BVAT Act 84अध्याय XIII · Offences and Penalties
धारा 84 · कंपनियों और अन्य द्वारा किए गए अपराध।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया है, तो अपराध किए जाने के समय कंपनी के व्यवसाय संचालन के लिए कंपनी का प्रभारी और उत्तरदायी प्रत्येक व्यक्ति, साथ ही कंपनी भी, उस अपराध के लिए दोषी मानी जाएगी और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा।
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे किसी व्यक्ति को इस अधिनियम में दिए गए किसी दंड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराएगी, यदि वह यह साबित कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती थी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया हो और यह सिद्ध हो जाए कि वह अपराध कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मिलीभगत से किया गया हो, या उनकी ओर से किसी लापरवाही के कारण हुआ हो, तो ऐसे निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी को भी उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण.–इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए--
(क) "कंपनी" से तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के अंतर्गत निगमित कंपनी से है, और इसमें निगमित निकाय, फर्म या व्यक्तियों का अन्य संघ शामिल है;
(ख) किसी फर्म के संबंध में "निदेशक" का अर्थ फर्म में साझेदार है।
(3) यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी हिंदू अविभाजित परिवार द्वारा किया गया हो, तो उसका कर्ता उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा:
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात कर्ता को किसी भी दंड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराएगी यदि वह यह सिद्ध कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती थी:
इसके अलावा, यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी हिंदू अविभाजित परिवार द्वारा किया गया है और यह सिद्ध हो जाता है कि अपराध हिंदू अविभाजित परिवार के किसी वयस्क सदस्य की सहमति या मिलीभगत से किया गया है, या उसकी ओर से किसी लापरवाही के कारण हुआ है, तो ऐसे सदस्य को भी उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर उसे तदनुसार दंडित किया जाएगा।
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे किसी व्यक्ति को इस अधिनियम में दिए गए किसी दंड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराएगी, यदि वह यह साबित कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती थी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया हो और यह सिद्ध हो जाए कि वह अपराध कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मिलीभगत से किया गया हो, या उनकी ओर से किसी लापरवाही के कारण हुआ हो, तो ऐसे निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी को भी उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण.–इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए--
(क) "कंपनी" से तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के अंतर्गत निगमित कंपनी से है, और इसमें निगमित निकाय, फर्म या व्यक्तियों का अन्य संघ शामिल है;
(ख) किसी फर्म के संबंध में "निदेशक" का अर्थ फर्म में साझेदार है।
(3) यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी हिंदू अविभाजित परिवार द्वारा किया गया हो, तो उसका कर्ता उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा:
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात कर्ता को किसी भी दंड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराएगी यदि वह यह सिद्ध कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती थी:
इसके अलावा, यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी हिंदू अविभाजित परिवार द्वारा किया गया है और यह सिद्ध हो जाता है कि अपराध हिंदू अविभाजित परिवार के किसी वयस्क सदस्य की सहमति या मिलीभगत से किया गया है, या उसकी ओर से किसी लापरवाही के कारण हुआ है, तो ऐसे सदस्य को भी उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर उसे तदनुसार दंडित किया जाएगा।
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