BVAT Act 86अध्याय XIV · Bureau of Investigation
धारा 86 · जांच ब्यूरो।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित एक आदेश द्वारा, एक जांच ब्यूरो का गठन कर सकती है और इसमें ऐसे कर्मचारी, अधिकारियों की ऐसी संख्या और पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण का ऐसा पदानुक्रम होगा जैसा कि राज्य सरकार द्वारा उक्त आदेश में निर्दिष्ट किया जाए।
बशर्ते कि यदि धारा 10 की उपधारा (1) के तहत नियुक्त प्राधिकारियों को इस प्रकार निर्दिष्ट किया जाता है, तो वे धारा 10 की उपधारा (1) के तहत शक्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इस अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए धारा 55, 56, 57, 58, 59, 60, 61 और 62 के तहत प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
(2) (क) राज्य सरकार, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, जांच ब्यूरो के किसी अधिकारी को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के अधीन पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी की शक्तियां तथा अन्य अधिनियमों के अधीन ऐसी अन्य शक्तियां प्रदान कर सकती है, जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(ख) आयुक्त, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित एक आदेश द्वारा, जांच ब्यूरो के किसी अधिकारी को धारा 10 के तहत नियुक्त प्राधिकरण की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए ऐसे मामलों के संबंध में अधिकृत कर सकता है, जैसा कि आदेश में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) जांच ब्यूरो आयुक्त के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन कार्य करेगा तथा आयुक्त द्वारा उसे सौंपे गए कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, जिसमें इस अधिनियम की धारा 83 के अंतर्गत अपराधों की जांच भी शामिल है।
बशर्ते कि यदि धारा 10 की उपधारा (1) के तहत नियुक्त प्राधिकारियों को इस प्रकार निर्दिष्ट किया जाता है, तो वे धारा 10 की उपधारा (1) के तहत शक्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इस अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए धारा 55, 56, 57, 58, 59, 60, 61 और 62 के तहत प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
(2) (क) राज्य सरकार, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, जांच ब्यूरो के किसी अधिकारी को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के अधीन पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी की शक्तियां तथा अन्य अधिनियमों के अधीन ऐसी अन्य शक्तियां प्रदान कर सकती है, जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(ख) आयुक्त, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित एक आदेश द्वारा, जांच ब्यूरो के किसी अधिकारी को धारा 10 के तहत नियुक्त प्राधिकरण की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए ऐसे मामलों के संबंध में अधिकृत कर सकता है, जैसा कि आदेश में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) जांच ब्यूरो आयुक्त के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन कार्य करेगा तथा आयुक्त द्वारा उसे सौंपे गए कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, जिसमें इस अधिनियम की धारा 83 के अंतर्गत अपराधों की जांच भी शामिल है।
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