CSS 57अध्याय V · Gratuity
धारा 57 · अनिवार्य बीमा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस संबंध में उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित तिथि से, केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व वाले या उनके नियंत्रण में स्थित नियोक्ता या प्रतिष्ठान को छोड़कर, प्रत्येक नियोक्ता उपधारा (2) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, इस अध्याय के अंतर्गत ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए अपनी देयता हेतु केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से बीमा प्राप्त करेगा, जो कि बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (41 ऑफ 1999) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (ख) के अंतर्गत परिभाषित प्राधिकरण द्वारा विनियमित किसी बीमा कंपनी से प्राप्त किया जाएगा।
बशर्ते कि विभिन्न प्रतिष्ठानों या प्रतिष्ठानों के वर्गों या विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की जा सकती हैं।
(2) उपयुक्त सरकार, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन रहते हुए, किसी भी नियोक्ता को, जिसने अपने कर्मचारियों के संबंध में पहले से ही एक अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि स्थापित कर रखी है और जो ऐसी व्यवस्था जारी रखना चाहता है, और प्रत्येक नियोक्ता को जो पांच सौ या अधिक व्यक्तियों को नियोजित करता है और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से एक अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि स्थापित करता है, उप-धारा (1) के प्रावधानों से छूट दे सकती है।
(3) इस धारा के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से, प्रत्येक नियोक्ता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के भीतर अपने प्रतिष्ठान को सक्षम प्राधिकारी के पास उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से पंजीकृत करवाएगा और इस धारा के प्रावधानों के तहत किसी भी नियोक्ता को तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा जब तक कि उसने उपधारा (1) में निर्दिष्ट बीमा न लिया हो या उपधारा (2) में निर्दिष्ट अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि स्थापित न कर ली हो।
(4) उपयुक्त सरकार अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि के न्यासी बोर्ड की संरचना और सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपधारा (1) के तहत बीमा किए गए बीमाकर्ता से, या जैसा भी मामला हो, अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि के न्यासी बोर्ड से, कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की राशि की वसूली के लिए, निर्धारित तरीके से प्रावधान कर सकती है।
(5) यदि कोई नियोक्ता उपधारा (1) में निर्दिष्ट बीमा के संबंध में प्रीमियम के रूप में या उपधारा (2) में निर्दिष्ट अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि में अंशदान के रूप में कोई भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह इस अध्याय के अंतर्गत देय ग्रेच्युटी की राशि (विलंबित भुगतान के लिए ब्याज सहित, यदि कोई हो) तुरंत सक्षम प्राधिकारी को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
स्पष्टीकरण .--- इस धारा में, "अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि" का वही अर्थ होगा जो आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) की धारा 2 की उपधारा (5) में दिया गया है।
बशर्ते कि विभिन्न प्रतिष्ठानों या प्रतिष्ठानों के वर्गों या विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की जा सकती हैं।
(2) उपयुक्त सरकार, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन रहते हुए, किसी भी नियोक्ता को, जिसने अपने कर्मचारियों के संबंध में पहले से ही एक अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि स्थापित कर रखी है और जो ऐसी व्यवस्था जारी रखना चाहता है, और प्रत्येक नियोक्ता को जो पांच सौ या अधिक व्यक्तियों को नियोजित करता है और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से एक अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि स्थापित करता है, उप-धारा (1) के प्रावधानों से छूट दे सकती है।
(3) इस धारा के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से, प्रत्येक नियोक्ता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के भीतर अपने प्रतिष्ठान को सक्षम प्राधिकारी के पास उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से पंजीकृत करवाएगा और इस धारा के प्रावधानों के तहत किसी भी नियोक्ता को तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा जब तक कि उसने उपधारा (1) में निर्दिष्ट बीमा न लिया हो या उपधारा (2) में निर्दिष्ट अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि स्थापित न कर ली हो।
(4) उपयुक्त सरकार अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि के न्यासी बोर्ड की संरचना और सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपधारा (1) के तहत बीमा किए गए बीमाकर्ता से, या जैसा भी मामला हो, अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि के न्यासी बोर्ड से, कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की राशि की वसूली के लिए, निर्धारित तरीके से प्रावधान कर सकती है।
(5) यदि कोई नियोक्ता उपधारा (1) में निर्दिष्ट बीमा के संबंध में प्रीमियम के रूप में या उपधारा (2) में निर्दिष्ट अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि में अंशदान के रूप में कोई भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह इस अध्याय के अंतर्गत देय ग्रेच्युटी की राशि (विलंबित भुगतान के लिए ब्याज सहित, यदि कोई हो) तुरंत सक्षम प्राधिकारी को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
स्पष्टीकरण .--- इस धारा में, "अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि" का वही अर्थ होगा जो आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) की धारा 2 की उपधारा (5) में दिया गया है।
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