BVAT Act 25अध्याय VI · Returns, Assessment, Re-assessment and Payment of Tax
धारा 25 · प्रतिफलों की जांच-पड़ताल।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) निर्धारित प्राधिकारी, निर्धारित समय के भीतर और निर्धारित तरीके से, धारा 24 की उपधारा (1) और (3) के अंतर्गत दाखिल किए गए प्रत्येक रिटर्न की जांच यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से करेगा कि--
(क) उसमें निहित सभी गणनाएँ अंकगणितीय रूप से सटीक हैं;
(ख) उत्पादन कर, इनपुट कर, देय कर और देय ब्याज, यदि कोई हो, की गणना सही और उचित रूप से की गई है;
(ग) कर की दरें सही ढंग से लागू की गई हैं; और
(घ) निर्धारित अनुसार, देय कर और ब्याज के भुगतान के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है, यदि कोई हो।
(2) यदि उपधारा (1) के तहत जांच करने पर निर्धारित प्राधिकारी को कोई त्रुटि प्राप्त होती है, तो वह संबंधित डीलर को निर्धारित प्रपत्र में एक नोटिस तामील करेगा जिसमें उसे निर्देश दिया जाएगा कि--
(क) देय ब्याज सहित कर की अतिरिक्त राशि का भुगतान तीस दिनों के भीतर करें और ऐसे भुगतान का प्रमाण देने वाला चालान प्रस्तुत करें; या
(ख) तीस दिनों के भीतर यह स्पष्ट करे कि उसके द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न में कोई त्रुटि नहीं है तथा उपधारा (1) के खंड (क) से (घ) में निर्दिष्ट सभी आवश्यकताओं का अनुपालन किया गया है।
(3) (क) निर्धारित प्राधिकारी, उपधारा (2) के खंड (ख) के अंतर्गत आने वाले मामले में, डीलर को आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने का उचित अवसर देने के बाद, मामले में ऐसा आदेश पारित करेगा जैसा वह उचित समझे।
(ख) यदि खंड (क) के तहत किसी आदेश के अनुसार किसी डीलर द्वारा कोई कर या ब्याज देय पाया जाता है, तो डीलर को निर्धारित प्रपत्र और तरीके से एक नोटिस भेजा जाएगा जिसमें उसे निर्धारित समय के भीतर कर और ब्याज का भुगतान करने के लिए कहा जाएगा।
(ग) खंड (ख) के अधीन देय कोई भी कर या ब्याज धारा 39 के अर्थ में कर का बकाया माना जाएगा।
(क) उसमें निहित सभी गणनाएँ अंकगणितीय रूप से सटीक हैं;
(ख) उत्पादन कर, इनपुट कर, देय कर और देय ब्याज, यदि कोई हो, की गणना सही और उचित रूप से की गई है;
(ग) कर की दरें सही ढंग से लागू की गई हैं; और
(घ) निर्धारित अनुसार, देय कर और ब्याज के भुगतान के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है, यदि कोई हो।
(2) यदि उपधारा (1) के तहत जांच करने पर निर्धारित प्राधिकारी को कोई त्रुटि प्राप्त होती है, तो वह संबंधित डीलर को निर्धारित प्रपत्र में एक नोटिस तामील करेगा जिसमें उसे निर्देश दिया जाएगा कि--
(क) देय ब्याज सहित कर की अतिरिक्त राशि का भुगतान तीस दिनों के भीतर करें और ऐसे भुगतान का प्रमाण देने वाला चालान प्रस्तुत करें; या
(ख) तीस दिनों के भीतर यह स्पष्ट करे कि उसके द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न में कोई त्रुटि नहीं है तथा उपधारा (1) के खंड (क) से (घ) में निर्दिष्ट सभी आवश्यकताओं का अनुपालन किया गया है।
(3) (क) निर्धारित प्राधिकारी, उपधारा (2) के खंड (ख) के अंतर्गत आने वाले मामले में, डीलर को आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने का उचित अवसर देने के बाद, मामले में ऐसा आदेश पारित करेगा जैसा वह उचित समझे।
(ख) यदि खंड (क) के तहत किसी आदेश के अनुसार किसी डीलर द्वारा कोई कर या ब्याज देय पाया जाता है, तो डीलर को निर्धारित प्रपत्र और तरीके से एक नोटिस भेजा जाएगा जिसमें उसे निर्धारित समय के भीतर कर और ब्याज का भुगतान करने के लिए कहा जाएगा।
(ग) खंड (ख) के अधीन देय कोई भी कर या ब्याज धारा 39 के अर्थ में कर का बकाया माना जाएगा।
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