धारा 88 · जिससे गर्भपात हो जाता है।
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जो कोई भी स्वेच्छा से किसी गर्भवती महिला का गर्भपात कराता है, यदि ऐसा गर्भपात महिला का जीवन बचाने के उद्देश्य से सद्भावनापूर्वक नहीं कराया गया हो, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा; और यदि महिला गर्भ धारण कर चुकी हो, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी देना होगा।
स्पष्टीकरण.—जो महिला स्वयं गर्भपात कराती है, वह इस धारा के दायरे में आती है।
स्पष्टीकरण.—जो महिला स्वयं गर्भपात कराती है, वह इस धारा के दायरे में आती है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 7 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- न्यायालय की अनुमति से समझौता योग्य
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 88IPC 312
312. Causing miscarriage.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
