BVAT Act 77अध्याय XII · Appeal, Revision and Review
धारा 77 · विवादित प्रश्नों का निर्धारण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि न्यायालय के समक्ष कार्यवाही के अलावा, या निर्धारित प्राधिकारी द्वारा धारा 27 या धारा 28 या धारा 29 या धारा 30 या धारा 31 या धारा 32 या धारा 33 के तहत किसी डीलर का मूल्यांकन प्रारंभ करने से पहले, कोई प्रश्न उठता है कि क्या इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए,--
(क) कोई व्यक्ति, समाज, क्लब या संघ या कोई फर्म या किसी फर्म की कोई शाखा या विभाग, डीलर है, या
(ख) किसी वस्तु पर किया गया कोई विशेष कार्य, उस शब्द के अर्थ में, वस्तुओं के निर्माण के बराबर हो या उसके परिणामस्वरूप वस्तुओं का निर्माण होता हो, या
(ग) कोई भी लेन-देन बिक्री या खरीद है, या यदि वह बिक्री या खरीद है तो उसका विक्रय मूल्य या खरीद मूल्य, जैसा भी मामला हो, या
(घ) किसी विशेष व्यक्ति या डीलर को पंजीकृत होना आवश्यक है, या
(ई) कर भुगतान के लिए उत्तरदायी किसी व्यक्ति या डीलर के मामले में, किसी विशेष बिक्री या खरीद के संबंध में ऐसे व्यक्ति या डीलर द्वारा देय कोई कर, या यदि कर देय है, तो उसकी दर, या
(f) क्या किसी विशेष खरीद लेनदेन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जा सकता है और यदि किया जा सकता है, तो वे कौन सी शर्तें और प्रतिबंध हैं जिनके अधीन ऐसे इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जा सकता है, या
(जी) धारा 25 की उपधारा (2) के तहत पारित आदेश न्यायसंगत एवं उचित है, या
(h) इस अधिनियम के किसी प्रावधान की व्याख्या से संबंधित कोई अन्य प्रश्न,
आयुक्त, ऐसे नियमों के अधीन रहते हुए, ऐसे प्रश्न का निर्धारण करने वाला आदेश जारी करेगा।
स्पष्टीकरण.-- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, निर्धारित प्राधिकारी द्वारा धारा 27 या धारा 28 या धारा 29 या धारा 30 या धारा 31 या धारा 32 या धारा 33 के तहत डीलर का मूल्यांकन तब प्रारंभ किया गया माना जाएगा, जब उक्त धाराओं के तहत निर्धारित प्राधिकारी द्वारा डीलर को कोई नोटिस तामील किया जाता है।
(2) आयुक्त यह निर्देश दे सकता है कि निर्धारण से इस अधिनियम के अंतर्गत किसी व्यक्ति की देयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, निर्धारण से पहले या ऐसी तिथि से पहले किए गए किसी विक्रय या खरीद के संबंध में, जैसा कि वह निर्दिष्ट कर सकता है।
(3) यदि इस अधिनियम या बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (बिहार अधिनियम 5 ऑफ 1981), जैसा कि धारा 94 द्वारा निरस्त किए जाने से पहले था, के तहत किसी प्राधिकरण या न्यायालय द्वारा पहले से पारित किसी आदेश से ऐसा कोई प्रश्न उठता है, तो इस धारा के तहत निर्धारण के लिए ऐसे किसी प्रश्न पर विचार नहीं किया जाएगा; परन्तु ऐसे प्रश्न को ऐसे आदेश के विरुद्ध अपील में उठाया जा सकता है।
(क) कोई व्यक्ति, समाज, क्लब या संघ या कोई फर्म या किसी फर्म की कोई शाखा या विभाग, डीलर है, या
(ख) किसी वस्तु पर किया गया कोई विशेष कार्य, उस शब्द के अर्थ में, वस्तुओं के निर्माण के बराबर हो या उसके परिणामस्वरूप वस्तुओं का निर्माण होता हो, या
(ग) कोई भी लेन-देन बिक्री या खरीद है, या यदि वह बिक्री या खरीद है तो उसका विक्रय मूल्य या खरीद मूल्य, जैसा भी मामला हो, या
(घ) किसी विशेष व्यक्ति या डीलर को पंजीकृत होना आवश्यक है, या
(ई) कर भुगतान के लिए उत्तरदायी किसी व्यक्ति या डीलर के मामले में, किसी विशेष बिक्री या खरीद के संबंध में ऐसे व्यक्ति या डीलर द्वारा देय कोई कर, या यदि कर देय है, तो उसकी दर, या
(f) क्या किसी विशेष खरीद लेनदेन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जा सकता है और यदि किया जा सकता है, तो वे कौन सी शर्तें और प्रतिबंध हैं जिनके अधीन ऐसे इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जा सकता है, या
(जी) धारा 25 की उपधारा (2) के तहत पारित आदेश न्यायसंगत एवं उचित है, या
(h) इस अधिनियम के किसी प्रावधान की व्याख्या से संबंधित कोई अन्य प्रश्न,
आयुक्त, ऐसे नियमों के अधीन रहते हुए, ऐसे प्रश्न का निर्धारण करने वाला आदेश जारी करेगा।
स्पष्टीकरण.-- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, निर्धारित प्राधिकारी द्वारा धारा 27 या धारा 28 या धारा 29 या धारा 30 या धारा 31 या धारा 32 या धारा 33 के तहत डीलर का मूल्यांकन तब प्रारंभ किया गया माना जाएगा, जब उक्त धाराओं के तहत निर्धारित प्राधिकारी द्वारा डीलर को कोई नोटिस तामील किया जाता है।
(2) आयुक्त यह निर्देश दे सकता है कि निर्धारण से इस अधिनियम के अंतर्गत किसी व्यक्ति की देयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, निर्धारण से पहले या ऐसी तिथि से पहले किए गए किसी विक्रय या खरीद के संबंध में, जैसा कि वह निर्दिष्ट कर सकता है।
(3) यदि इस अधिनियम या बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (बिहार अधिनियम 5 ऑफ 1981), जैसा कि धारा 94 द्वारा निरस्त किए जाने से पहले था, के तहत किसी प्राधिकरण या न्यायालय द्वारा पहले से पारित किसी आदेश से ऐसा कोई प्रश्न उठता है, तो इस धारा के तहत निर्धारण के लिए ऐसे किसी प्रश्न पर विचार नहीं किया जाएगा; परन्तु ऐसे प्रश्न को ऐसे आदेश के विरुद्ध अपील में उठाया जा सकता है।
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