BVAT Act 52अध्याय VII · Books of Account and Furnishing of Information
धारा 52 · खातों का रखरखाव।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक पंजीकृत डीलर (धारा 15 के तहत कर भुगतान करने की अनुमति प्राप्त डीलर के अलावा) निम्नलिखित कार्य करेगा--
(क) उसके द्वारा उत्पादित, उत्पादित, निर्मित, संसाधित, खरीदी, बेची गई या वितरित या हस्तांतरित सभी वस्तुओं के संबंध में निर्धारित तरीके से सही और पूर्ण लेखा-जोखा रखना;
(ख) माल के प्रेषण और आगमन के साथ-साथ निर्मित या स्थानांतरित माल के स्टॉक का सही और पूर्ण लेखा-जोखा निर्धारित तरीके से बनाए रखना।
(2) ऐसे डीलर या व्यक्ति, जैसा कि निर्धारित किया जाए, और ऐसे अन्य डीलर जिन पर उपधारा (1) लागू होती है, प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में, निर्धारित तरीके से, निम्नलिखित विवरण तैयार करेंगे:--
(क) किसी निर्माता के मामले में विनिर्माण, व्यापार और लाभ-हानि खाता तथा बैलेंस शीट; और
(ख) ऐसे खाते जो किसी अन्य मामले में निर्धारित किए जा सकें:
बशर्ते कि उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोई भी खाता तब तक सही और पूर्ण नहीं माना जाएगा जब तक कि ऐसे खाते निर्धारित प्राधिकारी को इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत देय कर और इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता की गणना करने में सक्षम न बना दें:
इसके अलावा, उपधारा (1) में निर्दिष्ट खातों को तब तक सही और पूर्ण नहीं माना जाएगा जब तक कि वे सही और निष्पक्ष स्थिति प्रस्तुत न करें।
(i) बैलेंस शीट के मामले में, वित्तीय वर्ष के अंत में डीलर या व्यक्ति की स्थिति; और
(ii) विनिर्माण, व्यापार और लाभ एवं हानि खाते के मामले में, डीलर या व्यक्ति के वित्तीय वर्ष के कार्य परिणामों का।
(3) प्रत्येक डीलर या उपधारा (1) के अनुसार लेखा रखने के लिए बाध्य व्यक्ति—
(क) बिक्री के अलावा किसी अन्य कारण से अपने व्यवसाय स्थल से माल के सभी हस्तांतरणों के संबंध में, निर्धारित प्रपत्र में चालान जारी करना; और
(ख) सभी चालानों को उस वर्ष की समाप्ति से कम से कम छह वर्ष की अवधि के लिए, या उस वर्ष के लिए मूल्यांकन, अपील या संशोधन के पूरा होने के बाद दो वर्ष की अवधि के लिए, जो भी बाद में हो, सुरक्षित रखें।
(4) धारा 15 के अंतर्गत कर भुगतान करने की अनुमति प्राप्त प्रत्येक डीलर—
(क) वर्ष के दौरान अपनी खरीद और बिक्री को दर्शाने वाले खाते और ऐसे अन्य खाते बनाए रखना, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; और
(ख) प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में, निर्धारित तरीके से, व्यापार और लाभ एवं हानि खाता तैयार करना।
(क) उसके द्वारा उत्पादित, उत्पादित, निर्मित, संसाधित, खरीदी, बेची गई या वितरित या हस्तांतरित सभी वस्तुओं के संबंध में निर्धारित तरीके से सही और पूर्ण लेखा-जोखा रखना;
(ख) माल के प्रेषण और आगमन के साथ-साथ निर्मित या स्थानांतरित माल के स्टॉक का सही और पूर्ण लेखा-जोखा निर्धारित तरीके से बनाए रखना।
(2) ऐसे डीलर या व्यक्ति, जैसा कि निर्धारित किया जाए, और ऐसे अन्य डीलर जिन पर उपधारा (1) लागू होती है, प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में, निर्धारित तरीके से, निम्नलिखित विवरण तैयार करेंगे:--
(क) किसी निर्माता के मामले में विनिर्माण, व्यापार और लाभ-हानि खाता तथा बैलेंस शीट; और
(ख) ऐसे खाते जो किसी अन्य मामले में निर्धारित किए जा सकें:
बशर्ते कि उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोई भी खाता तब तक सही और पूर्ण नहीं माना जाएगा जब तक कि ऐसे खाते निर्धारित प्राधिकारी को इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत देय कर और इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता की गणना करने में सक्षम न बना दें:
इसके अलावा, उपधारा (1) में निर्दिष्ट खातों को तब तक सही और पूर्ण नहीं माना जाएगा जब तक कि वे सही और निष्पक्ष स्थिति प्रस्तुत न करें।
(i) बैलेंस शीट के मामले में, वित्तीय वर्ष के अंत में डीलर या व्यक्ति की स्थिति; और
(ii) विनिर्माण, व्यापार और लाभ एवं हानि खाते के मामले में, डीलर या व्यक्ति के वित्तीय वर्ष के कार्य परिणामों का।
(3) प्रत्येक डीलर या उपधारा (1) के अनुसार लेखा रखने के लिए बाध्य व्यक्ति—
(क) बिक्री के अलावा किसी अन्य कारण से अपने व्यवसाय स्थल से माल के सभी हस्तांतरणों के संबंध में, निर्धारित प्रपत्र में चालान जारी करना; और
(ख) सभी चालानों को उस वर्ष की समाप्ति से कम से कम छह वर्ष की अवधि के लिए, या उस वर्ष के लिए मूल्यांकन, अपील या संशोधन के पूरा होने के बाद दो वर्ष की अवधि के लिए, जो भी बाद में हो, सुरक्षित रखें।
(4) धारा 15 के अंतर्गत कर भुगतान करने की अनुमति प्राप्त प्रत्येक डीलर—
(क) वर्ष के दौरान अपनी खरीद और बिक्री को दर्शाने वाले खाते और ऐसे अन्य खाते बनाए रखना, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; और
(ख) प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में, निर्धारित तरीके से, व्यापार और लाभ एवं हानि खाता तैयार करना।
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