धारा 66 · पीड़ित की मृत्यु का कारण बनने या उसे स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में पहुंचाने के लिए दी जाने वाली सजा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी धारा 64 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के तहत दंडनीय अपराध करता है और ऐसे अपराध के दौरान ऐसी चोट पहुंचाता है जिससे महिला की मृत्यु हो जाती है या महिला स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में चली जाती है, उसे कम से कम बीस वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, या मृत्युदंड दिया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 20 वर्ष
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 66IPC 376A
376A. Punishment for causing death or resulting in persistent vegetative state of victim.
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