्ति के बावजूद, अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक पद पर बना रहेगा।
(क) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाने वाला एक अध्यक्ष;
(ख) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त उपाध्यक्ष;
(ग) केंद्र सरकार द्वारा अपने अधिकारियों में से अधिकतम पांच व्यक्तियों की नियुक्ति की जाएगी;
(घ) ऐसे प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यक्ति, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है;
(ई) केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक व्यक्ति नियुक्त किया जाएगा;
(f) केंद्र सरकार द्वारा नियोक्ताओं के ऐसे संगठनों के परामर्श से नियुक्त किए जाने वाले दस व्यक्ति, जो नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हों, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए मान्यता दी गई हो;
(जी) केंद्र सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के परामर्श से नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले दस व्यक्ति;
(h) चिकित्सा पेशे का प्रतिनिधित्व करने वाले दो व्यक्तियों को केंद्र सरकार द्वारा चिकित्सा चिकित्सकों के ऐसे संगठनों के परामर्श से नियुक्त किया जाएगा जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए मान्यता दी जा सकती है;
(i) संसद के तीन सदस्य जिनमें से दो लोकसभा के सदस्य और एक राज्यसभा का सदस्य होंगे, जिनका चुनाव क्रमशः लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा किया जाएगा; और (j) निगम के महानिदेशक, पदेन।
(2) निगम कर्मचारी राज्य बीमा निगम के नाम से एक निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी और उक्त नाम से मुकदमा करेगा और उस पर मुकदमा किया जाएगा।
(3) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से प्रभावी, निगम के सदस्यों में से, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से, एक स्थायी समिति का गठन कर सकती है।
(4) निगम के सामान्य पर्यवेक्षण और नियंत्रण के अधीन रहते हुए, स्थायी समिति—
(क) निगम के कार्यों का प्रशासन करेगा तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से निगम की किसी भी शक्ति का प्रयोग कर सकता है तथा निगम के किसी भी कार्य का निष्पादन कर सकता है;
(ख) निगम के विचार और निर्णय के लिए ऐसे सभी मामले और विषय प्रस्तुत करेगा जो इस संबंध में बनाए गए विनियमों में निर्दिष्ट किए गए हों; और
(सी) निगम अपने विवेक से किसी अन्य मामले या विषय को निगम के निर्णय के लिए प्रस्तुत कर सकता है।
(5) (क) केंद्र सरकार, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से, चिकित्सा लाभों के प्रशासन से संबंधित कार्यों के निष्पादन में निगम और स्थायी समिति की सहायता के लिए, उसमें निर्दिष्ट संरचना वाली चिकित्सा लाभ समिति का गठन कर सकती है।
(ख) चिकित्सा लाभ समिति ऐसे कर्तव्यों का पालन करेगी और ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगी जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(6) निगम अपने कार्यों के निर्वहन में सहायता के लिए, नियमों में निर्दिष्ट संरचना वाली एक या एक से अधिक समितियों का गठन आदेश द्वारा कर सकता है।
(7) निगम और स्थायी समिति के सदस्य जिन शर्तों और नियमों के अधीन अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, जिनमें कार्यकाल भी शामिल है, वे ऐसी हो सकती हैं जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाएं।
बशर्ते कि निगम का कोई सदस्य, अपने कार्यकाल की समाप्ति के बावजूद, अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक पद पर बना रहेगा।
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