CSS 20अध्याय III · Employees’ Provident Fund
धारा 20 · यह अध्याय कुछ प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होगा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यह अध्याय लागू नहीं होगा—
(क) सहकारी समिति अधिनियम, 1912 (1912 का 2) या किसी राज्य में सहकारी समितियों से संबंधित किसी अन्य कानून के तहत पंजीकृत किसी भी प्रतिष्ठान को, जिसमें पचास से कम व्यक्ति कार्यरत हों और जो बिजली की सहायता के बिना काम करता हो; या
(ख) केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व वाले या उनके नियंत्रण में स्थित किसी अन्य प्रतिष्ठान को, जिसके कर्मचारी केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा ऐसे लाभों को नियंत्रित करने वाली किसी योजना या नियम के अनुसार अंशदायी भविष्य निधि या वृद्धावस्था पेंशन के लाभ के हकदार हैं; या
(ग) किसी अन्य प्रतिष्ठान को, जो किसी केंद्रीय या राज्य या किसी अन्य कानून के तहत स्थापित किया गया हो और जिसके कर्मचारी अंशदायी भविष्य निधि या वृद्धावस्था पेंशन के लाभों के हकदार हों, उस कानून के तहत बनाई गई किसी योजना या नियम के अनुसार; या
(घ) उन कर्मचारियों को जो इस संहिता के प्रारंभ होने से ठीक पहले किसी केंद्रीय या राज्य अधिनियम के तहत भविष्य निधि का लाभ प्राप्त कर रहे थे।
(2) यदि केंद्र सरकार की राय है कि किसी वर्ग के प्रतिष्ठान की वित्तीय स्थिति या मामले की अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो वह अधिसूचना द्वारा और अधिसूचना में निर्दिष्ट शर्तों के अधीन रहते हुए, उस वर्ग के प्रतिष्ठानों को इस अध्याय के संचालन से भविष्य में या पूर्वव्यापी रूप से, अधिसूचना में निर्दिष्ट अवधि के लिए छूट दे सकती है।
(क) सहकारी समिति अधिनियम, 1912 (1912 का 2) या किसी राज्य में सहकारी समितियों से संबंधित किसी अन्य कानून के तहत पंजीकृत किसी भी प्रतिष्ठान को, जिसमें पचास से कम व्यक्ति कार्यरत हों और जो बिजली की सहायता के बिना काम करता हो; या
(ख) केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व वाले या उनके नियंत्रण में स्थित किसी अन्य प्रतिष्ठान को, जिसके कर्मचारी केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा ऐसे लाभों को नियंत्रित करने वाली किसी योजना या नियम के अनुसार अंशदायी भविष्य निधि या वृद्धावस्था पेंशन के लाभ के हकदार हैं; या
(ग) किसी अन्य प्रतिष्ठान को, जो किसी केंद्रीय या राज्य या किसी अन्य कानून के तहत स्थापित किया गया हो और जिसके कर्मचारी अंशदायी भविष्य निधि या वृद्धावस्था पेंशन के लाभों के हकदार हों, उस कानून के तहत बनाई गई किसी योजना या नियम के अनुसार; या
(घ) उन कर्मचारियों को जो इस संहिता के प्रारंभ होने से ठीक पहले किसी केंद्रीय या राज्य अधिनियम के तहत भविष्य निधि का लाभ प्राप्त कर रहे थे।
(2) यदि केंद्र सरकार की राय है कि किसी वर्ग के प्रतिष्ठान की वित्तीय स्थिति या मामले की अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो वह अधिसूचना द्वारा और अधिसूचना में निर्दिष्ट शर्तों के अधीन रहते हुए, उस वर्ग के प्रतिष्ठानों को इस अध्याय के संचालन से भविष्य में या पूर्वव्यापी रूप से, अधिसूचना में निर्दिष्ट अवधि के लिए छूट दे सकती है।
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