BVAT Act 39अध्याय VI · Returns, Assessment, Re-assessment and Payment of Tax
धारा 39 · कर का भुगतान और वसूली।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अधीन देय कर का भुगतान इसके बाद दिए गए तरीके से किया जाएगा।
(2) राशि--
(i) धारा 3 की उपधारा (7) के अधीन अग्रिम रूप से अनुमानित कर, या
(ii) डीलर द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न के अनुसार देय कर, जहां ऐसी राशि का पूरा भुगतान नहीं किया गया है, या
(iii) धारा 26 या धारा 27 या धारा 28 या धारा 29 या धारा 30 या धारा 31 या धारा 32 या धारा 33 के तहत या अपील, पुनरीक्षण या समीक्षा पर किसी आदेश के अनुसरण में या उसके परिणामस्वरूप निर्धारित या पुनर्निर्धारित कर, डीलर द्वारा पहले से भुगतान की गई राशि, यदि कोई हो, को घटाकर, या
(iv) इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान के तहत प्रभार्य ब्याज या लगाया गया जुर्माना, यदि कोई हो,
डीलर या संबंधित व्यक्ति द्वारा सरकारी खजाने में या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत बैंक में, या ऐसे अन्य तरीके से भुगतान किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है और ऐसी तिथि तक जैसा कि इस उद्देश्य के लिए निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है और निर्दिष्ट तिथि, सामान्यतः, ऐसे नोटिस की तामील की तिथि से तीस दिनों से कम नहीं होगी।
बशर्ते कि प्राधिकरण किसी विशेष डीलर या व्यक्ति के संबंध में, और लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, ऐसे भुगतान की तिथि बढ़ा सकता है, या ऐसे डीलर को देय कर या ब्याज तथा यदि कोई जुर्माना हो, तो उसे निर्धारित तरीके से किश्तों में भुगतान करने की अनुमति दे सकता है।
इसके अलावा, यदि निर्धारित प्राधिकारी राजस्व के हित में इसे उचित समझता है, तो वह लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर किसी भी व्यापारी या व्यक्ति को ऐसे भुगतान तुरंत करने के लिए कह सकता है।
(3) यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति उपधारा (2) के तहत जारी नोटिस में निर्दिष्ट अवधि तक कर की किसी राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, या विस्तारित तिथि तक कर का भुगतान करने में विफल रहता है, या उक्त उपधारा के प्रथम परंतुक के तहत किश्तों का भुगतान करने में चूक करता है, तो व्यापारी ऐसी विफलता या चूक के लिए कर की राशि के अतिरिक्त, प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए डेढ़ प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज के रूप में कर की राशि का भुगतान करेगा।
(4) जहाँ किसी कार्यवाही के दौरान निर्धारित प्राधिकारी को यह पता चलता है कि किसी डीलर ने--
(i) उसने अपने पूरे या आंशिक कारोबार को कर-मुक्त होने का गलत दावा किया है और परिणामस्वरूप, उसे देय कर से कम कर का भुगतान किया है; या
(ii) उसने अपने कारोबार या उसके किसी विवरण को गलत तरीके से घोषित किया है और इस प्रकार इस अधिनियम के तहत देय कर की राशि को कम कर दिया है; या
(iii) उसने इस अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाली राशि से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत दावा किया है।
डीलर उपर्युक्त कार्यवाही के तहत निर्धारित कर की राशि के अतिरिक्त, प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए डेढ़ प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज का भुगतान करेगा, जो कि पूर्व में स्वीकृत राशि और अंत में निर्धारित कर के अंतर पर उस तिथि से लागू होगा, जिस तिथि से कर देय होता यदि डीलर ने खंड (i) या खंड (ii) या खंड (iii) में उल्लिखित कोई भी कार्य नहीं किया होता।
