BVAT Act 53अध्याय VII · Books of Account and Furnishing of Information
धारा 53 · कर चालान और डेबिट एवं क्रेडिट नोट जारी करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अंतर्गत कर योग्य बिक्री करने वाला कोई पंजीकृत डीलर, किसी अन्य पंजीकृत डीलर को बिक्री के समय क्रेता को उपधारा (2) में निर्दिष्ट विवरण युक्त कर चालान प्रदान करेगा तथा उसकी एक प्रति अपने पास रखेगा।
बशर्ते कि कर चालान जारी नहीं किया जाएगा--
(क) धारा 15 के तहत कर भुगतान करने की अनुमति प्राप्त डीलर द्वारा; या
(ख) अंतरराज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान किसी व्यापारी द्वारा बिक्री या निर्यात के लिए,
और ऐसे मामलों में खुदरा चालान जारी किया जाएगा:
इसके अलावा, इस प्रकार की प्रत्येक बिक्री के लिए एक से अधिक कर चालान जारी नहीं किया जाएगा:
इसके अलावा, यदि केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 (1 ऑफ 1944) के प्रावधानों के तहत कोई चालान जारी किया गया है, तो उसे कर चालान माना जाएगा यदि उसमें उप-धारा (2) में निर्दिष्ट विवरण शामिल हैं।
(2) उपधारा (1) के तहत जारी किए गए कर चालान की मूल प्रति और उसकी प्रतियों पर निम्नलिखित विवरण अंकित होंगे, अर्थात्:--
(क) प्रमुख स्थान पर "कर चालान" शब्द;
(ख) पंजीकृत विक्रेता का नाम, पता और करदाता पहचान संख्या;
(ग) क्रेता का नाम, पता और करदाता पहचान संख्या;
(घ) एक व्यक्तिगत पूर्व-मुद्रित क्रम संख्या और वह तिथि जिस पर कर चालान जारी किया जाता है;
(ई) बेची गई वस्तुओं का विवरण, मात्रा, आयतन और मूल्य तथा उन पर लगाए गए कर की राशि अलग-अलग दर्शायी जाए;
(f) विक्रय डीलर या उसके प्रबंधक, एजेंट या उसके द्वारा विधिवत अधिकृत सेवक के हस्ताक्षर; और
(g) प्रिंटर का नाम और पता तथा उसके द्वारा मुद्रित और डीलर को आपूर्ति किए गए कर चालानों का पहला और अंतिम सीरियल नंबर।
(3) बिक्री के संबंध में कर चालान दो प्रतियों में जारी किया जाएगा और जिसकी मूल प्रति क्रेता (या डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति, जैसा भी मामला हो) को जारी की जाएगी और दूसरी प्रति विक्रेता डीलर द्वारा रखी जाएगी।
(4) उपधारा (1) के अधीन कर चालान जारी किए जाने के अलावा, यदि कोई डीलर किसी एक लेन-देन में किसी व्यक्ति को निर्धारित मूल्य से अधिक का कोई सामान बेचता है, तो वह क्रेता को उपधारा (5) में निर्दिष्ट विवरण युक्त खुदरा चालान जारी करेगा और उसकी एक प्रति अपने पास रखेगा।
(5) उपधारा (4) के तहत जारी किए गए खुदरा चालान की मूल प्रति और उसकी प्रतियों पर निम्नलिखित विवरण होंगे, अर्थात्:--
(क) "खुदरा चालान" या "नकद ज्ञापन" या "बिल" शब्द प्रमुख स्थान पर अंकित हों;
(ख) विक्रेता डीलर का नाम, पता और करदाता पहचान संख्या, यदि पंजीकृत हो;
(ग) यदि विक्रय अंतर-राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान किया गया हो, तो क्रयकर्ता विक्रेता का नाम, पंजीकरण संख्या और पता तथा केंद्रीय विक्रय कर अधिनियम, 1956 (74 ऑफ 1956) के अंतर्गत किसी भी प्रपत्र का प्रकार, यदि कोई हो, जिसके विरुद्ध विक्रय किया गया हो;
(घ) एक व्यक्तिगत पूर्व-मुद्रित क्रम संख्या और वह तिथि जिस पर खुदरा चालान जारी किया जाता है;
