धारा 165 · कप्तान की लापरवाही के कारण एक भगोड़ा व्यापारी जहाज पर छिपा हुआ था।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
किसी व्यापारिक पोत का स्वामी या प्रभारी व्यक्ति, जिस पर भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायु सेना का कोई भगोड़ा छिपा हुआ हो, ऐसे छिपाव से अनभिज्ञ होने पर भी तीन हजार रुपये से अधिक के जुर्माने का पात्र होगा, यदि वह स्वामी या प्रभारी व्यक्ति के रूप में अपने कर्तव्य की किसी प्रकार की उपेक्षा या पोत पर अनुशासनहीनता के कारण ऐसे छिपाव का पता न लगा सका हो।
अपराध एक नज़र में
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 165IPC 137
137. Deserter concealed on board merchant vessel through negligence of master.
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