BVAT Act 16अध्याय IV · Rate of Tax and Point of Levy
धारा 16 · इनपुट टैक्स क्रेडिट।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, इस धारा में दिए गए प्रावधान के अनुसार इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा पंजीकृत डीलर द्वारा, निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, निम्नलिखित परिस्थितियों में माल की बिक्री पर किया जा सकेगा, अर्थात्:--
(क) जब कोई पंजीकृत डीलर धारा 14 के तहत निर्दिष्ट कर का भुगतान करने के बाद बिहार राज्य के भीतर किसी अन्य पंजीकृत डीलर से कोई इनपुट खरीदता है, तो वह निर्धारित तरीके से इनपुट टैक्स का क्रेडिट दावा करेगा, यदि माल राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार और वाणिज्य के दौरान बेचा जाता है;
(ख) जब कोई पंजीकृत डीलर--
(i) धारा 14 के तहत कर का भुगतान करने के बाद किसी अन्य पंजीकृत डीलर से राज्य के भीतर कोई इनपुट खरीदता है, या
(ii) कोई इनपुट खरीदता है और अधिनियम की धारा 4 के तहत ऐसी खरीद पर कर का भुगतान करता है,
और धारा 14 के खंड (क), (ख) और (घ) में उल्लिखित किसी भी वस्तु के निर्माण में ऐसी वस्तुओं का उपभोग करता है, तो वह निर्धारित तरीके से उक्त इनपुट टैक्स का क्रेडिट दावा करेगा, यदि इस प्रकार निर्मित वस्तुएं बिहार राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार और वाणिज्य के दौरान बेची जाती हैं;
(ग) जब कोई पंजीकृत व्यापारी धारा 14 के तहत निर्दिष्ट कर का भुगतान करने के बाद राज्य के भीतर किसी अन्य पंजीकृत व्यापारी से कोई पूंजीगत वस्तु खरीदता है और धारा 14 के खंड (क), (ख) और (घ) में उल्लिखित किसी वस्तु के निर्माण में ऐसी वस्तुओं का उपयोग करता है और निर्मित वस्तुओं को बिहार राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान या अन्यथा बेचता है, तो वह इनपुट कर की राशि का दावा करेगा और उसे निर्धारित तरीके से क्रेडिट दिया जाएगा;
(घ) जब कोई पंजीकृत डीलर 1 अप्रैल, 2005 को स्टॉक में ऐसी वस्तुएं रखता है, जिन्हें उसने 1 अप्रैल, 2004 को या उसके बाद खरीदा है और जिन पर धारा 94 द्वारा निरस्त किए जाने से पहले बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (बिहार अधिनियम 5 ऑफ 1981) के तहत कर लगाया गया है, और--
(i) वह बिहार राज्य के भीतर या अंतरराज्यीय व्यापार एवं वाणिज्य के दौरान ऐसे माल की बिक्री करता है, या
(ii) वह धारा 14 के खंड (क), (ख) और (घ) में उल्लिखित किसी भी वस्तु के निर्माण में ऐसी वस्तुओं का उपभोग करता है और इस प्रकार निर्मित वस्तुओं को बिहार राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार और वाणिज्य के दौरान बेचा जाता है।
वह निर्धारित तरीके से इनपुट टैक्स का क्रेडिट प्राप्त करने का दावा करेगा;
(ई) जब कोई पंजीकृत डीलर बिहार राज्य के भीतर किसी अन्य पंजीकृत डीलर से धारा 14 के अधीन निर्दिष्ट कर का भुगतान करने के बाद चार प्रतिशत से अधिक दर पर कोई इनपुट खरीदता है और ऐसे माल या ऐसे माल से निर्मित माल को बिहार राज्य के बाहर किसी अन्य डीलर को हस्तांतरित करता है, तो उसे चार प्रतिशत से अधिक के ऐसे कर की छूट उस तरीके से दी जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि यदि किसी माह के लिए खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) या खंड (ङ) के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा उसी माह के आउटपुट टैक्स से अधिक हो जाता है, तो ऐसी अतिरिक्त राशि को बाद के महीनों के आउटपुट टैक्स के विरुद्ध समायोजन के लिए आगे ले जाया जाएगा, जो उस वर्ष की समाप्ति के दो वर्ष बाद का महीना नहीं होगा जिसमें ऐसी अतिरिक्त राशि उत्पन्न हुई थी और उस वर्ष की समाप्ति के दो वर्ष बाद भी समायोजित न हुई इनपुट टैक्स की राशि डीलर को इस अधिनियम की धारा 68, 69 और 71 के प्रावधानों के अधीन वापस कर दी जाएगी।
इसके अलावा, पूंजीगत वस्तुओं के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट उस तरीके से और उस अवधि के लिए अनुमत किया जाएगा, जो उनकी खरीद की तारीख से छत्तीस महीने से अधिक न हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले खरीदी या अधिग्रहित की गई पूंजीगत संपत्तियों के संबंध में इनपुट टैक्स की कोई छूट नहीं दी जाएगी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहाँ कोई पंजीकृत डीलर उक्त उपधारा के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) में उल्लिखित परिस्थितियों में कोई इनपुट खरीदता है, और,--
(क) वह ऐसे माल या ऐसे माल का उपभोग करके निर्मित माल को इस अधिनियम के तहत पंजीकृत कमीशन एजेंट को भेजता है या ऐसे माल को बिक्री के लिए बिहार राज्य के भीतर स्थित उसकी शाखा या प्रधान कार्यालय को हस्तांतरित करता है; या
(ख) यदि वह किसी कार्य अनुबंध के निष्पादन के दौरान किसी अन्य पंजीकृत डीलर को, जिसे उसने उप-अनुबंध दिया है, ऐसे माल की आपूर्ति करता है, तो ऐसे माल की बिक्री या आपूर्ति पर इनपुट टैक्स क्रेडिट, जैसा भी मामला हो, उस पंजीकृत डीलर द्वारा कमीशन पर माल बेचने या उप-अनुबंध के निष्पादन में आपूर्ति किए गए माल का उपयोग करने के मामले में, उप-धारा (1) के प्रावधानों के अनुसार, निर्धारित तरीके से दावा किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत किसी पंजीकृत डीलर को इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं किया जाएगा और न ही उसे इसकी अनुमति दी जाएगी।
(क) अनुसूची IV में निर्दिष्ट वस्तुओं या ऐसी अन्य वस्तुओं के संबंध में जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(ख) किसी अन्य पंजीकृत डीलर से उसके द्वारा खरीदे गए इनपुट के संबंध में या उसके द्वारा निर्मित इनपुट के संबंध में, और जिसके उपयोग का अधिकार किसी अन्य डीलर को हस्तांतरित कर दिया गया हो; या
(ग) धारा 15 के प्रावधानों के तहत कर भुगतान करने की अनुमति प्राप्त पंजीकृत डीलर से खरीदे गए इनपुट के संबंध में; या
(घ) अनुसूची 1 में निर्दिष्ट वस्तुओं के निर्माण के लिए उपयोग किए गए इनपुट के संबंध में; या
(ई) स्वयं के उपभोग के लिए या उपहार के रूप में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के संबंध में।
(4) यदि इनपुट या माल का उपयोग उप-धारा (3) में निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए आंशिक रूप से किया जाता है, तो इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा उस सीमा तक कम हो जाएगा जिस सीमा तक उनका उपयोग किया जाता है।
(5) (क) कोई भी डीलर खरीदे गए इनपुट के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा तब तक नहीं करेगा जब तक कि उसके पास बिक्री के निर्धारित विवरण वाले पंजीकृत विक्रेता द्वारा हस्ताक्षरित और जारी किए गए टैक्स इनवॉइस की मूल प्रति न हो।