(ई) बेचे गए माल का विवरण, मात्रा, आयतन और मूल्य तथा उस पर लगाए गए कर की राशि अलग-अलग दर्शायी जाएगी; और
(f) विक्रेता डीलर या उसके सेवक, प्रबंधक या एजेंट के हस्ताक्षर, जिसे उसने विधिवत अधिकृत किया हो।
(6) खुदरा चालान दो प्रतियों में जारी किया जाएगा, जिसकी मूल प्रति क्रेता को दी जाएगी और जिसकी प्रति विक्रेता डीलर द्वारा रखी जाएगी।
(7) आयुक्त अधिसूचना द्वारा कर चालान या खुदरा चालान पर विवरण दर्ज करने का तरीका और प्रारूप निर्दिष्ट कर सकता है।
(8) यदि कोई क्रेता मूल कर चालान खो जाने का दावा करता है, तो विक्रेता डीलर, ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, ऐसे कर चालान की एक प्रति प्रदान कर सकता है जिस पर स्पष्ट रूप से मूल कर चालान की प्रति अंकित हो।
(9) जहां किसी बिक्री के संबंध में कर चालान जारी किया गया हो और--
(क) यदि उस कर चालान में कर के रूप में दर्शाई गई राशि बिक्री के संबंध में देय कर से अधिक है, तो डीलर क्रेता को एक क्रेडिट नोट प्रदान करेगा, जिसमें निर्धारित विवरण शामिल होंगे; या
(ख) यदि बिक्री के संबंध में देय कर, कर चालान पर कर के रूप में दर्शाई गई राशि से अधिक है, तो डीलर क्रेता को एक डेबिट नोट प्रदान करेगा, जिसमें ऐसे विवरण होंगे जो निर्धारित किए जा सकते हैं।
(10) उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक डीलर कर चालान और खुदरा चालान सहित लेखा-पुस्तकों को उस वर्ष की समाप्ति के छह वर्ष बाद तक या ऐसी अन्य अवधि तक सुरक्षित रखेगा, जिससे वे संबंधित हों।
(11) यदि कोई पंजीकृत डीलर इस धारा के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो निर्धारित प्राधिकारी डीलर को सुनवाई का अवसर देने के बाद, उसे प्रत्येक बिक्री के लिए देय कर की राशि के दोगुने के बराबर जुर्माना अदा करने का निर्देश देगा, जिसके संबंध में ऐसा उल्लंघन हुआ है।
बशर्ते कि कर चालान जारी नहीं किया जाएगा--
(क) धारा 15 के तहत कर भुगतान करने की अनुमति प्राप्त डीलर द्वारा; या
(ख) अंतरराज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान किसी व्यापारी द्वारा बिक्री या निर्यात के लिए,
और ऐसे मामलों में खुदरा चालान जारी किया जाएगा:
इसके अलावा, इस प्रकार की प्रत्येक बिक्री के लिए एक से अधिक कर चालान जारी नहीं किया जाएगा:
इसके अलावा, यदि केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 (1 ऑफ 1944) के प्रावधानों के तहत कोई चालान जारी किया गया है, तो उसे कर चालान माना जाएगा यदि उसमें उप-धारा (2) में निर्दिष्ट विवरण शामिल हैं।
(2) उपधारा (1) के तहत जारी किए गए कर चालान की मूल प्रति और उसकी प्रतियों पर निम्नलिखित विवरण अंकित होंगे, अर्थात्:--
(क) प्रमुख स्थान पर "कर चालान" शब्द;
(ख) पंजीकृत विक्रेता का नाम, पता और करदाता पहचान संख्या;
(ग) क्रेता का नाम, पता और करदाता पहचान संख्या;
(घ) एक व्यक्तिगत पूर्व-मुद्रित क्रम संख्या और वह तिथि जिस पर कर चालान जारी किया जाता है;
(ई) बेची गई वस्तुओं का विवरण, मात्रा, आयतन और मूल्य तथा उन पर लगाए गए कर की राशि अलग-अलग दर्शायी जाए;
(f) विक्रय डीलर या उसके प्रबंधक, एजेंट या उसके द्वारा विधिवत अधिकृत सेवक के हस्ताक्षर; और
(g) प्रिंटर का नाम और पता तथा उसके द्वारा मुद्रित और डीलर को आपूर्ति किए गए कर चालानों का पहला और अंतिम सीरियल नंबर।
