BVAT Act 12अध्याय III · Tribunal and Taxing Authorities
धारा 12 · समन जारी करने और शपथ पर पूछताछ करने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 9 के तहत गठित न्यायाधिकरण, या आयुक्त, या धारा 10 या धारा 86 के तहत नियुक्त कोई अधिकारी या प्राधिकरण, इस अधिनियम के प्रयोजनों को पूरा करने के लिए, सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के तहत सिविल न्यायालय की सभी शक्तियों का प्रयोग करेगा, और विशेष रूप से निम्नलिखित मामलों के संबंध में, अर्थात्:--
(क) किसी भी व्यक्ति, जिसमें बैंकिंग कंपनी का कोई अधिकारी भी शामिल है, को बुलाना और उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा शपथ या प्रतिज्ञान पर उससे पूछताछ करना;
(ख) दस्तावेजों या खातों को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करना तथा उन्हें जब्त करना और अपने पास रखना;
(ग) गवाहों की जांच के लिए कमीशन जारी करना।
(2) इस अधिनियम के अंतर्गत न्यायाधिकरण के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही को भारतीय दंड संहिता, 1860 (45 ऑफ 1860) की धारा 193 और धारा 228 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही माना जाएगा।
(क) किसी भी व्यक्ति, जिसमें बैंकिंग कंपनी का कोई अधिकारी भी शामिल है, को बुलाना और उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा शपथ या प्रतिज्ञान पर उससे पूछताछ करना;
(ख) दस्तावेजों या खातों को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करना तथा उन्हें जब्त करना और अपने पास रखना;
(ग) गवाहों की जांच के लिए कमीशन जारी करना।
(2) इस अधिनियम के अंतर्गत न्यायाधिकरण के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही को भारतीय दंड संहिता, 1860 (45 ऑफ 1860) की धारा 193 और धारा 228 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही माना जाएगा।
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