BVAT Act 94अध्याय XV · Miscellaneous
धारा 94 · निरसन और बचत।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (बिहार अधिनियम 5 ऑफ 1981) (जिसे इसके बाद "निरस्त अधिनियम" कहा जाएगा) इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से निरस्त किया जाता है।
(2) निरसन से निम्नलिखित पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा,--
(क) किसी भी ऐसे अधिकार, हक, दायित्व या देनदारी के संबंध में, चाहे वह इस निरसन से पहले या बाद में शुरू की गई हो या उसका लाभ उठाया गया हो;
(ख) निरस्त अधिनियम के तहत अर्जित, उपार्जित या उत्पन्न किसी भी अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व या देनदारी को प्रभावित नहीं करेगा, सिवाय निरस्त अधिनियम या उसके तहत बनाए गए नियमों या जारी की गई अधिसूचनाओं के तहत अर्जित अधिकार या विशेषाधिकार के, जो राज्य सरकार की किसी औद्योगिक नीति या औद्योगिक नीति संकल्प के तहत उद्योगों को प्रदान किए गए हों; या
(ग) ऐसी अवधि के संबंध में किसी कर का लेवी, आकलन या वसूली या किसी जुर्माने का अधिरोपण या वसूली,
निरस्त अधिनियम के प्रावधानों के अधीन; और उपर्युक्त मामलों के संबंध में निरस्त अधिनियम के तहत सभी कार्यवाही, जैसा भी मामला हो, इस प्रकार आरंभ और निपटाई जाएगी या जारी रखी जाएगी और निपटाई जाएगी मानो यह अधिनियम पारित ही न हुआ हो; और इस प्रयोजन के लिए धारा 10 के तहत नियुक्त सभी कराधान प्राधिकारी या निरीक्षक, और धारा 9 के तहत गठित न्यायाधिकरण, निरस्त अधिनियम द्वारा धारा 9 या धारा 8 के तहत नियुक्त संबंधित प्राधिकारियों को प्रदत्त सभी शक्तियों का प्रयोग करेंगे और सभी कर्तव्यों का पालन करेंगे।
बशर्ते कि बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (बिहार अधिनियम 5 ऑफ 1981) के तहत किसी भी आदेश से उत्पन्न कोई भी अपील या पुनरीक्षण धारा 72, 73 और 74 में उल्लिखित उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष दायर किया जाएगा, या उनके द्वारा सुना या निपटाया जाएगा, जैसा कि उसमें निर्धारित किया गया है।
(3) उक्त अधिनियम के तहत बनाए गए सभी नियम, आदेश और नियुक्तियाँ, प्रकाशित अधिसूचनाएँ, प्रदत्त प्रमाण पत्र, प्रदान की गई शक्तियाँ और अन्य कार्य जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर लागू हैं, जब तक कि वे इस अधिनियम के साथ असंगत न हों या जब तक कि उन्हें इस अधिनियम के तहत संशोधित, निरस्त या रद्द न कर दिया जाए, तब तक उन्हें क्रमशः इस अधिनियम के तहत बनाया, प्रकाशित, प्रदान, प्रदत्त या किया गया माना जाएगा।
(4) उपधारा (2) और (3) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, उन उपधाराओं में विशिष्ट मामलों का उल्लेख निरसन के प्रभाव के संबंध में सामान्य खंड अधिनियम, 1897 (10 ऑफ 1897) की धारा 6 के सामान्य अनुप्रयोग पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(2) निरसन से निम्नलिखित पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा,--
(क) किसी भी ऐसे अधिकार, हक, दायित्व या देनदारी के संबंध में, चाहे वह इस निरसन से पहले या बाद में शुरू की गई हो या उसका लाभ उठाया गया हो;
(ख) निरस्त अधिनियम के तहत अर्जित, उपार्जित या उत्पन्न किसी भी अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व या देनदारी को प्रभावित नहीं करेगा, सिवाय निरस्त अधिनियम या उसके तहत बनाए गए नियमों या जारी की गई अधिसूचनाओं के तहत अर्जित अधिकार या विशेषाधिकार के, जो राज्य सरकार की किसी औद्योगिक नीति या औद्योगिक नीति संकल्प के तहत उद्योगों को प्रदान किए गए हों; या
(ग) ऐसी अवधि के संबंध में किसी कर का लेवी, आकलन या वसूली या किसी जुर्माने का अधिरोपण या वसूली,
निरस्त अधिनियम के प्रावधानों के अधीन; और उपर्युक्त मामलों के संबंध में निरस्त अधिनियम के तहत सभी कार्यवाही, जैसा भी मामला हो, इस प्रकार आरंभ और निपटाई जाएगी या जारी रखी जाएगी और निपटाई जाएगी मानो यह अधिनियम पारित ही न हुआ हो; और इस प्रयोजन के लिए धारा 10 के तहत नियुक्त सभी कराधान प्राधिकारी या निरीक्षक, और धारा 9 के तहत गठित न्यायाधिकरण, निरस्त अधिनियम द्वारा धारा 9 या धारा 8 के तहत नियुक्त संबंधित प्राधिकारियों को प्रदत्त सभी शक्तियों का प्रयोग करेंगे और सभी कर्तव्यों का पालन करेंगे।
बशर्ते कि बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (बिहार अधिनियम 5 ऑफ 1981) के तहत किसी भी आदेश से उत्पन्न कोई भी अपील या पुनरीक्षण धारा 72, 73 और 74 में उल्लिखित उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष दायर किया जाएगा, या उनके द्वारा सुना या निपटाया जाएगा, जैसा कि उसमें निर्धारित किया गया है।
(3) उक्त अधिनियम के तहत बनाए गए सभी नियम, आदेश और नियुक्तियाँ, प्रकाशित अधिसूचनाएँ, प्रदत्त प्रमाण पत्र, प्रदान की गई शक्तियाँ और अन्य कार्य जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर लागू हैं, जब तक कि वे इस अधिनियम के साथ असंगत न हों या जब तक कि उन्हें इस अधिनियम के तहत संशोधित, निरस्त या रद्द न कर दिया जाए, तब तक उन्हें क्रमशः इस अधिनियम के तहत बनाया, प्रकाशित, प्रदान, प्रदत्त या किया गया माना जाएगा।
(4) उपधारा (2) और (3) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, उन उपधाराओं में विशिष्ट मामलों का उल्लेख निरसन के प्रभाव के संबंध में सामान्य खंड अधिनियम, 1897 (10 ऑफ 1897) की धारा 6 के सामान्य अनुप्रयोग पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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