(3) बिक्री के संबंध में कर चालान दो प्रतियों में जारी किया जाएगा और जिसकी मूल प्रति क्रेता (या डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति, जैसा भी मामला हो) को जारी की जाएगी और दूसरी प्रति विक्रेता डीलर द्वारा रखी जाएगी।
(4) उपधारा (1) के अधीन कर चालान जारी किए जाने के अलावा, यदि कोई डीलर किसी एक लेन-देन में किसी व्यक्ति को निर्धारित मूल्य से अधिक का कोई सामान बेचता है, तो वह क्रेता को उपधारा (5) में निर्दिष्ट विवरण युक्त खुदरा चालान जारी करेगा और उसकी एक प्रति अपने पास रखेगा।
(5) उपधारा (4) के तहत जारी किए गए खुदरा चालान की मूल प्रति और उसकी प्रतियों पर निम्नलिखित विवरण होंगे, अर्थात्:--
(क) "खुदरा चालान" या "नकद ज्ञापन" या "बिल" शब्द प्रमुख स्थान पर अंकित हों;
(ख) विक्रेता डीलर का नाम, पता और करदाता पहचान संख्या, यदि पंजीकृत हो;
(ग) यदि विक्रय अंतर-राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान किया गया हो, तो क्रयकर्ता विक्रेता का नाम, पंजीकरण संख्या और पता तथा केंद्रीय विक्रय कर अधिनियम, 1956 (74 ऑफ 1956) के अंतर्गत किसी भी प्रपत्र का प्रकार, यदि कोई हो, जिसके विरुद्ध विक्रय किया गया हो;
(घ) एक व्यक्तिगत पूर्व-मुद्रित क्रम संख्या और वह तिथि जिस पर खुदरा चालान जारी किया जाता है;
(ई) बेचे गए माल का विवरण, मात्रा, आयतन और मूल्य तथा उस पर लगाए गए कर की राशि अलग-अलग दर्शायी जाएगी; और
(f) विक्रेता डीलर या उसके सेवक, प्रबंधक या एजेंट के हस्ताक्षर, जिसे उसने विधिवत अधिकृत किया हो।
(6) खुदरा चालान दो प्रतियों में जारी किया जाएगा, जिसकी मूल प्रति क्रेता को दी जाएगी और जिसकी प्रति विक्रेता डीलर द्वारा रखी जाएगी।
(7) आयुक्त अधिसूचना द्वारा कर चालान या खुदरा चालान पर विवरण दर्ज करने का तरीका और प्रारूप निर्दिष्ट कर सकता है।
(8) यदि कोई क्रेता मूल कर चालान खो जाने का दावा करता है, तो विक्रेता डीलर, ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, ऐसे कर चालान की एक प्रति प्रदान कर सकता है जिस पर स्पष्ट रूप से मूल कर चालान की प्रति अंकित हो।
(9) जहां किसी बिक्री के संबंध में कर चालान जारी किया गया हो और--
(क) यदि उस कर चालान में कर के रूप में दर्शाई गई राशि बिक्री के संबंध में देय कर से अधिक है, तो डीलर क्रेता को एक क्रेडिट नोट प्रदान करेगा, जिसमें निर्धारित विवरण शामिल होंगे; या
(ख) यदि बिक्री के संबंध में देय कर, कर चालान पर कर के रूप में दर्शाई गई राशि से अधिक है, तो डीलर क्रेता को एक डेबिट नोट प्रदान करेगा, जिसमें ऐसे विवरण होंगे जो निर्धारित किए जा सकते हैं।
(10) उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक डीलर कर चालान और खुदरा चालान सहित लेखा-पुस्तकों को उस वर्ष की समाप्ति के छह वर्ष बाद तक या ऐसी अन्य अवधि तक सुरक्षित रखेगा, जिससे वे संबंधित हों।
(11) यदि कोई पंजीकृत डीलर इस धारा के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो निर्धारित प्राधिकारी डीलर को सुनवाई का अवसर देने के बाद, उसे प्रत्येक बिक्री के लिए देय कर की राशि के दोगुने के बराबर जुर्माना अदा करने का निर्देश देगा, जिसके संबंध में ऐसा उल्लंघन हुआ है।
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