(ख) यदि मूल कर चालान खो जाता है, तो इनपुट टैक्स क्रेडिट केवल निर्धारित प्रपत्र और तरीके से मूल कर चालान की प्रतिलिपि के आधार पर ही दिया जाएगा।
(क) जब कोई पंजीकृत डीलर धारा 14 के तहत निर्दिष्ट कर का भुगतान करने के बाद बिहार राज्य के भीतर किसी अन्य पंजीकृत डीलर से कोई इनपुट खरीदता है, तो वह निर्धारित तरीके से इनपुट टैक्स का क्रेडिट दावा करेगा, यदि माल राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार और वाणिज्य के दौरान बेचा जाता है;
(ख) जब कोई पंजीकृत डीलर--
(i) धारा 14 के तहत कर का भुगतान करने के बाद किसी अन्य पंजीकृत डीलर से राज्य के भीतर कोई इनपुट खरीदता है, या
(ii) कोई इनपुट खरीदता है और अधिनियम की धारा 4 के तहत ऐसी खरीद पर कर का भुगतान करता है,
और धारा 14 के खंड (क), (ख) और (घ) में उल्लिखित किसी भी वस्तु के निर्माण में ऐसी वस्तुओं का उपभोग करता है, तो वह निर्धारित तरीके से उक्त इनपुट टैक्स का क्रेडिट दावा करेगा, यदि इस प्रकार निर्मित वस्तुएं बिहार राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार और वाणिज्य के दौरान बेची जाती हैं;
(ग) जब कोई पंजीकृत व्यापारी धारा 14 के तहत निर्दिष्ट कर का भुगतान करने के बाद राज्य के भीतर किसी अन्य पंजीकृत व्यापारी से कोई पूंजीगत वस्तु खरीदता है और धारा 14 के खंड (क), (ख) और (घ) में उल्लिखित किसी वस्तु के निर्माण में ऐसी वस्तुओं का उपयोग करता है और निर्मित वस्तुओं को बिहार राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान या अन्यथा बेचता है, तो वह इनपुट कर की राशि का दावा करेगा और उसे निर्धारित तरीके से क्रेडिट दिया जाएगा;
(घ) जब कोई पंजीकृत डीलर 1 अप्रैल, 2005 को स्टॉक में ऐसी वस्तुएं रखता है, जिन्हें उसने 1 अप्रैल, 2004 को या उसके बाद खरीदा है और जिन पर धारा 94 द्वारा निरस्त किए जाने से पहले बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (बिहार अधिनियम 5 ऑफ 1981) के तहत कर लगाया गया है, और--
(i) वह बिहार राज्य के भीतर या अंतरराज्यीय व्यापार एवं वाणिज्य के दौरान ऐसे माल की बिक्री करता है, या
(ii) वह धारा 14 के खंड (क), (ख) और (घ) में उल्लिखित किसी भी वस्तु के निर्माण में ऐसी वस्तुओं का उपभोग करता है और इस प्रकार निर्मित वस्तुओं को बिहार राज्य के भीतर या अंतर-राज्यीय व्यापार और वाणिज्य के दौरान बेचा जाता है।
वह निर्धारित तरीके से इनपुट टैक्स का क्रेडिट प्राप्त करने का दावा करेगा;
(ई) जब कोई पंजीकृत डीलर बिहार राज्य के भीतर किसी अन्य पंजीकृत डीलर से धारा 14 के अधीन निर्दिष्ट कर का भुगतान करने के बाद चार प्रतिशत से अधिक दर पर कोई इनपुट खरीदता है और ऐसे माल या ऐसे माल से निर्मित माल को बिहार राज्य के बाहर किसी अन्य डीलर को हस्तांतरित करता है, तो उसे चार प्रतिशत से अधिक के ऐसे कर की छूट उस तरीके से दी जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि यदि किसी माह के लिए खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) या खंड (ङ) के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा उसी माह के आउटपुट टैक्स से अधिक हो जाता है, तो ऐसी अतिरिक्त राशि को बाद के महीनों के आउटपुट टैक्स के विरुद्ध समायोजन के लिए आगे ले जाया जाएगा, जो उस वर्ष की समाप्ति के दो वर्ष बाद का महीना नहीं होगा जिसमें ऐसी अतिरिक्त राशि उत्पन्न हुई थी और उस वर्ष की समाप्ति के दो वर्ष बाद भी समायोजित न हुई इनपुट टैक्स की राशि डीलर को इस अधिनियम की धारा 68, 69 और 71 के प्रावधानों के अधीन वापस कर दी जाएगी।
