बीएनएस → आईपीसी
2 प्रविष्टियाँ
जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।
(1) जहाँ कोई राशि निर्दिष्ट नहीं की गई है जिस तक जुर्माना बढ़ाया जा सकता है, वहाँ अपराधी पर लगाए जाने वाले जुर्माने की राशि असीमित होगी, परन्तु अत्यधिक नहीं होगी। (2) प्रत्येक अपराध के मामले में--- (क) कारावास और जुर्माने दोनों से दंडनीय, जिसमें अपराधी को कारावास के साथ या बिना कारावास के जुर्माना लगाया जाता है; (ख)…
पूरा पढ़ेंजुर्माना न भरने पर कारावास का विवरण।
न्यायालय द्वारा जुर्माना अदा न करने पर दी जाने वाली कारावास की सजा किसी भी प्रकार की हो सकती है, जिस प्रकार की सजा अपराधी को उस अपराध के लिए दी जा सकती थी।
पूरा पढ़ेंपीड़ित की मृत्यु का कारण बनने या उसे स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में पहुंचाने के लिए दी जाने वाली सजा।
जो कोई भी धारा 64 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के तहत दंडनीय अपराध करता है और ऐसे अपराध के दौरान ऐसी चोट पहुंचाता है जिससे महिला की मृत्यु हो जाती है या महिला स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में चली जाती है, उसे कम से कम बीस वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ उस…
पूरा पढ़ेंधारा 376A - पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र
पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र जो कोई अपनी पत्नी के साथ, जो पॄथक्करण की किसी डिक्री के अधीन या किसी प्रथा अथवा रूढ़ि के अधीन, उससे पॄथक् रह रही है, उसकी सम्मति के बिना उसके साथ मैथुन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया…
पूरा पढ़ें- BNS §8(4)IPC §66
जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।
जुर्माना न भरने पर कारावास का विवरण।
- BNS §66IPC §376A
पीड़ित की मृत्यु का कारण बनने या उसे स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में पहुंचाने के लिए दी जाने वाली सजा।
धारा 376A - पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र
