धारा 166 · सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अवज्ञा के कृत्य में सहायता करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायु सेना में कार्यरत किसी अधिकारी, सैनिक, नाविक या वायुसैनिक द्वारा अवज्ञा के कृत्य को जानबूझकर उकसाता है, यदि ऐसा कृत्य उस उकसावे के परिणामस्वरूप किया जाता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 2 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 166IPC 138
138. Abetment of act of insubordination by soldier, sailor or airman.
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