इसके अलावा, पूंजीगत वस्तुओं के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट उस तरीके से और उस अवधि के लिए अनुमत किया जाएगा, जो उनकी खरीद की तारीख से छत्तीस महीने से अधिक न हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले खरीदी या अधिग्रहित की गई पूंजीगत संपत्तियों के संबंध में इनपुट टैक्स की कोई छूट नहीं दी जाएगी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहाँ कोई पंजीकृत डीलर उक्त उपधारा के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) में उल्लिखित परिस्थितियों में कोई इनपुट खरीदता है, और,--
(क) वह ऐसे माल या ऐसे माल का उपभोग करके निर्मित माल को इस अधिनियम के तहत पंजीकृत कमीशन एजेंट को भेजता है या ऐसे माल को बिक्री के लिए बिहार राज्य के भीतर स्थित उसकी शाखा या प्रधान कार्यालय को हस्तांतरित करता है; या
(ख) यदि वह किसी कार्य अनुबंध के निष्पादन के दौरान किसी अन्य पंजीकृत डीलर को, जिसे उसने उप-अनुबंध दिया है, ऐसे माल की आपूर्ति करता है, तो ऐसे माल की बिक्री या आपूर्ति पर इनपुट टैक्स क्रेडिट, जैसा भी मामला हो, उस पंजीकृत डीलर द्वारा कमीशन पर माल बेचने या उप-अनुबंध के निष्पादन में आपूर्ति किए गए माल का उपयोग करने के मामले में, उप-धारा (1) के प्रावधानों के अनुसार, निर्धारित तरीके से दावा किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत किसी पंजीकृत डीलर को इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं किया जाएगा और न ही उसे इसकी अनुमति दी जाएगी।
(क) अनुसूची IV में निर्दिष्ट वस्तुओं या ऐसी अन्य वस्तुओं के संबंध में जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(ख) किसी अन्य पंजीकृत डीलर से उसके द्वारा खरीदे गए इनपुट के संबंध में या उसके द्वारा निर्मित इनपुट के संबंध में, और जिसके उपयोग का अधिकार किसी अन्य डीलर को हस्तांतरित कर दिया गया हो; या
(ग) धारा 15 के प्रावधानों के तहत कर भुगतान करने की अनुमति प्राप्त पंजीकृत डीलर से खरीदे गए इनपुट के संबंध में; या
(घ) अनुसूची 1 में निर्दिष्ट वस्तुओं के निर्माण के लिए उपयोग किए गए इनपुट के संबंध में; या
(ई) स्वयं के उपभोग के लिए या उपहार के रूप में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के संबंध में।
(4) यदि इनपुट या माल का उपयोग उप-धारा (3) में निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए आंशिक रूप से किया जाता है, तो इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा उस सीमा तक कम हो जाएगा जिस सीमा तक उनका उपयोग किया जाता है।
(5) (क) कोई भी डीलर खरीदे गए इनपुट के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा तब तक नहीं करेगा जब तक कि उसके पास बिक्री के निर्धारित विवरण वाले पंजीकृत विक्रेता द्वारा हस्ताक्षरित और जारी किए गए टैक्स इनवॉइस की मूल प्रति न हो।
(ख) यदि मूल कर चालान खो जाता है, तो इनपुट टैक्स क्रेडिट केवल निर्धारित प्रपत्र और तरीके से मूल कर चालान की प्रतिलिपि के आधार पर ही दिया जाएगा।
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