बशर्ते कि यदि इस अधिनियम के अंतर्गत किसी कार्यवाही में निर्धारित कर या उसके किसी भाग की वसूली अपील पर या किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के परिणामस्वरूप स्थगित कर दी जाती है, तो अंतिम आदेश पारित होने और ऐसे आदेश की पुष्टि होने के बाद, कर के पहली बार देय होने की तिथि से ब्याज की राशि वसूल की जा सकेगी।
(5) यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति उपधारा (2) के तहत जारी नोटिस में निर्दिष्ट तिथि तक या उसके द्वितीय परंतुक के अनुसार तुरंत कर की किसी राशि का भुगतान उचित कारण के बिना करने में विफल रहता है, या इसी प्रकार उक्त उपधारा के प्रथम परंतुक के तहत विस्तारित तिथि तक कर और ब्याज का भुगतान करने में विफल रहता है, या किश्तों के भुगतान में चूक करता है, या देय ब्याज की राशि का भुगतान नहीं करता है, तो निर्धारित प्राधिकारी, व्यापारी को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद, यह निर्देश दे सकता है कि व्यापारी ऐसी विफलता के लिए निर्धारित तरीके से दंड के रूप में, ऐसी तिथि की समाप्ति के बाद प्रत्येक आगामी माह और उसके भाग के लिए देय राशि का पांच प्रतिशत प्रति माह भुगतान करे।
(6) उपधारा (2), (4) और (5) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कर, ब्याज और जुर्माने की कोई भी राशि, यदि कोई हो, जो उपधारा (2) के तहत जारी नोटिस में निर्दिष्ट तिथि के बाद अदा न की गई हो, या उपधारा (5) के तहत लगाया गया जुर्माना जो अदा न किया गया हो, वसूली के किसी अन्य तरीके पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इस प्रकार वसूल की जाएगी मानो वह भू-राजस्व का बकाया हो।
बशर्ते कि जहां धारा 72 के तहत ऐसी राशि के संबंध में अपील स्वीकार की गई हो, वहां अपीलीय प्राधिकारी, इस अधिनियम के तहत राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अधीन रहते हुए, ऐसी राशि या उसके अंश की वसूली को अपील लंबित रहने तक या ऐसी छोटी अवधि तक स्थगित कर सकता है जिसे उक्त प्राधिकारी पर्याप्त समझे।
(2) राशि--
(i) धारा 3 की उपधारा (7) के अधीन अग्रिम रूप से अनुमानित कर, या
(ii) डीलर द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न के अनुसार देय कर, जहां ऐसी राशि का पूरा भुगतान नहीं किया गया है, या
(iii) धारा 26 या धारा 27 या धारा 28 या धारा 29 या धारा 30 या धारा 31 या धारा 32 या धारा 33 के तहत या अपील, पुनरीक्षण या समीक्षा पर किसी आदेश के अनुसरण में या उसके परिणामस्वरूप निर्धारित या पुनर्निर्धारित कर, डीलर द्वारा पहले से भुगतान की गई राशि, यदि कोई हो, को घटाकर, या
(iv) इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान के तहत प्रभार्य ब्याज या लगाया गया जुर्माना, यदि कोई हो,
डीलर या संबंधित व्यक्ति द्वारा सरकारी खजाने में या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत बैंक में, या ऐसे अन्य तरीके से भुगतान किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है और ऐसी तिथि तक जैसा कि इस उद्देश्य के लिए निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है और निर्दिष्ट तिथि, सामान्यतः, ऐसे नोटिस की तामील की तिथि से तीस दिनों से कम नहीं होगी।
बशर्ते कि प्राधिकरण किसी विशेष डीलर या व्यक्ति के संबंध में, और लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, ऐसे भुगतान की तिथि बढ़ा सकता है, या ऐसे डीलर को देय कर या ब्याज तथा यदि कोई जुर्माना हो, तो उसे निर्धारित तरीके से किश्तों में भुगतान करने की अनुमति दे सकता है।
इसके अलावा, यदि निर्धारित प्राधिकारी राजस्व के हित में इसे उचित समझता है, तो वह लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर किसी भी व्यापारी या व्यक्ति को ऐसे भुगतान तुरंत करने के लिए कह सकता है।
(3) यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति उपधारा (2) के तहत जारी नोटिस में निर्दिष्ट अवधि तक कर की किसी राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, या विस्तारित तिथि तक कर का भुगतान करने में विफल रहता है, या उक्त उपधारा के प्रथम परंतुक के तहत किश्तों का भुगतान करने में चूक करता है, तो व्यापारी ऐसी विफलता या चूक के लिए कर की राशि के अतिरिक्त, प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए डेढ़ प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज के रूप में कर की राशि का भुगतान करेगा।
(4) जहाँ किसी कार्यवाही के दौरान निर्धारित प्राधिकारी को यह पता चलता है कि किसी डीलर ने--
(i) उसने अपने पूरे या आंशिक कारोबार को कर-मुक्त होने का गलत दावा किया है और परिणामस्वरूप, उसे देय कर से कम कर का भुगतान किया है; या
(ii) उसने अपने कारोबार या उसके किसी विवरण को गलत तरीके से घोषित किया है और इस प्रकार इस अधिनियम के तहत देय कर की राशि को कम कर दिया है; या
(iii) उसने इस अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाली राशि से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत दावा किया है।
डीलर उपर्युक्त कार्यवाही के तहत निर्धारित कर की राशि के अतिरिक्त, प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए डेढ़ प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज का भुगतान करेगा, जो कि पूर्व में स्वीकृत राशि और अंत में निर्धारित कर के अंतर पर उस तिथि से लागू होगा, जिस तिथि से कर देय होता यदि डीलर ने खंड (i) या खंड (ii) या खंड (iii) में उल्लिखित कोई भी कार्य नहीं किया होता।
बशर्ते कि यदि इस अधिनियम के अंतर्गत किसी कार्यवाही में निर्धारित कर या उसके किसी भाग की वसूली अपील पर या किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के परिणामस्वरूप स्थगित कर दी जाती है, तो अंतिम आदेश पारित होने और ऐसे आदेश की पुष्टि होने के बाद, कर के पहली बार देय होने की तिथि से ब्याज की राशि वसूल की जा सकेगी।
(5) यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति उपधारा (2) के तहत जारी नोटिस में निर्दिष्ट तिथि तक या उसके द्वितीय परंतुक के अनुसार तुरंत कर की किसी राशि का भुगतान उचित कारण के बिना करने में विफल रहता है, या इसी प्रकार उक्त उपधारा के प्रथम परंतुक के तहत विस्तारित तिथि तक कर और ब्याज का भुगतान करने में विफल रहता है, या किश्तों के भुगतान में चूक करता है, या देय ब्याज की राशि का भुगतान नहीं करता है, तो निर्धारित प्राधिकारी, व्यापारी को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद, यह निर्देश दे सकता है कि व्यापारी ऐसी विफलता के लिए निर्धारित तरीके से दंड के रूप में, ऐसी तिथि की समाप्ति के बाद प्रत्येक आगामी माह और उसके भाग के लिए देय राशि का पांच प्रतिशत प्रति माह भुगतान करे।
(6) उपधारा (2), (4) और (5) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कर, ब्याज और जुर्माने की कोई भी राशि, यदि कोई हो, जो उपधारा (2) के तहत जारी नोटिस में निर्दिष्ट तिथि के बाद अदा न की गई हो, या उपधारा (5) के तहत लगाया गया जुर्माना जो अदा न किया गया हो, वसूली के किसी अन्य तरीके पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इस प्रकार वसूल की जाएगी मानो वह भू-राजस्व का बकाया हो।
बशर्ते कि जहां धारा 72 के तहत ऐसी राशि के संबंध में अपील स्वीकार की गई हो, वहां अपीलीय प्राधिकारी, इस अधिनियम के तहत राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अधीन रहते हुए, ऐसी राशि या उसके अंश की वसूली को अपील लंबित रहने तक या ऐसी छोटी अवधि तक स्थगित कर सकता है जिसे उक्त प्राधिकारी पर्याप्त समझे।
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